खबरीलाल टीम
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक खबर सामने आई है। मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जागृति विहार इलाके में शुक्रवार की देर रात एक भीषण अग्निकांड हो गया। इस मेरठ ई-रिक्शा पार्किंग आग हादसे में आनंद हॉस्पिटल के ठीक सामने चल रही एक अवैध ई-रिक्शा पार्किंग में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि वहां खड़े करीब 30 ई-रिक्शा जलकर पूरी तरह से राख हो गए। इस भीषण अग्निकांड के कारण इलाके में हड़कंप मच गया है और प्राथमिक अनुमान के मुताबिक इस हादसे में लगभग 40 लाख रुपये से अधिक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से ही पार्किंग का मुख्य संचालक मौके से फरार है, जिसकी तलाश में स्थानीय पुलिस लगातार दबिश दे रही है।READ ALSO:-यूपी मौसम अपडेट: 30 शहरों में आंधी-तूफान का अलर्ट, 8 दिन की देरी से 29 जून को यूपी में दस्तक देगा मानसून

 

मेरठ ई-रिक्शा पार्किंग आग: रात के सन्नाटे में भड़की चिंगारी

यह पूरी घटना शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात करीब 3:30 बजे की बताई जा रही है, जब पूरा शहर सो रहा था। जागृति विहार सेक्टर-5 का रहने वाला सतपाल पेंटर आनंद हॉस्पिटल के सामने इस पार्किंग का अवैध रूप से संचालन कर रहा था। स्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस मैदाननुमा जगह पर प्रतिदिन लगभग 100 ई-रिक्शा खड़े किए जाते थे। सतपाल प्रत्येक ई-रिक्शा चालक से रात में गाड़ी खड़ी करने और उसे चार्ज करने के नाम पर 300 रुपये की अवैध वसूली करता था।

 

शनिवार तड़के जब अचानक पार्किंग से आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा, तो आस-पास के लोग सहम गए। जब तक दमकल विभाग और स्थानीय लोग कुछ समझ पाते और आग पर काबू पाने का प्रयास करते, तब तक आग ने कतार में खड़े दर्जनों ई-रिक्शों को अपनी चपेट में ले लिया था। बैटरी फटने की आवाजों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस मेरठ ई-रिक्शा पार्किंग आग कांड ने सुरक्षा व्यवस्था और अवैध रूप से चल रहे चार्जिंग सेंटरों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

गरीब चालकों की रोजी-रोटी छिनी, मौके पर भारी हंगामा

शनिवार की सुबह जब रोज की तरह तमाम ई-रिक्शा चालक अपनी-अपनी गाड़ियां लेने पार्किंग स्थल पर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चारों तरफ सिर्फ लोहे के जले हुए ढांचे और राख बिखरी पड़ी थी। अपनी आंखों के सामने अपनी आजीविका के एकमात्र साधन को राख में बदला देख कई चालक फूट-फूट कर रोने लगे। पीड़ितों में मुख्य रूप से लक्ष्मण, विनोद, तेजेंद्र (निवासी जागृति विहार सेक्टर-2), संजय (निवासी औरंगाबाद), कुलदीप (निवासी शास्त्रीनगर) और मोनू कुमार (निवासी माछरा) सहित दर्जनों चालक शामिल हैं।

 

गुस्साए और पीड़ित चालकों ने अपनी गाड़ियों के हुए भारी नुकसान को लेकर मौके पर ही जमकर हंगामा काटना शुरू कर दिया। चालकों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर और पाई-पाई जोड़कर ये ई-रिक्शा खरीदे थे, जिससे उनके पूरे परिवार का भरण-पोषण होता था। अब उनके सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पीड़ितों ने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से मुआवजे की गुहार लगाई है और मांग की है कि फरार पार्किंग संचालक सतपाल पेंटर से उनके नुकसान की पूरी भरपाई करवाई जाए।

 

पुलिस तफ्तीश में जुटी: शॉर्ट सर्किट बनी प्रारंभिक वजह

इस भीषण घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल थाना पुलिस तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने उग्र हो रहे चालकों को समझा-बुझाकर शांत कराया और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम को भी सबूत जुटाने के लिए बुलाया गया। पुलिस की शुरुआती जांच और तकनीकी विशेषज्ञों की राय के मुताबिक, यह आशंका जताई जा रही है कि एक साथ कई ई-रिक्शों को ओवरचार्ज करने या घटिया क्वालिटी के बिजली के तारों की वजह से चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ होगा।

 

चूंकि ई-रिक्शा में लिथियम-आयन या हेवी लेड-एसिड बैटरियों का इस्तेमाल होता है, इसलिए शॉर्ट सर्किट के बाद एक बैटरी में हुआ ब्लास्ट सिलसिलेवार तरीके से अन्य रिक्शों तक फैलता चला गया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि आग लगने के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा विस्तृत तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।

 

सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध वसूली का खेल

इस हादसे ने मेरठ शहर में धड़ल्ले से चल रहे अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग हब के काले कारोबार को भी उजागर कर दिया है। पुलिस ने बताया कि इस तथाकथित पार्किंग स्थल पर फायर फाइटिंग (आग बुझाने वाले) उपकरण जैसे रेत की बाल्टियां या अग्निशामक सिलेंडर बिल्कुल नहीं थे। घने रिहायशी इलाके और अस्पताल के सामने इस तरह का अवैध और खतरनाक काम लंबे समय से चल रहा था, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

 

जागृति विहार के स्थानीय निवासियों का भी कहना है कि वे इस अवैध पार्किंग और वहां रातभर होने वाली गतिविधियों को लेकर आशंकित रहते थे। पुलिस ने अब सतपाल पेंटर के खिलाफ अवैध रूप से पार्किंग संचालित करने, बिजली चोरी और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी करने के मामले में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 

जिम्मेदार कब तक बचेंगे?

इस मेरठ ई-रिक्शा पार्किंग आग हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि चंद रुपयों के लालच में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखना कितना आत्मघाती साबित हो सकता है। इस घटना में करीब 30 गरीब परिवारों का भविष्य दांव पर लग गया है। मेडिकल थाना पुलिस का कहना है कि आरोपी संचालक सतपाल घटना के तुरंत बाद से ही अपने ठिकाने बदल रहा है और फरार है, लेकिन पुलिस की कई टीमें उसकी धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में सख्त रुख अपनाए ताकि भविष्य में किसी अन्य रिहायशी इलाके में इस प्रकार का अवैध और जानलेवा धंधा न पनप सके और पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

 

संक्षिप्त सारांश: मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार में आनंद हॉस्पिटल के सामने शुक्रवार देर रात एक अवैध ई-रिक्शा पार्किंग में भीषण आग लग गई। इस हादसे में लगभग 30 ई-रिक्शा पूरी तरह जलकर राख हो गए, जिससे चालकों को करीब 40 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह चार्जिंग के दौरान हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। घटना के बाद से अवैध पार्किंग का संचालक सतपाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
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