डिजिटल दुनिया और सोशल मीडिया के सबसे बड़े और प्रभावशाली प्लेटफॉर्म्स में से एक X (पूर्व में Twitter) को एक बड़े 'ग्लोबल आउटेज' (Global Outage) का सामना करना पड़ा है। अरबपति एलन मस्क (Elon Musk) के स्वामित्व वाले इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट की सेवाएं दुनियाभर में अचानक ठप हो गई हैं। मोबाइल ऐप हो या डेस्कटॉप वर्जन, करोड़ों यूजर्स अपने अकाउंट को एक्सेस करने, नई पोस्ट देखने या टाइमलाइन रिफ्रेश करने में पूरी तरह से असमर्थ हैं।READ ALSO:-ऑपरेशन 'आई-स्पाई': गाजियाबाद में ISI के खौफनाक जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, मेरठ का सुहेल और संभल की महक कर रहे थे 'दिल्ली दहलाने' की तैयारी
आउटेज ट्रैक करने वाली मशहूर और विश्वसनीय वेबसाइट 'डाउनडिटेक्टर' (Downdetector) के आंकड़ों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि यह कोई स्थानीय सर्वर इश्यू नहीं है, बल्कि एक व्यापक ग्लोबल तकनीकी खामी है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस से लेकर भारत तक में यूजर्स को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ख़बरीलाल की इस विस्तृत रिपोर्ट में आइए समझते हैं कि आखिर X के सर्वर में क्या गड़बड़ी आई है, यूजर्स को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और एलन मस्क के टेकओवर के बाद से प्लेटफॉर्म का तकनीकी इतिहास कैसा रहा है।
क्या है मौजूदा तकनीकी समस्या और यूजर्स को क्या आ रहा है एरर?
बुधवार की रात सोशल मीडिया यूजर्स के लिए खासी परेशानी भरी रही। जो लोग दुनिया भर की ब्रेकिंग न्यूज़, ट्रेंड्स और मीम्स के लिए X पर निर्भर रहते हैं, उन्हें अचानक स्क्रीन पर सन्नाटा देखने को मिला।
'कैन नॉट रिट्रीव पोस्ट्स' (Cannot retrieve posts) का एरर: विशेष रूप से X के मोबाइल ऐप (Android और iOS) का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स इस आउटेज से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। जैसे ही यूजर्स ऐप ओपन करते हैं, उनकी स्क्रीन पर कोई भी नई पोस्ट या तस्वीर लोड नहीं हो रही है। इसके बजाय, स्क्रीन पर एक पॉप-अप मैसेज फ्लैश हो रहा है: "कैन नॉट रिट्रीव पोस्ट्स एट दिस टाइम। प्लीज ट्राई अगेन लेटर।" (Cannot retrieve posts at this time. Please try again later.)
अजीबोगरीब स्थिति: इस तकनीकी खामी की सबसे अजीब बात यह है कि सर्वर पूरी तरह से 'डेड' नहीं हुआ है। कई यूजर्स ने शिकायत की है कि उन्हें अपने मोबाइल पर X की ओर से पुश नोटिफिकेशंस (Push Notifications) लगातार मिल रहे हैं। इसका मतलब है कि बैकग्राउंड में एक्टिविटी हो रही है और सर्वर कहीं न कहीं पिंग कर रहा है, लेकिन जब यूजर उस नोटिफिकेशन पर क्लिक करके पोस्ट पढ़ने या रिप्लाई करने की कोशिश करता है, तो स्क्रीन पूरी तरह से ब्लैंक (Blank) हो जाती है या सिर्फ एक लोडिंग सर्कल (Loading Circle) घूमता रहता है। न तो पुराने लिंक काम कर रहे हैं और न ही टाइमलाइन 'पुल टू रिफ्रेश' (Pull to Refresh) करने पर अपडेट हो रही है।
डाउनडिटेक्टर (Downdetector) के आंकड़े: अमेरिका से लेकर भारत तक हाहाकार
इंटरनेट आउटेज पर नजर रखने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर का ग्राफ इस वक्त लाल रंग से रंगा हुआ है, जो X की सेवाओं में आई भारी गिरावट को दर्शाता है। यह ग्राफ स्पष्ट करता है कि समस्या कितनी व्यापक है:
