प्रयागराज (Prayagraj): उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP), जो कि एशिया का सबसे बड़ा परीक्षा बोर्ड माना जाता है, ने वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षाओं (Intermediate Practical Exams 2026) को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहत भरा संशोधन जारी किया है। बोर्ड ने अपने नवीनतम आदेश में स्पष्ट किया है कि अब 29 और 30 जनवरी 2026 को भी प्रयोगात्मक परीक्षाएं सुचारू रूप से आयोजित की जाएंगी।READ ALSO:-मेरठ: 77वें गणतंत्र दिवस की तैयारियों के बीच जवाहर इंटर कॉलेज पर 'गंदगी' का ग्रहण; दबंगों ने गेट पर खोदा 3 फीट गहरा अवैध नाला, सीएम दरबार पहुंची शिकायत
यह निर्णय लाखों छात्रों और विद्यालय प्रशासनों के लिए बड़ी खबर है, क्योंकि पूर्व में इन तिथियों को 'ब्लॉक' कर दिया गया था। बोर्ड सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह बदलाव उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) की तिथियों में हुए परिवर्तन के कारण संभव हो सका है। इस संशोधित आदेश के साथ ही बोर्ड ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और केंद्र व्यवस्थापकों को नई व्यवस्था के तहत परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
क्यों हुआ था असमंजस? (Reason for the Update)
परीक्षा कार्यक्रम में इस संशोधन की मुख्य वजह राज्य स्तरीय "उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा" (UP TET 2026) थी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, UPTET का आयोजन जनवरी के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित था, जिसके चलते 29 और 30 जनवरी की तिथियों पर किसी भी अन्य परीक्षा के आयोजन पर रोक थी। प्रशासन का मानना था कि एक ही दिन दो बड़ी परीक्षाएं होने से कानून-व्यवस्था और निगरानी में समस्या आ सकती है।
हालांकि, अब उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा UPTET 2026 को स्थगित कर दिया गया है। नई सूचना के अनुसार, अब UP TET का आयोजन जुलाई 2026 में (प्रस्तावित तिथियां 2, 3 और 4 जुलाई) किया जाएगा। इस स्थगन के कारण जनवरी माह में परीक्षा तिथियों का टकराव (Clash) समाप्त हो गया है, जिससे यूपी बोर्ड को अपनी प्रयोगात्मक परीक्षाएं लगातार आयोजित करने का अवसर मिल गया है।
दो चरणों में होगी परीक्षा: पूरा शेड्यूल (Phase-wise Schedule)
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं पूर्व की भांति दो चरणों (Two Phases) में ही संपन्न कराई जाएंगी। मंडलवार (Division-wise) कार्यक्रम को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई है।
प्रथम चरण (Phase 1):
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अवधि: 24 जनवरी 2026 से 1 फरवरी 2026 तक।
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संशोधन: पहले इस चरण के दौरान 29 और 30 जनवरी को परीक्षा न कराने (No Exam Day) के निर्देश थे, लेकिन अब इन दोनों दिनों में भी पूर्ण क्षमता के साथ प्रैक्टिकल परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
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सम्मिलित मंडल: इस चरण में आगरा, सहारनपुर, बरेली, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट, अयोध्या, आजमगढ़, देवीपाटन और बस्ती मंडल शामिल हैं। इन मंडलों के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के विद्यालयों में 24 जनवरी से प्रैक्टिकल शुरू हो जाएंगे।
द्वितीय चरण (Phase 2):
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अवधि: 2 फरवरी 2026 से 9 फरवरी 2026 तक।
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सम्मिलित मंडल: इस चरण में अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और गोरखपुर मंडल शामिल हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षकों को सख्त निर्देश (Orders to DIOS)
बोर्ड सचिव ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि संशोधित कार्यक्रम की सूचना तत्काल प्रभाव से अपने जिले के सभी प्रधानाचार्यों और केंद्र व्यवस्थापकों तक पहुंचाई जाए।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि:
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परीक्षकों की नियुक्ति: 29 और 30 जनवरी के लिए भी बाह्य परीक्षकों (External Examiners) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
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प्रयोगशाला की तैयारी: विद्यालयों में प्रयोगशालाएं (Labs) इन तिथियों पर भी क्रियाशील रहें।
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छात्रों को सूचना: कोई भी छात्र भ्रम की स्थिति में प्रैक्टिकल देने से वंचित न रह जाए, इसके लिए स्कूलों को नोटिस बोर्ड और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए छात्रों को सूचित करना होगा।
24 फरवरी से शुरू हो रही मुख्य परीक्षाएं (Main Board Exams)
प्रयोगात्मक परीक्षाओं के समापन के बाद, छात्रों के पास मुख्य लिखित परीक्षाओं (Theory Exams) की तैयारी के लिए बहुत कम समय शेष रहेगा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की लिखित परीक्षाएं 24 फरवरी 2026 से शुरू होकर 15 मार्च 2026 तक चलेंगी।
बोर्ड ने इस बार परीक्षाओं को समय पर संपन्न कराने और परिणाम जल्दी घोषित करने की रणनीति बनाई है। परीक्षाएं दो पालियों (Two Shifts) में आयोजित की जाएंगी:
