बिजनौर: बिजनौर में घरेलू कलह और एक युवती द्वारा ब्लैकमेल किए जाने से परेशान होकर एक 25 वर्षीय सिपाही ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। सिपाही अमित कुमार ने 2 सितंबर को सल्फास खाया था और 7 दिन तक अस्पताल में इलाज के बाद सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। पुलिस को सिपाही के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने अपनी भाभी और एक दीप्ति नाम की महिला पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
बुलंदशहर के रहने वाले सिपाही अमित कुमार (25) 2021 बैच के पुलिसकर्मी थे और बिजनौर पुलिस लाइन में तैनात थे। वह नजीबाबाद की सरस्वती विहार कॉलोनी में किराए के मकान में रहते थे। 2 सितंबर को उन्होंने अपने कमरे में सल्फास खा लिया था। जब उनकी हालत बिगड़ी तो उन्होंने मकान मालिक को सूचित किया, जिन्होंने तुरंत पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने उन्हें पहले बिजनौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया और बाद में मेरठ के लिए रेफर कर दिया।

सुसाइड नोट में किया खुलासा
7 दिन तक मेरठ के आनंद अस्पताल में इलाज चलने के बाद सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक सिपाही के कमरे से एक रजिस्टर मिला है, जिसमें 8 से 10 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था।
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शुरुआती कारण: नोट में पहले अमित ने घरेलू कलह और व्यक्तिगत कारणों का जिक्र किया था, लेकिन बाद में उस हिस्से को काट दिया।
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प्रताड़ना के आरोप: इसके बाद उसने विस्तार से दीप्ति नाम की महिला और उसकी मां के खिलाफ प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया।
इस मामले पर एसपी सिटी संजीव बाजपेई ने कहा कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार किए जाने के बाद उनकी तहरीर पर केस दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।