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अमेरिका (USA) में सबसे ज्यादा असर: अमेरिका में X का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। वहां आउटेज शुरू होने के महज कुछ ही मिनटों के भीतर 29,000 से अधिक यूजर्स ने डाउनडिटेक्टर पर सर्विस डाउन होने की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। यह संख्या हर मिनट तेजी से बढ़ रही है।
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यूरोप में भी असर: अमेरिका के अलावा यूरोपीय देशों जैसे ब्रिटेन (UK) और फ्रांस में भी लाखों यूजर्स अपने अकाउंट एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं।
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भारत (India) का हाल: भारत में इस आउटेज का असर रात करीब 8:17 बजे से दिखना शुरू हुआ। भारतीय समयानुसार जब लोग दिनभर के काम के बाद सोशल मीडिया खंगालते हैं, ठीक उसी 'प्राइम टाइम' पर सर्विस क्रैश हो गई।
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शुरुआती मिनटों में लगभग 1,200 लोगों ने शिकायत की।
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महज 15 मिनट के भीतर (रात 8:30 बजे तक), भारत में यह आंकड़ा तेजी से छलांग लगाते हुए 4,500 के पार पहुंच गया। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों से लगातार सर्वर कनेक्शन फेल होने की रिपोर्ट्स आ रही हैं।
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क्यों डाउन हुआ है 'X'? तकनीकी विशेषज्ञों का क्या है मानना?
फिलहाल X प्रबंधन या खुद इलॉन मस्क की तरफ से इस आउटेज का कोई आधिकारिक कारण (Official Statement) जारी नहीं किया गया है। हालांकि, साइबर और नेटवर्क विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या मुख्य रूप से 'कोर सर्वर' (Core Server) या 'ग्लोबल कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क' (CDN) में आई किसी बड़ी तकनीकी खामी (Bug) के कारण उत्पन्न हुई है।
अक्सर ऐसे आउटेज तब होते हैं जब:
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बैकएंड अपडेट: कंपनी सर्वर के बैकएंड पर कोई नया फीचर या अपडेट पुश करने की कोशिश कर रही हो, जो कोडिंग में क्रैश का कारण बन गया हो।
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API लिमिटेशन एरर: X के एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) में कोई राउटिंग इश्यू आ गया हो, जिससे डेटाबेस से पोस्ट्स फेच (Retrieve) होकर यूजर की स्क्रीन तक नहीं पहुंच पा रही हैं। (यही कारण है कि नोटिफिकेशन आ रहे हैं, लेकिन कंटेंट लोड नहीं हो रहा है)।
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डेटा सेंटर इश्यू: ग्लोबल सर्वर को होस्ट करने वाले किसी प्रमुख डेटा सेंटर में पावर कट या कनेक्टिविटी ड्रॉप की समस्या आई हो।
X (Twitter) का आउटेज इतिहास: पहले भी कई बार थम चुकी है रफ्तार
यह पहली बार नहीं है जब एलन मस्क के राज में X का सर्वर ग्लोबल स्तर पर क्रैश हुआ है। पिछले कुछ सालों का आउटेज ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि प्लेटफॉर्म को स्थिरता (Stability) बनाए रखने में कई बार संघर्ष करना पड़ा है:
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18 नवंबर 2025: शाम करीब 5 बजे से रात 9 बजे तक (लगातार 4 घंटे) X की सर्विस बुरी तरह प्रभावित रही थी। उस वक्त भारत समेत दुनियाभर के यूजर्स लॉगिन या साइनअप तक नहीं कर पा रहे थे। यहां तक कि जिन लोगों ने 'X Premium' (ब्लू टिक) के लिए पैसे दिए थे, उनकी प्रीमियम सुविधाएं भी काम नहीं कर रही थीं।
