खबरीलाल डेस्क
अनिल कुमार शर्मा, विशेष संवाददाता | खबरीलाल मीडिया
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बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में महिला सुरक्षा, उनके अधिकार और सशक्तिकरण को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। शुक्रवार को बिजनौर पहुंचीं राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women - NCW) की माननीय अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर का कलेक्ट्रेट परिसर में भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात, कलेक्ट्रेट स्थित ऐतिहासिक 'महात्मा विदुर सभागार' में उन्होंने जिले के तमाम वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक मैराथन समीक्षा बैठक की।Read also:-मेरठ: 'नाबालिग' की सूचना पर होटल में 3 घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा, पुलिस जांच में 'बालिग' निकला जोड़ा, परिजनों को सौंपा
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इस बैठक का मुख्य एजेंडा उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखना और कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना था। श्रीमती विजया रहाटकर ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण का मतलब केवल योजनाएं लागू करना नहीं है, बल्कि महिलाओं को समाज में निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करना है।
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कलेक्ट्रेट के विदुर सभागार में भव्य स्वागत और अहम समीक्षा

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राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के बिजनौर आगमन पर जिला प्रशासन द्वारा प्रोटोकॉल के तहत उनका भव्य स्वागत किया गया। महात्मा विदुर सभागार में आयोजित इस अहम बैठक में जिले के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक की शुरुआत में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए संचालित की जा रही तमाम कल्याणकारी योजनाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया।
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श्रीमती विजया रहाटकर ने एक-एक कर सभी योजनाओं—जैसे मिशन शक्ति, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन, और स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से दिए जा रहे रोजगार के अवसरों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने पुलिस विभाग से महिला अपराधों पर की जा रही त्वरित कार्रवाई और 'वन स्टॉप सेंटर' की कार्यप्रणाली की भी विस्तृत रिपोर्ट तलब की।
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मिशन 2030: भारत को 'बाल विवाह मुक्त' बनाने का महासंकल्प

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समीक्षा बैठक के दौरान जो सबसे बड़ा और गंभीर मुद्दा उभरकर सामने आया, वह था 'बाल विवाह'। समाज में आज भी कई ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में बाल विवाह जैसी कुप्रथाएं गुपचुप तरीके से पनप रही हैं। इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने एक बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य का ऐलान किया।
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उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि भारत सरकार और राष्ट्रीय महिला आयोग ने वर्ष 2030 तक पूरे देश को बाल विवाह (Child Marriage) से पूरी तरह मुक्त करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बिजनौर प्रशासन को निर्देशित किया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिले में एक विशेष टास्क फोर्स बनाई जाए। गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाए जाएं और ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और पुलिस बीट प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाए। यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
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कार्यस्थलों पर सुरक्षा: 'आंतरिक शिकायत समिति' (ICC) का गठन अनिवार्य

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आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, चिकित्सा हो, कॉर्पोरेट हो या हॉस्पिटैलिटी सेक्टर। ऐसे में उनके कार्यस्थल (Workplace) को पूरी तरह से सुरक्षित और भयमुक्त बनाना नियोक्ताओं और प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
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इस दिशा में कड़ा रुख अपनाते हुए श्रीमती विजया रहाटकर ने 'पॉश एक्ट' (POSH Act - Prevention of Sexual Harassment) का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के ऐसे सभी संस्थान—चाहे वह प्राइवेट स्कूल हों, अस्पताल हों, होटल हों या कोई अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी (सदस्य) कार्यरत हैं—वहां अनिवार्य रूप से 'आंतरिक शिकायत समिति' (Internal Complaints Committee - ICC) का गठन किया जाना चाहिए।
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उन्होंने श्रम विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि संस्थानों में यह कमेटियां केवल कागजों पर न बनी हों, बल्कि धरातल पर सक्रिय हों। महिलाओं को यह पता होना चाहिए कि यदि उनके साथ कार्यस्थल पर कोई भी अनुचित व्यवहार होता है, तो वे निडर होकर कहां अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
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कागजी आंकड़ों से बाहर निकले महिला सशक्तिकरण

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बैठक के दौरान एक बहुत ही मार्मिक और यथार्थवादी बात कहते हुए एनसीडब्ल्यू (NCW) अध्यक्ष ने कहा कि महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) को हमें केवल सरकारी योजनाओं के आंकड़ों (Data) और फाइलों से बाहर निकालना होगा। अक्सर देखा जाता है कि योजनाओं का लाभ फाइलों में तो शत-प्रतिशत दिखता है, लेकिन धरातल पर महिलाएं आज भी अपने अधिकारों से वंचित हैं।
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उन्होंने जोर देकर कहा कि असली सशक्तिकरण तब है जब एक महिला न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर (Self-Reliant) बने, बल्कि वह पूरी सुरक्षा और सम्मान (Dignity) के साथ अपना जीवन यापन कर सके। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, उनके लिए नए बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें कौशल विकास (Skill Development) के जरिए अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए प्रशासन को सभी संभव पहलुओं पर जोर देना होगा। जब महिला आर्थिक रूप से मजबूत होगी, तो समाज में उसकी आवाज को कोई दबा नहीं सकेगा।
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'विदुर ब्रांड' की जमकर हुई सराहना

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बिजनौर जिले की एक ऐतिहासिक पहचान है और यहां के स्थानीय उत्पाद पूरे प्रदेश में अपनी एक अलग जगह बना रहे हैं। बैठक के दौरान जब राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के सामने बिजनौर के चर्चित 'विदुर ब्रांड' (Vidur Brand) के उत्पादों को प्रस्तुत किया गया, तो उन्होंने इसकी जमकर सराहना की।
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उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं द्वारा 'विदुर ब्रांड' के तहत तैयार किए जा रहे उत्पाद महिलाओं की मेहनत, उनके हुनर और उनकी आत्मनिर्भरता का जीता-जागता प्रमाण हैं। ऐसे स्थानीय ब्रांड्स को बढ़ावा देने से 'वोकल फॉर लोकल' (Vocal for Local) का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इन महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बेहतर मार्केट उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का सहारा लिया जाए।
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महिलाओं को निर्णय लेने में सशक्त बनाने पर जोर 

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समीक्षा बैठक के समापन अवसर पर श्रीमती विजया रहाटकर ने सभी अधिकारियों को एक स्पष्ट और सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारा अंतिम लक्ष्य महिलाओं को केवल सुरक्षा प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें समाज, परिवार और राजनीति में 'निर्णय लेने में सशक्त' (Decision Making) बनाना है।
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जब तक एक महिला अपने जीवन से जुड़े फैसले खुद लेने के लिए स्वतंत्र और सक्षम नहीं होगी, तब तक सशक्तिकरण का चक्र पूरा नहीं होगा। उन्होंने पुलिस महकमे को निर्देश दिए कि महिला थानों और महिला हेल्प डेस्क पर आने वाली हर पीड़िता के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया जाए और उन्हें त्वरित न्याय दिलाया जाए। इस उच्च स्तरीय बैठक ने बिजनौर प्रशासन के सामने महिला सुरक्षा और उनके उत्थान को लेकर एक नया और स्पष्ट रोडमैप तैयार कर दिया है।
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