मेरठ (खबरीलाल डेस्क)। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बुधवार रात एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने ऑनलाइन डिलीवरी सिस्टम से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ईरा गार्डन में एक 'ब्लिंकिट' (Blinkit) डिलीवरी बॉय के साथ कुछ लोगों ने न सिर्फ जमकर मारपीट की, बल्कि पार्सल छीनकर उसे बिना पैसे दिए वहां से भगा दिया। विवाद इतना बढ़ा कि जब पीड़ित ने अपने साथियों को बुलाया, तो आरोपियों ने उन्हें भी एक कमरे में बंधक बनाकर पीटा। इस घटना के बाद गुस्साए दर्जनों डिलीवरी बॉयज ने पुलिस चौकी का घेराव किया।READ ALSO:-अंतरिक्ष विज्ञान में उड़ान भरने का सुनहरा मौका: पूर्व ISRO वैज्ञानिक डॉ. जयंत पी. जोशी ने डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के वेबिनार में युवाओं को दिया सफलता का मूलमंत्र
खराब रास्ते से शुरू हुआ पूरा विवाद माधवपुरम सेक्टर-3 के रहने वाले पीड़ित डिलीवरी बॉय दीपक के अनुसार, वह ब्लिंकिट कंपनी में काम करता है। बुधवार रात ड्यूटी के दौरान उसे ईरा गार्डन का एक पार्सल मिला, जो सेजल मेवाती नाम की ग्राहक के लिए था। दीपक ने बताया कि ईरा गार्डन जाने वाला रास्ता पानी और कीचड़ के कारण बेहद खराब हालत में था।
जब दीपक उस रास्ते पर पहुंचा, तो उसने पार्सल पर लिखे नंबर पर ग्राहक को कॉल किया और रास्ते की दुर्दशा बताते हुए असमर्थता जताई। दीपक ने सुझाव दिया कि इस स्थिति में वह ऑर्डर कैंसल कर दे। लेकिन आरोप है कि यह बात सुनते ही फोन पर मौजूद व्यक्ति ने दीपक के साथ अभद्रता और गाली-गलौज शुरू कर दी।
सीनियर के दबाव में जाना पड़ा, फिर हुई मारपीट गाली-गलौज के बाद दीपक ने तुरंत अपने कंपनी सीनियर से संपर्क किया और हालात बताते हुए डिलीवरी कैंसल करने की अनुमति मांगी। लेकिन दीपक के मुताबिक, सीनियर ने पार्सल को 'जरूरी' बताते हुए हर हाल में उसे ग्राहक तक पहुंचाने का दबाव डाला।

सीनियर के आदेश पर दीपक किसी तरह ईरा गार्डन स्थित फ्लैट की दूसरी मंजिल पर पहुंचा। वहां पहुंचकर उसने ग्राहक को दोबारा फोन किया। एक महिला ने उसे ऊपर आकर पार्सल देने को कहा। दीपक का आरोप है कि जैसे ही वह ऊपर पहुंचा, उसके साथ फिर से अभद्रता की गई और इसके बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के बाद आरोपियों ने पार्सल छीन लिया और उसे वहां से भगा दिया।
साथियों को बुलाया तो बंधक बनाकर पीटा गया इस घटना से घबराए दीपक ने तुरंत अपने साथी डिलीवरी बॉय समर को फोन कर पूरी आपबीती सुनाई। कुछ ही देर में समर अपने एक अन्य साथी के साथ मौके पर पहुंच गया। उन्होंने आरोपियों से पार्सल के पैसे मांगे, लेकिन यह बात आरोपियों को नागवार गुजरी।
आरोप है कि वहां अचानक 10 से 12 युवक इकट्ठा हो गए। उन्होंने दीपक, समर और उनके तीसरे साथी को घेर लिया। इसके बाद उन तीनों को खींचकर एक कमरे के अंदर ले जाया गया, जहां उन्हें बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया। तीनों डिलीवरी बॉयज किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले और सीधे माधवपुरम पुलिस चौकी पहुंचे।
गुस्साए डिलीवरी बॉयज ने 3 घंटे तक किया चौकी का घेराव जैसे ही इस घटना की जानकारी इलाके के अन्य ब्लिंकिट डिलीवरी बॉयज को मिली, भारी संख्या में डिलीवरी बॉय अपनी बाइक्स लेकर माधवपुरम चौकी पर इकट्ठा हो गए। साथियों के साथ हुई इस गुंडई और ड्यूटी के दौरान असुरक्षा की भावना से उनमें भारी रोष था।
नाराज डिलीवरी बॉयज ने आरोपियों के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर करीब तीन घंटे तक पुलिस चौकी पर डेरा डाले रखा। उनका कहना था कि वे रात-दिन लोगों का सामान पहुंचाते हैं, लेकिन उनकी खुद की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।
पुलिस का एक्शन: दो टीमें गठित, आरोपियों की तलाश जारी चौकी पर बढ़ते हंगामे की सूचना मिलते ही ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी राजेश कांबोज तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित दीपक और समर से पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली और उन्हें कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की दो विशेष टीमें तुरंत ईरा गार्डन स्थित घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। पुलिस ने उस फ्लैट और आसपास के इलाकों में दबिश दी, लेकिन आरोपी तब तक वहां से फरार हो चुके थे।
एसपी सिटी के निर्देश पर केस दर्ज, जांच शुरू यह मामला मेरठ के एसपी सिटी (SP City) विनायक गोपाल भोंसले के संज्ञान में भी लाया गया। उन्होंने थाना प्रभारी को इस मामले में आवश्यक और सख्त कानूनी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने मीडिया से बातचीत में पुष्टि करते हुए बताया, "पीड़ित डिलीवरी बॉय की ओर से हमें लिखित तहरीर मिल गई है। तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए काम कर रही है।"
इस घटना ने एक बार फिर डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है, जो अक्सर खराब मौसम, खराब रास्तों और कभी-कभी ग्राहकों के दुर्व्यवहार का शिकार होते हैं। पुलिस अब उस फ्लैट के निवासियों और फोन नंबर के आधार पर आरोपियों की कुंडली खंगाल रही है।