लखनऊ, डिजिटल डेस्क (एजुकेशन डेस्क)। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने अपनी सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक—राजस्व लेखपाल भर्ती (Revenue Lekhpal Recruitment)—को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। आयोग ने अभ्यर्थियों के विरोध और लगातार उठ रही मांगों के बाद पदों की श्रेणीवार संख्या (Category-wise Vacancy) को लेकर संशोधित नोटिफिकेशन पर स्थिति स्पष्ट की है।READ ALSO:-जनवरी 2026: नए साल के जश्न के बीच बैंकिंग की 'टेंशन'; महीने के 31 में से 16 दिन लटके रहेंगे ताले! चेक क्लीयरेंस से कैश तक हो सकती है किल्लत
गौरतलब है कि यूपी में लेखपाल का पद एक बेहद महत्वपूर्ण और जमीनी स्तर का प्रशासनिक पद माना जाता है। ऐसे में, हर साल लाखों अभ्यर्थी इस भर्ती का इंतजार करते हैं। लेकिन, 2025-26 की भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पदों के आरक्षण और बंटवारे को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। विशेष रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थी पुराने नोटिफिकेशन में आवंटित सीटों की संख्या से नाखुश थे। आइए विस्तार से समझते हैं कि पुराना गणित क्या था, विवाद क्यों हुआ और अब चयन की प्रक्रिया क्या होगी।
पुराने नोटिफिकेशन का विवाद: क्या थे आंकड़े?
UPSSSC द्वारा जब लेखपाल भर्ती का प्रारंभिक खाका या नोटिफिकेशन तैयार किया गया था, तो उसमें पदों का बंटवारा कुछ ऐसा था जिसने एक बड़े वर्ग को नाराज कर दिया था। आयोग द्वारा जारी किए गए पहले आंकड़ों के अनुसार, कुल पदों का झुकाव सामान्य श्रेणी (General Category) की ओर अधिक दिख रहा था, जबकि आरक्षित वर्गों, विशेषकर ओबीसी को उनकी आबादी और आरक्षण के अनुपात में कम सीटें मिलती दिख रही थीं।
पहले जारी नोटिफिकेशन के अनुसार पदों का विवरण इस प्रकार था:
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सामान्य वर्ग (General/UR): 4165 पद
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अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 1441 पद
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अनुसूचित जाति (SC): 1446 पद
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अनुसूचित जनजाति (ST): 150 पद
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आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 792 पद
इन आंकड़ों को देखते ही ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया से लेकर आयोग के दफ्तर तक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। अभ्यर्थियों का तर्क था कि ओबीसी के लिए आरक्षित पदों की संख्या (1441) नियमों के मुताबिक पर्याप्त नहीं है, जबकि सामान्य वर्ग के लिए 4165 पद बहुत अधिक हैं। इस भारी अंतर को लेकर अभ्यर्थियों ने आयोग से मांग की थी कि पदों का पुनर्निर्धारण (Restructuring) किया जाए और आरक्षित वर्ग को उनका उचित हक मिले।
आयोग ने सुनी गुहार: संशोधित नोटिफिकेशन का रास्ता साफ
अभ्यर्थियों के भारी दबाव और तर्कों को देखते हुए, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने संवेदनशीलता दिखाई। आयोग ने श्रेणीवार पदों की संख्या को लेकर एक संशोधित नोटिफिकेशन (Revised Notification) जारी करने की प्रक्रिया अपनाई। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब जारी होने वाली अंतिम विज्ञप्ति में ओबीसी और अन्य आरक्षित श्रेणियों के पदों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
जानकारों का मानना है कि संशोधित नोटिफिकेशन में ओबीसी के पदों में बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे कट-ऑफ और फाइनल मेरिट लिस्ट पर गहरा असर पड़ेगा। यह कदम न केवल भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा बल्कि भविष्य में होने वाले किसी भी कानूनी विवाद (Legal Hurdles) से भी भर्ती को सुरक्षित रखेगा।
UP Lekhpal Vacancy 2025: चयन प्रक्रिया का पूरा ब्लूप्रिंट
अगर आप भी इस भर्ती में शामिल होने का सपना देख रहे हैं, तो आपको चयन प्रक्रिया की हर बारीकी पता होनी चाहिए। आयोग ने स्पष्ट किया है कि लेखपाल पद के लिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता आधारित होगी। इसमें इंटरव्यू का कोई प्रावधान नहीं है, जो भ्रष्टाचार को रोकने के लिए यूपी सरकार का एक अहम कदम है।
चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से दो चरणों में विभाजित है:
1. लिखित परीक्षा (Mains Written Exam): यह चयन का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। जो अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट होंगे, उन्हें मुख्य परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। परीक्षा ओएमआर (OMR) आधारित या कंप्यूटर आधारित (CBT) हो सकती है। इसमें सामान्य हिंदी, गणित, सामान्य ज्ञान और ग्राम्य समाज एवं विकास (Rural Development) से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
2. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (Document Verification - DV): लिखित परीक्षा में मेरिट के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। इस चरण में आपके शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट (यदि लागू हो) की गहन जांच की जाएगी।
कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility Criteria)
यूपी लेखपाल भर्ती 2025-26 के लिए आयोग ने पात्रता की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट कर दी हैं। सबसे बड़ी शर्त यह है कि सिर्फ वही कैंडिडेट अप्लाई कर सकते हैं, जो यूपी पीईटी 2025 (UP PET 2025) में सफल हुए हैं।
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PET स्कोरकार्ड: यह अनिवार्य है। आयोग पीईटी 2025 के स्कोर के आधार पर ही अभ्यर्थियों को लेखपाल की मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट करेगा। यानी, अगर आपने पीईटी परीक्षा नहीं दी है या उसमें आपका स्कोर आयोग द्वारा निर्धारित कट-ऑफ से कम है, तो आप आवेदन की दौड़ से बाहर हो जाएंगे।
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शैक्षणिक योग्यता: अभ्यर्थी का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (इंटरमीडिएट) पास होना अनिवार्य है।
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आयु सीमा: सामान्यतः लेखपाल भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष के बीच होती है। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट प्रदान की जाएगी।
ग्राम्य समाज एवं विकास: 'गेम चेंजर' विषय
यूपी लेखपाल की परीक्षा में सबसे निर्णायक भूमिका 'ग्राम्य समाज एवं विकास' विषय निभाता है। चूंकि लेखपाल का कार्यक्षेत्र गांव होता है, इसलिए आयोग यह परखता है कि अभ्यर्थी को ग्रामीण परिवेश, सरकारी योजनाओं, भूमि मापन इकाइयों (बीघा, बिस्वा, हेक्टर) और राजस्व परिषद के कार्यों की कितनी समझ है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि अभ्यर्थी अभी से केंद्र और राज्य सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं (जैसे- मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि) का अध्ययन शुरू कर दें।
आरक्षण का दांव और कट-ऑफ का गणित
संशोधित नोटिफिकेशन में ओबीसी पदों की संख्या बढ़ने से प्रतियोगिता के समीकरण बदल जाएंगे।
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अगर पद बढ़ते हैं: तो ओबीसी श्रेणी की कट-ऑफ में थोड़ी राहत मिल सकती है।
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जनरल कैटेगिरी पर असर: यदि जनरल कोटे से सीटें कम करके ओबीसी में जोड़ी जाती हैं, तो सामान्य वर्ग के लिए प्रतिस्पर्धा और कड़ी हो जाएगी।
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EWS फैक्टर: 792 पदों के साथ EWS श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए भी अच्छा मौका है, लेकिन इसके लिए वैलिड फाइनेंशियल ईयर का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य होगा।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण चेकलिस्ट
आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (upsssc.gov.in) पर नोटिफिकेशन जारी होने के बाद आवेदन की होड़ मच जाएगी। इसलिए, अभ्यर्थियों को निम्नलिखित दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए:
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UP PET 2025 का स्कोरकार्ड/रजिस्ट्रेशन नंबर।
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10वीं और 12वीं की मार्कशीट और सनद।
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जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate): ओबीसी, एससी और एसटी के लिए (नवीनतम होना चाहिए)।
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मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)।
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EWS प्रमाण पत्र: यदि आप आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं।
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आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो।
तैयारी में जुट जाएं युवा
यूपीएसएसएससी द्वारा पुरानी गलतियों को सुधारते हुए संशोधित नोटिफिकेशन जारी करने का निर्णय स्वागत योग्य है। यह दर्शाता है कि आयोग छात्रों के हितों के प्रति सजग है। हालांकि, पदों की संख्या चाहे जो भी हो, अंतिम चयन उसी का होगा जिसकी तैयारी ठोस होगी। पीईटी 2025 के स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर आने वाले अपडेट्स पर ही भरोसा करें। लेखपाल बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए आने वाला साल (2026) सुनहरे अवसर लेकर आ रहा है।