खबरीलाल टीम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पड़ रही प्रचंड गर्मी और आसमान से बरसती आग के बीच बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर सामने आई है। पिछले काफी समय से पूरे प्रदेश में 'स्मार्ट प्रीपेड मीटर' (Smart Prepaid Meters) को लेकर हाहाकार मचा हुआ था। रोजाना बैलेंस खत्म होने और अचानक घर की बत्ती गुल हो जाने से आम जनता, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग, भारी मानसिक और आर्थिक तनाव से गुजर रहा था। जनता की इसी परेशानी और आक्रोश को देखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला लिया है।READ ALSO:-मेरठ में 'स्मार्ट मीटर' पर महाबवाल: गुस्साए उपभोक्ताओं का फूटा सब्र, भड़की महिलाओं ने बीच कैंप में बिजली अफसरों को थमाईं चूड़ियां

 

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा (AK Sharma) ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए कई बड़े बदलावों की घोषणा की है। इन बदलावों ने प्रीपेड मीटर के सबसे बड़े डर— 'अचानक बिजली कटने' को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। सबसे बड़ी राहत 1 किलोवाट (1 KW) के उपभोक्ताओं को मिली है, जिनके लिए अब प्रीपेड मीटर वापस 'पोस्टपेड' की तरह काम करेगा। इसके अलावा, रविवार और त्योहारों पर बिजली न काटने का कड़ा फरमान भी जारी किया गया है। आइए, योगी सरकार के इन जनहितकारी फैसलों और नए नियमों को विस्तार से समझते हैं।

 

रोज की कमाई, रोज का खर्च: क्या थी असली समस्या?

उत्तर प्रदेश में लाखों परिवार ऐसे हैं जो दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, रेहड़ी-पटरी लगाते हैं या छोटे-मोटे काम करके अपना घर चलाते हैं। इन परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि वे अपनी रोजमर्रा की कमाई में से स्मार्ट मीटर के लिए तुरंत पैसे नहीं जुटा पा रहे थे।

 

  • रिचार्ज की टेंशन: सुबह काम पर जाने की जल्दी और रात को थककर लौटने वाले इन मजदूरों के पास न तो इतना समय होता था और न ही तकनीकी ज्ञान कि वे रोज-रोज अपना बैलेंस चेक करें।
  • अंधेरे में कटती रातें: बैलेंस शून्य (Zero) होते ही प्रीपेड मीटर ऑटोमैटिक तरीके से घर की बिजली काट देता था। इस भीषण गर्मी में अचानक बिजली कटने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों का हाल बेहाल हो जाता था।

 

जनता की इस वास्तविक और जमीनी पीड़ा को समझते हुए राज्य सरकार ने नियमों में भारी बदलाव कर उन्हें एक बड़ी 'संजीवनी' दी है।

 

1 किलोवाट उपभोक्ताओं की मौज: अब 'प्रीपेड' बन गया 'पोस्टपेड'

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा द्वारा की गई घोषणा में सबसे क्रांतिकारी कदम 1 किलोवाट (1 KW) भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए उठाया गया है। यह वह वर्ग है जो आर्थिक रूप से सबसे ज्यादा संवेदनशील है।

 

  • 30 दिन की पूरी आजादी: अब 1 किलोवाट कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को रोज-रोज अपना स्मार्ट मीटर रिचार्ज करने के झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है। उन्हें अब रिचार्ज करने के लिए पूरे 30 दिन का समय मिलेगा।
  • शून्य बैलेंस पर भी जलेगी बत्ती: इन 30 दिनों के दौरान अगर उनके मीटर का बैलेंस खत्म होकर शून्य (0) हो जाता है या माइनस (Negative) में चला जाता है, तब भी उनके घर की बिजली नहीं काटी जाएगी।
  • पुरानी व्यवस्था की वापसी: ऊर्जा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि एक किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं का प्री-पेड मीटर अब पूरी तरह से पुराने 'सामान्य/पोस्ट-पेड मीटर' की तरह ही काम करेगा। जिस तरह लोग पहले महीने के अंत में बिल का भुगतान करते थे, अब वे 30 दिन पर या उससे पहले अपनी सहूलियत के हिसाब से रिचार्ज करा सकेंगे। इससे गरीब परिवारों को पैसों का इंतजाम करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।

 

2 किलोवाट वालों को 'ग्रेस पीरियड' (Grace Period) का सुरक्षा कवच

सरकार ने केवल 1 किलोवाट वालों का ही नहीं, बल्कि 2 किलोवाट (2 KW) का कनेक्शन इस्तेमाल करने वाले मध्यम वर्गीय परिवारों का भी पूरा ध्यान रखा है। कई बार नौकरीपेशा लोगों का वेतन आने में देरी हो जाती है या घर में कोई आकस्मिक खर्च आ जाता है, जिससे तुरंत रिचार्ज करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में उनके लिए विशेष 'ग्रेस पीरियड' लागू किया गया है:

 