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प्रथम पाली (Morning Shift): सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक।
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द्वितीय पाली (Evening Shift): दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक।
विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम (Date Sheet) यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट
upmsp.edu.in पर उपलब्ध है, जहां छात्र अपने विषयवार टाइम-टेबल देख सकते हैं।
52 लाख से अधिक परीक्षार्थी और चुनौती (Statistics & Challenges)
यूपी बोर्ड की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2026 की परीक्षाओं के लिए 52 लाख से अधिक परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।
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हाईस्कूल (Class 10): लगभग 29 लाख छात्र-छात्राएं।
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इंटरमीडिएट (Class 12): करीब 23 लाख छात्र-छात्राएं।
इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की परीक्षा कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। बोर्ड ने इस बार परीक्षा केंद्रों (Exam Centers) की संख्या में वृद्धि की है ताकि सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा सके और किसी भी केंद्र पर अत्यधिक भीड़ न हो।
सुरक्षा और निगरानी: नकलविहीन परीक्षा का संकल्प (Security Measures)
यूपी बोर्ड अपनी परीक्षाओं को नकलविहीन (Cheating-free) और पारदर्शी बनाने के लिए पिछले कुछ वर्षों से तकनीकी का भरपूर इस्तेमाल कर रहा है। सचिव भगवती सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया है:
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CCTV और वॉयस रिकॉर्डिंग: सभी परीक्षा केंद्रों और प्रयोगात्मक परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य कर दिए गए हैं। इन कैमरों में वॉयस रिकॉर्डिंग (Voice Recording) की सुविधा होना आवश्यक है ताकि मौखिक परीक्षा (Viva) की पारदर्शिता जांची जा सके।
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लाइव मॉनिटरिंग (Live Monitoring): जिला स्तर पर और राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम (Control Room) स्थापित किए गए हैं। लखनऊ और प्रयागराज से सीधे परीक्षा केंद्रों की वेब-कास्टिंग के जरिए निगरानी की जाएगी।
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STF और LIU की तैनाती: संवेदनशील (Sensitive) और अति संवेदनशील (Hyper-sensitive) केंद्रों पर सादे कपड़ों में पुलिस बल और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) की नजर रहेगी।
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कड़ी कार्रवाई: नकल करते हुए पकड़े जाने पर या अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर रासुका (NSA) तक की कार्रवाई का प्रावधान है, साथ ही केंद्र व्यवस्थापकों पर भी गाज गिर सकती है।
छात्रों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षा की तैयारी के टिप्स (Preparation Tips)
प्रयोगात्मक परीक्षाएं न केवल आपके कुल प्रतिशत को सुधारने में मदद करती हैं, बल्कि मुख्य परीक्षा के लिए भी आत्मविश्वास बढ़ाती हैं। छात्रों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
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फाइल और प्रोजेक्ट: अपनी प्रैक्टिकल फाइल और प्रोजेक्ट वर्क को पूरा रखें और उसे अच्छे से कवर करें। इंडेक्स और पेज नंबर सही से लिखे होने चाहिए।
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विषय का ज्ञान: परीक्षक (External Examiner) अक्सर आपके प्रोजेक्ट या चार्ट से ही प्रश्न पूछते हैं। आपने जो भी मॉडल या चार्ट बनाया है, उसकी पूरी थ्योरी आपको याद होनी चाहिए।
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अनुशासन: लैब में अनुशासन बनाए रखें। आपकी वेशभूषा (Uniform) और व्यवहार (Discipline) के भी अंक होते हैं।
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मौखिक परीक्षा (Viva Voce): परीक्षक के सामने घबराएं नहीं। प्रश्नों का उत्तर विनम्रता और स्पष्टता से दें। यदि किसी प्रश्न का उत्तर नहीं आता है, तो विनम्रतापूर्वक क्षमा मांग लें, गलत उत्तर देने से बचें।
यूपी बोर्ड द्वारा 29 और 30 जनवरी को प्रैक्टिकल परीक्षाओं की अनुमति देना छात्रों और स्कूलों के हित में लिया गया एक सकारात्मक निर्णय है। UPTET के जुलाई 2026 में शिफ्ट होने से अब बोर्ड परीक्षाओं के लिए रास्ता साफ हो गया है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अपने विद्यालय द्वारा दी गई तिथियों पर ही उपस्थित हों। यह समय पूरी एकाग्रता के साथ अपनी फाइलों को अंतिम रूप देने और 'वाइवा' (Viva) की तैयारी करने का है, क्योंकि प्रैक्टिकल के अंक आपके रिजल्ट की मैरिट तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
यूपी बोर्ड (UPMSP) ने इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षा 2026 के कार्यक्रम में संशोधन करते हुए 29 और 30 जनवरी को भी परीक्षाएं आयोजित करने का आदेश दिया है। पहले UPTET परीक्षा के कारण इन तिथियों पर रोक थी, लेकिन UPTET के जुलाई 2026 में स्थगित होने के बाद यह निर्णय लिया गया। परीक्षाएं दो चरणों में (24 जनवरी से 1 फरवरी और 2 फरवरी से 9 फरवरी) मंडलवार होंगी। मुख्य परीक्षाएं 24 फरवरी से शुरू होंगी।