खबरीलाल टीम
मेरठ, सोमवार। युवा ब्राह्मण समाज संगठन ने मेरठ के किसी एक प्रमुख चौराहे या मार्ग का नाम भगवान परशुराम के नाम पर रखे जाने की पुरजोर मांग उठाई है। इसके साथ ही, संगठन ने 25 दिसंबर को पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती के अवसर पर एक 'विशाल ब्राह्मण सम्मेलन' आयोजित करने का भी निर्णय लिया है।READ ALSO:-स्मार्ट मीटर का 'झटका', बिजली बिल ने बिगाड़ा घर का बजट: सपा ने सड़कों पर उतरकर किया सरकार का विरोध

 

यह फैसले आज बीएबी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक में लिए गए, जिसमें समाज के वरिष्ठ और युवा पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

 

भगवान परशुराम के नाम पर हो चौराहे का नाम
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम केवल ब्राह्मणों के ही नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष के प्रतीक और संपूर्ण मानवता के प्रेरणास्रोत हैं। मेरठ जैसे ऐतिहासिक शहर में उनके नाम पर एक चौराहे का नामकरण समाज की भावनाओं का सच्चा सम्मान होगा। इस मांग को लेकर जल्द ही संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल महापौर हरिकांत अहलूवालिया और विधान परिषद सदस्य पंडित धर्मेन्द्र भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपेगा, ताकि इस प्रस्ताव को प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सके।

 

25 दिसंबर को विशाल ब्राह्मण सम्मेलन
बैठक में सर्वसम्मति से यह भी तय किया गया कि भारत रत्न और बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर 25 दिसंबर को एक भव्य 'विशाल ब्राह्मण सम्मेलन' का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि यह सम्मेलन समाज में नई ऊर्जा का संचार करेगा और संगठनात्मक मजबूती प्रदान करेगा।

 

पारदर्शिता और सम्मान की मिसाल
बैठक के दौरान संगठन ने पारदर्शिता की मिसाल पेश करते हुए हाल ही में आयोजित कांवड़ शिविर के आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा भी पेश किया। इसके साथ ही, संगठन के वरिष्ठ सदस्य गिरीश पाराशर का जन्मदिन भी धूमधाम से मनाया गया। बैठक की अध्यक्षता कुलदीप शर्मा ने की, जिसमें जितेन्द्र गौतम, अजय शर्मा, शैलेन्द्र भारद्वाज, गिरीश पाराशर, विकास शर्मा, राजीव नरहरी, गणेश दत्त शर्मा, राजेश चंद शर्मा, सुरेन्द्र शर्मा, राजू शर्मा, मनीष शर्मा, मधुकर कौशिक, मनोज वशिष्ठ, सौरभ दिवाकर शर्मा, बेगम ब्रिज व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष पुनीत शर्मा, संजय वाजपेयी, ललित कौशिक, अनिल शर्मा और विपिन शर्मा शामिल हुए। यह बैठक समाज की भविष्य की योजनाओं और संगठनात्मक मजबूती के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
 
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