खबरीलाल टीम
Voter List SIR Form: अगर आप उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान या पश्चिम बंगाल समेत देश के उन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रहते हैं जहां मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) चल रहा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। चुनाव आयोग (ECI) की तरफ से SIR फॉर्म (Enumeration Form) भरने की अंतिम तारीख अब बेहद नजदीक है।READ ALSO:-बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट: मेरठ समेत 14 जिलों में स्मार्ट मीटर अब हुए 'प्रीपेड', रिचार्ज न होने पर कट सकती है बिजली; जानिए नई व्यवस्था

 

अब आपके पास केवल 5 दिन शेष हैं। अगर आपने 11 दिसंबर तक यह फॉर्म नहीं भरा, तो आपका नाम वोटर लिस्ट से कट सकता है। ऐसा होने पर आप न केवल मतदान के अधिकार से वंचित रह जाएंगे, बल्कि कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी आपको नहीं मिल पाएगा।

 

11 दिसंबर है आखिरी मौका

चुनाव आयोग ने SIR फॉर्म भरने की डेडलाइन 11 दिसंबर तय की है। यह प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई थी। जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में पहले से दर्ज है, उनका सत्यापन 2002 या 2003 की पुरानी वोटर लिस्ट (अलग-अलग राज्यों के आधार पर) से किया जा रहा है।

 

यह अभियान विशेष रूप से यूपी, एमपी, बंगाल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, तमिलनाडु और गोवा जैसे 9 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में चलाया जा रहा है।

 

SIR फॉर्म नहीं भरा तो क्या होगा?

अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि अगर फॉर्म नहीं भरा तो क्या जुर्माना लगेगा? चुनाव आयोग ने साफ किया है कि जुर्माना या सजा का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन इसका नुकसान बहुत बड़ा है:

 

  1. वोटर लिस्ट से नाम हटना: यदि कोई व्यक्ति निर्धारित अवधि में SIR फॉर्म (एन्युमरेशन फॉर्म) नहीं भरता है, तो उसका नाम 16 दिसंबर को जारी होने वाली 'ड्राफ्ट वोटर लिस्ट' (Draft Voter List) में शामिल नहीं किया जाएगा।
  2. मताधिकार से वंचित: नाम कटने पर आप आगामी विधानसभा, लोकसभा या निकाय चुनावों में वोट नहीं डाल पाएंगे।
  3. सरकारी योजनाओं पर असर: कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय सरकारी योजनाओं (जैसे राशन कार्ड, आवास योजना) में वोटर आईडी एक अहम दस्तावेज होता है। नाम कटने पर आप इन लाभों से वंचित हो सकते हैं।

 

किसे भरना है यह फॉर्म?

  • जिनका नाम मौजूदा वोटर लिस्ट में है, उन्हें अपना सत्यापन कराने के लिए यह फॉर्म भरना जरूरी है।
  • यदि आपके माता-पिता या दादा-दादी का नाम 2002/2003 की वोटर लिस्ट में था, तो आपको उसी आधार पर अपना विवरण देना होगा।
  • जिनका नाम SIR लिस्ट में नहीं है, वे भी नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म भर सकते हैं।

 

घर बैठे ऑनलाइन ऐसे भरें फॉर्म

वैसे तो बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को हर घर तीन बार जाकर फॉर्म भरवाना है। लेकिन अगर BLO आप तक नहीं पहुंच पाए हैं, तो आप खुद भी यह काम कर सकते हैं:

 

  1. चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाएं।
  2. अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
  3. वहां मौजूद SIR Form/Enumeration Form के विकल्प पर क्लिक करें।
  4. अपनी जानकारी भरें और सबमिट कर दें।

 

अगर आप यह नहीं करते हैं, तो 16 दिसंबर के बाद आपको काफी भागदौड़ करनी पड़ सकती है।

 

डेडलाइन चूक गए तो क्या विकल्प बचेगा?

अगर आप 11 दिसंबर तक फॉर्म नहीं भर पाते हैं और आपका नाम 16 दिसंबर की ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं आता है, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन प्रक्रिया थोड़ी लंबी हो जाएगी:

 

  • दावा और आपत्ति: आप जनवरी 2026 तक 'दावा और आपत्ति' (Claims and Objections) के तहत अपनी जानकारी जमा कर सकते हैं।
  • फॉर्म 6 और 8: नया नाम जोड़ने के लिए Form 6 और किसी गलती को सुधारने के लिए Form 8 भरा जा सकता है।
  • सुनवाई: ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद फॉर्म भरने पर आपको चुनाव अधिकारी के सामने पेश होकर अपनी पात्रता साबित करनी होगी। अगर आप सुनवाई में नहीं जाते हैं, तो आपका नाम फाइनल लिस्ट में नहीं आएगा।

 

लोकतंत्र में वोट देना आपका सबसे बड़ा अधिकार है। अपनी नागरिकता और अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए 11 दिसंबर से पहले SIR फॉर्म जरूर भर दें। चाहे BLO के जरिए हो या ऑनलाइन, इस प्रक्रिया को पूरा करना आपकी जिम्मेदारी है।
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