मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर बेखौफ बदमाशों का तांडव उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए बेखौफ बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। लोहिया नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेरठ-बुलंदशहर हाईवे स्थित अल्लीपुर गांव में शुक्रवार की रात हथियारबंद बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। बदमाशों का निशाना बनी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की बंद पड़ी 'अल फहीम मीटेक्स' (Al Faheem Meatex) फैक्ट्री। पुलिस गश्त और हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए करीब 10 से 12 की संख्या में आए इन हथियारबंद बदमाशों ने फैक्ट्री परिसर में घुसकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को बंधक बना लिया और घंटों तक लूटपाट की घटना को अंजाम दिया।Read also:-मेरठ में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मिलेगी रफ्तार: औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए सिटी बस सेवा के दो नए मार्गों का प्रस्ताव पेश
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बारिश और अंधेरे का फायदा उठाकर दिया वारदात को अंजाम वर्ष 2019 से सील और बंद पड़ी इस विशाल मीट फैक्ट्री में बिजली का कनेक्शन नहीं है, जिसके कारण रात के समय पूरे परिसर में घुप अंधेरा छाया रहता है। फैक्ट्री की रखवाली के लिए प्रबंधन द्वारा दिन-रात सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई है। शुक्रवार की रात मौसम खराब था और तेज बारिश हो रही थी। बारिश से बचने के लिए फैक्ट्री के सुरक्षा गार्ड अंदर एक कमरे में मौजूद थे। इसी खराब मौसम और घने अंधेरे का फायदा उठाते हुए बदमाश फैक्ट्री की ऊंची दीवार फांदकर अंदर दाखिल हो गए। बदमाशों की यह योजना पूरी तरह से सुनियोजित लग रही थी, क्योंकि उन्हें पता था कि बारिश के शोर में उनके दाखिल होने की भनक किसी को नहीं लगेगी।
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बंदूक की नोक पर गार्डों को बनाया बंधक फैक्ट्री के सुपरवाइजर मुमताज अहमद और पीड़ित गार्डों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, परिसर में दाखिल होते ही बदमाशों ने सबसे पहले सुरक्षा गार्डों को अपने निशाने पर लिया। बदमाशों के हाथों में अवैध पिस्टल और अन्य घातक हथियार थे। उन्होंने सोते और आराम करते हुए गार्डों को अचानक घेर लिया और पिस्टल तानकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। जब कुछ गार्डों ने विरोध करने का प्रयास किया, तो हथियारबंद बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की और डरा-धमका कर उन्हें खामोश कर दिया। इसके बाद बदमाशों ने सभी गार्डों के मोबाइल फोन छीन लिए ताकि वे पुलिस या फैक्ट्री प्रबंधन को किसी भी प्रकार की सूचना न दे सकें। दहशत में आए सभी गार्डों को बदमाशों ने फैक्ट्री के ही एक अंधेरे कमरे में बंद कर दिया और बाहर से कुंडी लगा दी।
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4 घंटे तक बेखौफ होकर खंगालते रहे फैक्ट्री का कोना-कोना गार्डों को बंधक बनाने के बाद बदमाशों ने पूरी फैक्ट्री को अपने कब्जे में ले लिया। रात के सन्नाटे में वे करीब चार घंटे तक फैक्ट्री के भीतर बेखौफ होकर घूमते रहे। इस दौरान उन्होंने करोड़ों रुपये की मशीनों और अन्य कीमती उपकरणों को खंगाला। बदमाशों ने विशेष रूप से भारी और कीमती धातुओं को अपना निशाना बनाया। उन्होंने इत्मीनान से उपकरणों को खोला और दो बड़े फ्रीजरों में लगी 32 एल्युमिनियम की कीमती प्लेटें निकाल लीं। इसके अलावा, मशीनों में लगी छोटी मोटरें, तांबे के तार और अन्य बहुमूल्य सामान भी वे अपने साथ समेट ले गए। चार घंटे के इस लंबे समय से यह स्पष्ट होता है कि बदमाशों को किसी भी तरह का पुलिस का खौफ नहीं था और वे पूरी तरह से पेशेवर तरीके से चोरी करने के इरादे से ही आए थे।
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पुलिस और फैक्ट्री प्रबंधन के बयानों में बड़ा विरोधाभास तड़के जब बदमाश सारा माल समेटकर वहां से फरार हो गए, तब किसी तरह मशक्कत के बाद बंधक बने गार्ड कमरे से बाहर निकलने में कामयाब हुए। उन्होंने तुरंत घटना की जानकारी फैक्ट्री के सुपरवाइजर मुमताज अहमद को दी। इसके बाद पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के परिजनों और लोहिया नगर थाना पुलिस को इस दुस्साहसिक वारदात की सूचना दी गई।
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पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने की कोशिश की। लेकिन इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। फैक्ट्री प्रबंधन और गार्डों का साफ आरोप है कि बदमाशों ने हथियारों के बल पर उन्हें बंधक बनाया, मारपीट की और फिर डकैती/लूट की वारदात को अंजाम दिया। लेकिन पुलिस ने इस गंभीर घटना को महज 'चोरी' की धाराओं (आईपीसी/बीएनएस की सामान्य चोरी की धाराओं) में दर्ज किया है। पुलिस द्वारा डकैती या हथियारों के बल पर बंधक बनाने की धाराओं को नजरअंदाज करने से प्रबंधन में भारी रोष है।
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लोहियानगर थाना प्रभारी सुमित तोमर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि फैक्ट्री में चोरी की शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस की कई टीमें मामले की जांच में जुटी हुई हैं। चूंकि फैक्ट्री के अंदर बिजली नहीं थी, इसलिए वहां के कैमरे बंद थे, लेकिन पुलिस हाईवे और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों के आने-जाने के रास्तों और उनके वाहनों की पहचान की जा सके।
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औद्योगिक क्षेत्र में दहशत का माहौल पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की फैक्ट्री में हुई इस वारदात ने पूरे अल्लीपुर गांव और मेरठ-बुलंदशहर हाईवे के आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। इस इलाके में कई अन्य छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां संचालित होती हैं, जहां रात की शिफ्ट में काम होता है और गार्ड तैनात रहते हैं। 10-12 हथियारबंद बदमाशों के इस तरह दीवार फांदकर अंदर घुसने और 4 घंटे तक तांडव मचाने की खबर से दूसरी फैक्ट्रियों के सुरक्षा कर्मचारी और मालिक भी खौफजदा हैं।
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स्थानीय लोगों और उद्यमियों का कहना है कि हाईवे पर पुलिस की गश्त केवल कागजों तक सीमित रह गई है। इतनी बड़ी संख्या में हथियार लेकर बदमाशों का बेखौफ घूमना और वारदात को अंजाम देना पुलिस की रात्रिकालीन गश्त पर गंभीर सवालिया निशान लगाता है। आसपास के फैक्ट्री मालिकों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाए और जल्द से जल्द इस गिरोह का पर्दाफाश कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए, ताकि इलाके में शांति और सुरक्षा का माहौल दोबारा कायम हो सके। फिलहाल, सबकी निगाहें मेरठ पुलिस की जांच और उनकी अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।