मेरठ/कलियर (उत्तराखंड) | 14 अक्टूबर 2025
उत्तराखंड और मेरठ पुलिस के एक संयुक्त ऑपरेशन में बच्चा चोरी करने वाले एक क्रूर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। यह गिरोह नवजात बच्चों को अगवा कर उन्हें निसंतान दंपतियों को मोटी रकम में बेच देता था। पुलिस ने मेरठ के लिसाड़ीगेट क्षेत्र से गिरोह के सरगना समेत तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन महीने के एक मासूम बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस बच्चे को 11 अक्टूबर की रात उत्तराखंड के कलियर से उस वक्त अगवा किया गया था, जब वह अपनी माँ के पास सो रहा था।READ ALSO:-अवैध पटाखों की सूचना पर BJP मंडल अध्यक्ष के घर पुलिस की छापेमारी, हंगामा; नेता बोले- कार्यकर्ता का अपमान हुआ
क्या है पूरा मामला: माँ की गोद से कैसे हुआ 'सौदा'?
यह दिल दहला देने वाली घटना 11 अक्टूबर की रात की है। उत्तराखंड के कलियर शरीफ में झुग्गियों में रहने वाली एक माँ अपने तीन महीने के बेटे के साथ सो रही थी। जब सुबह उसकी नींद खुली तो उसका कलेजे का टुकड़ा बिस्तर से गायब था। बदहवास माँ ने तुरंत कलियर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उत्तराखंड पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
एक कार और CCTV फुटेज: कैसे सुलझी गुत्थी?
पुलिस ने तुरंत आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। फुटेज में एक संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस ने गाड़ी का नंबर ट्रेस किया तो उसकी लोकेशन मेरठ में मिली। समय बर्बाद न करते हुए, उत्तराखंड पुलिस की एक टीम तुरंत मेरठ के लिए रवाना हुई।
मेरठ पुलिस की मदद से सबसे पहले कार चालक को हिरासत में लिया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर ड्राइवर ने बताया कि उसकी कार आस मोहम्मद नाम के एक व्यक्ति ने बुक की थी।

सरगना तक पहुँची पुलिस, खुला खौफनाक नेटवर्क
ड्राइवर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आस मोहम्मद को धर दबोचा। पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला था। आस मोहम्मद ही इस बच्चा चोर गिरोह का सरगना था। उसके गिरोह में शहनाज और सलमा नाम की दो महिलाएं भी शामिल थीं, जो बच्चों को अगवा करने और ग्राहकों से संपर्क साधने का काम करती थीं।
आस मोहम्मद ने कबूल किया कि उन्होंने ही कलियर से बच्चे को अगवा किया था। इसके बाद इस मासूम का सौदा किया गया:
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पहली डील: गिरोह ने बच्चे को 3 लाख रुपये में मेरठ के ककरखेड़ा इलाके की एक नर्स को बेच दिया।
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दूसरी डील: उस नर्स ने मुनाफे के लिए बच्चे को आगे 6 लाख रुपये में किसी और को बेच दिया।
पुलिस ने आस मोहम्मद, शहनाज और सलमा को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस उस नर्स और बच्चे के अंतिम खरीदार की तलाश में जुटी है, ताकि इस नेटवर्क की सभी कड़ियों को पकड़ा जा सके। बच्चे को सकुशल बरामद कर उसे उसकी माँ को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।