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26 अप्रैल 2024: इस दिन दोपहर करीब 1:15 बजे प्लेटफॉर्म डाउन हुआ था। हालांकि यह एक छोटा आउटेज था और भारत में डाउन डिटेक्टर पर सिर्फ 145 शुरुआती लोगों ने ही शिकायत दर्ज की थी, लेकिन वेब और ऐप दोनों पर काम ठप हो गया था।
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21 दिसंबर 2023: साल 2023 के अंत में एक बड़ा ग्लोबल आउटेज आया था। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे से X का एक्सेस पूरी तरह बंद हो गया था। उस दौरान यूजर्स की टाइमलाइन पूरी तरह खाली हो गई थी और पुरानी या नई पोस्ट्स की जगह सिर्फ 'वेलकम टु X' (Welcome to X) का डिफॉल्ट मैसेज ही दिखाई दे रहा था।
फ्लैशबैक: एलन मस्क का टेकओवर और ट्विटर से 'X' तक का सफर
X के इस वर्तमान तकनीकी परिदृश्य को समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा। इस सोशल मीडिया दिग्गज की कहानी में सबसे बड़ा मोड़ 27 अक्टूबर 2022 को आया था।
44 बिलियन डॉलर की ऐतिहासिक डील: टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) के मालिक, दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क ने ट्विटर को खरीदने के लिए 44 बिलियन डॉलर (आज की विनिमय दर के हिसाब से करीब 3.84 लाख करोड़ रुपये) की भारी-भरकम रकम चुकाई थी। मस्क का विजन इसे एक 'एवरीथिंग ऐप' (Everything App) बनाने का था।
बड़े स्तर पर छंटनी (Layoffs) और मैनेजमेंट में बदलाव: मस्क ने कंपनी की कमान संभालते ही 'क्लीनअप ऑपरेशन' शुरू किया। टेकओवर के कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने कंपनी के शीर्ष भारतीय-अमेरिकी अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
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पराग अग्रवाल (तत्कालीन CEO)
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नेड सेगल (फाइनेंस चीफ)
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विजया गड्डे (लीगल एंड पॉलिसी एग्जीक्यूटिव)
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सीन एडगेट (जनरल काउंसिल)
इन टॉप अधिकारियों के अलावा, मस्क ने ट्विटर के ग्लोबल वर्कफोर्स (इंजीनियरिंग और सर्वर मेंटेनेंस टीमों सहित) में भारी कटौती की थी। कई तकनीकी विशेषज्ञों ने उसी समय चेतावनी दी थी कि कोर इंजीनियरिंग टीम को हटाने से भविष्य में साइट की स्थिरता और सर्वर मेंटेनेंस पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। लगातार हो रहे आउटेज कहीं न कहीं उसी चेतावनी को सच साबित करते नजर आते हैं।
लिंडा याकारिनो को मिली कमान: मस्क ने कुछ महीनों तक खुद कंपनी का नेतृत्व करने के बाद, एडवरटाइजिंग रेवेन्यू को वापस पटरी पर लाने के लिए 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो (Linda Yaccarino) को X के नए CEO के रूप में नियुक्त किया। लिंडा इससे पहले प्रतिष्ठित मीडिया कंपनी NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवरटाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं।
वर्तमान आउटेज को लेकर दुनियाभर के यूजर्स अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स और लिंक्डइन) पर जाकर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं और X डाउन के मीम्स शेयर कर रहे हैं। डिजिटल मीडिया हाउसेस, पत्रकार, नेता और आम यूजर्स जो रियल-टाइम अपडेट्स के लिए X पर निर्भर हैं, उनके लिए यह एक बड़ा झटका है।
अब देखना यह होगा कि लिंडा याकारिनो और एलन मस्क की टेक्निकल टीम इस भारी 'ग्लोबल आउटेज' को कितनी जल्दी फिक्स कर पाती है और कंपनी की तरफ से इस तकनीकी नाकामी पर क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण आता है।