खबरीलाल डेस्क
Weather Update: देशभर में मौसम ने एक बार फिर से अचानक करवट ले ली है। जो मॉनसून सितंबर की शुरुआत में कमजोर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा था, उसने अचानक से यू-टर्न (U-Turn) ले लिया है। कहीं झुलसाने वाली तेज धूप लोगों को बेहाल कर रही है, तो कहीं अचानक उमड़ते काले बादल मूसलाधार बारिश में तब्दील हो रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मॉनसून एक बार फिर से बेहद सक्रिय (Active Monsoon) हो गया है।
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​बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के ऊपर एक मजबूत 'कम दबाव का क्षेत्र' (Low-Pressure Area) बन रहा है, जो आने वाले 48 से 72 घंटों में पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के मौसम को पूरी तरह से झकझोर कर रख देगा। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 10 से 14 सितंबर के बीच देश के 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) का हाई अलर्ट जारी कर दिया है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि आपके राज्य और शहर में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।
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​मौसम के अचानक बदलने का वैज्ञानिक कारण क्या है?

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​मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, सितंबर के महीने में आमतौर पर मॉनसून की विदाई की उलटी गिनती शुरू हो जाती है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं का घेरा) ने एक निम्न दबाव का क्षेत्र तैयार कर दिया है। यह सिस्टम अब धीरे-धीरे मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत की तरफ खिसक रहा है। यह अपने साथ समुद्र से भारी मात्रा में नमी (Moisture) खींच रहा है, जो जमीन पर आते ही विशाल बादलों का निर्माण कर रही है। यही कारण है कि जिन राज्यों में पिछले एक हफ्ते से सूखी और चुभने वाली गर्मी पड़ रही थी, वहां अब अचानक गरज-चमक के साथ तूफानी बारिश होने जा रही है।
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​दिल्ली-NCR: उमस भरी गर्मी से मिलेगी राहत, 11 से 14 सितंबर तक बदलेगा मिजाज

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​राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से चिपचिपी और उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। चिलचिलाती धूप और नमी के कारण दिन का तापमान लगातार असहज बना हुआ है।
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​IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में मौसम का यह क्रूर मिजाज अब बदलने जा रहा है। 11 से 14 सितंबर के बीच आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ जाएगी। हालांकि, आज (10 सितंबर) को आसमान में केवल आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 34 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जिससे आज बारिश के आसार थोड़े कम हैं। लेकिन, 11 और 12 सितंबर को मौसम पूरी तरह से पलट जाएगा और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में झमाझम बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। इस बारिश से न केवल तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी कमी दर्ज की जाएगी।
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​उत्तर प्रदेश: पूरब में बिजली गिरने का खतरा, पश्चिम में कैसा रहेगा मौसम?

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​देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की बात करें तो मौसम विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग-अलग अलर्ट जारी किए हैं।
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    पूर्वी यूपी का हाल: मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही कुछ जगहों पर तेज आंधी-तूफान (Thunderstorm) की चेतावनी भी दी गई है। लोगों को खास तौर पर आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की घटनाओं से सतर्क रहने को कहा गया है।
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    पश्चिमी यूपी (मेरठ, बिजनौर और आसपास): पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे कृषि-प्रधान जिलों में आज मौसम में बहुत बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। लेकिन 11 सितंबर के बाद यहां भी बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं का असर दिखना शुरू हो जाएगा। किसानों के लिए यह बारिश मिली-जुली प्रतिक्रिया लेकर आएगी, इसलिए फसलों के प्रबंधन में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
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बिहार: बाढ़ की विभीषिका और ऊपर से आसमानी आफत

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​बिहार के लिए यह बारिश का अलर्ट किसी बड़े संकट से कम नहीं है। राज्य में पिछले कई हफ्तों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हालात पहले से ही बेकाबू हैं।
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वर्तमान स्थिति यह है कि गंगा नदी समेत राज्य की 8 प्रमुख नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। कोसी, गंडक और घाघरा जैसी उग्र नदियां अपने रौद्र रूप में बह रही हैं, जिसके कारण 14 जिलों में भयंकर बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। हजारों गांव जलमग्न हो चुके हैं। इस बीच, मौसम विभाग ने आज भी राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी है। बारिश के साथ-साथ भयंकर आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है।
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​ओडिशा, बंगाल और मध्य भारत: कहां मचेगी सबसे ज्यादा तबाही?

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​चूंकि निम्न दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी में बना है, इसलिए तटीय राज्यों में इसका सबसे पहला और सबसे घातक असर देखने को मिलेगा।
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    ओडिशा और पश्चिम बंगाल: 10 और 11 सितंबर को ओडिशा के कई जिलों में 'भारी से बहुत भारी बारिश' (Red/Orange Alert) की चेतावनी है। यही स्थिति पश्चिम बंगाल की भी रहने वाली है, जहां तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश जनजीवन अस्त-व्यस्त कर सकती है।
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    मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य भारत में यह सिस्टम 11 सितंबर से अपना पूरा असर दिखाएगा। मध्य प्रदेश में 11 और 12 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है, जबकि छत्तीसगढ़ में 13 सितंबर तक लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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    दक्षिण भारत (तेलंगाना और आंध्र प्रदेश): मॉनसून की वापसी का असर दक्षिण के राज्यों में भी रहेगा। तेलंगाना में 10 से 13 सितंबर तक और आंध्र प्रदेश में 11 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
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मौसम विभाग (IMD) की एडवाइजरी: क्या करें, क्या न करें?

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​इस भीषण मौसमी बदलाव को देखते हुए मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम जनता के लिए कुछ सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं:
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    बिजली से बचाव: आंधी-तूफान के दौरान किसी भी पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे खड़े न हों। अगर आप खेत में हैं, तो तुरंत किसी पक्के मकान में शरण लें।
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    इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: आकाशीय बिजली चमकने के दौरान घर के प्लग से टीवी, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निकाल दें।
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    जलभराव वाले इलाके: निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें और जलभराव वाले रास्तों से वाहन निकालने से बचें। नदियां और नाले उफान पर हो सकते हैं।
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    किसानों के लिए सलाह: खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी (Drainage) की उचित व्यवस्था करें। अभी कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें।
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Disclaimer (अस्वीकरण): इस लेख में दी गई मौसम की जानकारी और पूर्वानुमान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट और विभिन्न समाचार स्रोतों पर आधारित हैं। चूंकि मौसम की स्थिति में पल-पल बदलाव संभव है, इसलिए यात्रा करने या किसी भी कृषि-संबंधी निर्णय लेने से पहले IMD की आधिकारिक वेबसाइट (mausam.imd.gov.in) या अपने स्थानीय मौसम केंद्र से सटीक और नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। यह खबर केवल जन-जागरूकता और सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।
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