  • 3 दिन की मोहलत: नए आदेश के अनुसार, 2 किलोवाट भार तक के घरेलू उपभोक्ता का बैलेंस यदि शून्य हो जाता है, तो भी अगले 3 दिन तक उनकी विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
  • -200 रुपये तक की छूट: जब तक उनके स्मार्ट मीटर का बैलेंस माइनस 200 रुपये (- ₹200) के स्तर तक नहीं पहुंच जाता, तब तक उनके घर की बिजली चालू रहेगी। यह छूट उपभोक्ताओं को बिना घबराए अपना रिचार्ज कराने का पर्याप्त मौका देगी।

 

त्योहारों और रविवार को 'नो-कटौती' का मानवीय फरमान

ऊर्जा विभाग का एक और फैसला उसकी मानवीय सोच को दर्शाता है। अक्सर ऐसा होता था कि रविवार की छुट्टी या किसी बड़े त्योहार के दिन मीटर का पैसा खत्म हो जाने पर घर में अंधेरा छा जाता था।

 

  • खुशियों पर नहीं लगेगा ग्रहण: अब ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। ऊर्जा मंत्री ने सभी अधिकारियों और तकनीकी टीमों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी परिस्थिति में रविवार या किसी भी त्योहार/सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) के दिन बिजली नहीं काटी जाएगी।
  • सरकार का स्पष्ट मानना है कि त्योहार और छुट्टियां परिवार के साथ खुशी मनाने का समय होते हैं। तकनीकी या आर्थिक कारणों से इस दिन किसी भी परिवार को गर्मी और अंधेरे में नहीं रखा जा सकता।

 

5 SMS अलर्ट और रिचार्ज करते ही तत्काल मिलेगी बिजली

स्मार्ट मीटर को लेकर एक बड़ी शिकायत यह भी थी कि उपभोक्ता को पता ही नहीं चलता था कि उसका पैसा कब खत्म हो गया, और रिचार्ज करने के घंटों बाद भी बिजली वापस नहीं आती थी। इसे सुधारने के लिए विभाग ने तकनीक का सहारा लिया है:

 

  • 5 बार चेतावनी (Alerts): अब अचानक बिजली नहीं कटेगी। मीटर में बैलेंस कम होने पर उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक-दो बार नहीं, बल्कि पूरे 5 बार एसएमएस (SMS) भेजकर उन्हें सतर्क किया जाएगा।
  • 24x7 कंट्रोल रूम: रिचार्ज के बाद की देरी को खत्म करने के लिए ऊर्जा विभाग ने दिन-रात (24x7) काम करने वाली एक विशेष तकनीकी और प्रशासनिक टीम का गठन किया है।
  • तत्काल आपूर्ति बहाली: यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उपभोक्ता जैसे ही अपने बिल का भुगतान करे या मीटर को ऑनलाइन/ऑफलाइन रिचार्ज करे, चंद सेकंड्स के भीतर उसके घर की बिजली तत्काल बहाल हो जाए।

 

सबसे बड़ा फैसला: नए स्मार्ट मीटर लगाने के काम पर लगी 'ब्रेक'

मेरठ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में स्मार्ट मीटर के खिलाफ चल रहे भारी विरोध प्रदर्शनों को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है।

 

  • ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया है कि पुराने मीटरों को स्मार्ट/प्रीपेड मीटर से बदलने के काम को फिलहाल के लिए स्थगित (Postpone) कर दिया गया है।
  • इसका अर्थ यह है कि जब तक वर्तमान में लगे हुए स्मार्ट मीटरों की तकनीकी खामियां दूर नहीं हो जातीं और जनता का विश्वास बहाल नहीं हो जाता, तब तक नए उपभोक्ताओं के घरों से पुराने मीटर नहीं उखाड़े जाएंगे। सरकार की पहली प्राथमिकता अब नए मीटर लगाना नहीं, बल्कि हाल ही में लगाए गए स्मार्ट मीटरों से जुड़ी बिलिंग और तेज रीडिंग की शिकायतों का शत-प्रतिशत समाधान करना है।

 

भीषण गर्मी में राहत देने का संकल्प

इस पूरी घोषणा के अंत में ऊर्जा मंत्री ने प्रदेश की जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, "गर्मी के इस भयंकर प्रकोप के बीच लोगों को बिजली से जुड़ी कोई भी दिक्कत न झेलनी पड़े, इसके लिए ऊर्जा विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है और जरूरी कदम उठा रहा है।"

 

निष्कर्ष: योगी सरकार का यह फैसला उन लाखों परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी जीत है, जो स्मार्ट मीटर के प्रीपेड सिस्टम के कारण हर दिन खौफ में जी रहे थे। 1 किलोवाट के कनेक्शन को 30 दिन की मोहलत देकर सरकार ने एक बार फिर साबित किया है कि नीतियां जनता की सुविधा के लिए होनी चाहिए, न कि उन्हें परेशान करने के लिए। इन नए नियमों के लागू होने से न केवल उत्तर प्रदेश की जनता को इस भीषण गर्मी में बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि ऊर्जा विभाग और उपभोक्ताओं के बीच पनप रहा अविश्वास भी काफी हद तक दूर होगा।
विज्ञापन
dhss