खबरीलाल टीम
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। आज शुक्रवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर की अध्यक्षता में एक आवश्यक बैठक हुई। इस बैठक में चार महत्वपूर्ण समितियों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि प्रशासन अब केवल कागजी योजनाओं पर नहीं, बल्कि जमीनी कार्य पर जोर देगा। जिला गंगा समिति से लेकर मानव गुलदार संघर्ष समिति तक, सभी ने पर्यावरण और मानव सुरक्षा पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने का संकल्प लिया।READ ALSO:-धामपुर: किराए के कमरे में पंखे से लटकी मिली 26 साल की नर्स, टीचर कॉलोनी में हड़कंप, दरवाजा अंदर से था बंद

 

चार समितियों की संयुक्त बैठक

जिले के विकास और पर्यावरण संतुलन के लिए चार महत्वपूर्ण समितियों के सदस्यों ने इस बैठक में भाग लिया। यह संयुक्त बैठक जिले की समग्र पर्यावरणीय और सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए बुलाई गई थी।

 

  • उपस्थित समितियाँ:
    1. जिला गंगा समिति (District Ganga Committee)
    2. जिला वृक्षारोपण समिति (District Tree Plantation Committee)
    3. जिला पर्यावरण समिति (District Environmental Committee)
    4. मानव गुलदार संघर्ष समिति (Man-Leopard Conflict Committee)

 

गंगा स्वच्छता और गुलदार संघर्ष पर कड़े निर्देश

जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बैठक में कई महत्वपूर्ण और कड़े निर्देश दिए, जो जिले की पर्यावरणीय चुनौतियों का सीधा समाधान करेंगे।

 

  1. गंगा स्वच्छता: जिला गंगा समिति के सदस्यों को निर्देश दिया गया कि गंगा नदी में गिरने वाले सभी नालों को बंद करना और गंगा को निर्मल बनाना पहली प्राथमिकता है। इसके लिए तत्काल कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया।
  2. वृक्षारोपण और प्रदूषण नियंत्रण: जिला वृक्षारोपण समिति को निर्देश दिया गया कि वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण को बेहतर बनाने और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
  3. मानव-गुलदार संघर्ष: मानव गुलदार संघर्ष समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने गुलदार (Leopard) की आवाजाही वाले क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
  4. जीरो टॉलरेंस: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर सख्ती से अमल किया जाएगा।

 

अधिकारियों की उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रणविजय सिंह और वन विभाग, नगर निकाय, पर्यावरण और स्वास्थ्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने डीएम के निर्देशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। रणविजय सिंह ने कहा कि संयुक्त प्रयासों के माध्यम से ही पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।

 

जमीनी कार्य की शुरुआत

जिला प्रशासन के इस संयुक्त और सख्त रुख से यह स्पष्ट है कि आगामी महीनों में बिजनौर में गंगा स्वच्छता, वृक्षारोपण और पर्यावरण नियंत्रण के कार्यों में तेजी आएगी। खासकर गंगा में गिरने वाले नालों को बंद करने का निर्णय एक बड़ा और जमीनी सुधार साबित हो सकता है। मानव गुलदार संघर्ष समिति का सक्रिय होना ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगा।
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