खबरीलाल टीम
मेरठ: साइबर ठगों ने अब आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। मेरठ में हाल ही में दो बड़ी साइबर ठगी की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें अपराधियों ने दो अलग-अलग तरीकों से एक युवक और एक वार्ड पार्षद को लाखों का चूना लगाया है। ये मामले पल्लवपुरम और ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्रों से सामने आए हैं, जिसके बाद पुलिस ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।READ ALSO;-बेटी को छेड़ने का किया विरोध तो 'मां' पर तेजाब से हमला: मेरठ में नर्स पर एसिड अटैक, हालत गंभीर

 

पहला मामला: ऑनलाइन नौकरी के झांसे में फँसा युवक
पल्लवपुरम के उदयसिटी निवासी अंकित तोमर को साइबर ठगों ने ऑनलाइन नौकरी का झांसा दिया। ये ठग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर छोटे-छोटे टास्क (जैसे- प्रोडक्ट रिव्यू) देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
  • शुरुआती भरोसा: शुरुआती दिनों में ठगों ने अंकित को छोटे रिव्यू टास्क के लिए 50 रुपये तक का भुगतान किया। इससे अंकित का भरोसा उन पर मजबूत हो गया।
  • पैसे की माँग: भरोसा जीतने के बाद, ठगों ने अंकित को 'उच्च लेवल' की नौकरियों का लालच दिया और इसके लिए पैसे की माँग की।
  • बड़ा नुकसान: अंकित ने अलग-अलग छह बार में कुल ₹1.53 लाख जमा कर दिए।
  • धोखाधड़ी का खुलासा: पैसे मिलने के बाद, ठगों ने अंकित के साथ सभी तरह का संपर्क तोड़ दिया और उनके दिए गए लिंक और मोबाइल नंबर बंद कर दिए।

 

दूसरा मामला: एक क्लिक से पार्षद का खाता खाली
ब्रह्मपुरी क्षेत्र के वार्ड-3 के पार्षद अरुण मचल साइबर ठगी का शिकार हुए, जब उनका बैंक खाता अचानक खाली हो गया।
  • 'एक क्लिक' का खेल: 1 अगस्त को पार्षद के मोबाइल पर एक निमंत्रण पत्र का लिंक आया। जैसे ही उन्होंने उसे खोला, उनके मोबाइल का कंट्रोल साइबर ठगों के पास चला गया।
  • अचानक ट्रांजेक्शन: इसके बाद, उनके यूको बैंक के खाते से चार बार में कुल ₹2,89,996 की राशि निकाल ली गई।
  • शिकायत: जब पार्षद को बैंक से लेनदेन की जानकारी मिली, तो उन्होंने तत्काल बैंक से संपर्क किया और साइबर ठगी का पता चलने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

 

पुलिस की कार्रवाई और जन-साधारण को सलाह
दोनों मामलों में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और जाँच कर रही है। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
  • ऑनलाइन नौकरी के ऑफर से सावधान रहें: अगर कोई भी कंपनी बिना किसी इंटरव्यू या जानकारी के ऑनलाइन काम और पैसे की बात करे, तो तुरंत सावधान हो जाएँ।
  • अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें: किसी भी अनजान नंबर या ईमेल से आने वाले लिंक, खासकर निमंत्रण पत्रों या ऑफर्स वाले लिंक पर क्लिक करने से बचें। ये फिशिंग अटैक हो सकते हैं।

 

यह घटनाएँ लोगों को यह संदेश देती हैं कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।
 
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