दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार धमाके के बाद उत्तर प्रदेश में आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। यूपी एटीएस छापेमारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ के कई जिलों में की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, ATS ने सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर सहित विभिन्न स्थानों से कम से कम सात संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन सभी से एक गोपनीय स्थान पर ले जाकर गहन पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई उस 'व्हाइट कॉलर' आतंकी मॉड्यूल के तार तलाशने के लिए की जा रही है, जिसका सरगना डॉ. उमर मोहम्मद था, जिसने दिल्ली में खुद को कार के साथ उड़ा लिया था।READ ALSO:-
डॉक्टर्स के नेटवर्क पर शिकंजा: लखनऊ और सहारनपुर कनेक्शन
जांच एजेंसियों को शक है कि आतंकी हमले की यह साजिश एक बड़े और संगठित नेटवर्क का हिस्सा थी, जिसमें उच्च शिक्षित पेशेवर शामिल थे।
- सहारनपुर में हिरासत: सहारनपुर में डॉ. अदील (आदिल अहमद राथर) के तीन करीबियों को ATS ने हिरासत में लिया है। डॉ. आदिल वही डॉक्टर है जिसकी गिरफ्तारी के बाद फरीदाबाद में 360 किलोग्राम विस्फोटक और AK-47 बरामद हुई थी। ATS अब इन करीबियों के बैंक खाते और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि फंडिंग और संपर्क का पता लगाया जा सके।
- लखनऊ में छापेमारी: यूपी एटीएस छापेमारी लखनऊ के मड़ियांव इलाके में डॉ. परवेज अंसारी के घर पर भी हुई। बताया जा रहा है कि परवेज अंसारी के घर से कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जो फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से उनके संभावित लिंक की जांच में मदद कर सकते हैं।
मुजफ्फरनगर और मदरसों पर नजर
एटीएस की एक टीम ने मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना स्थित दाऊद अरबिया दारुल उलूम मदरसे में भी छापा मारा। सूत्रों के अनुसार, यहाँ के संचालक से आतंकी सुलेमान और सोहेल से जुड़े इनपुट मांगे गए। सुलेमान और सोहेल वे आतंकी हैं, जिन्हें हाल ही में गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार किया था और वे आईएसकेपी (ISKP) से जुड़े थे।
एटीएस की एक टीम ने मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना स्थित दाऊद अरबिया दारुल उलूम मदरसे में भी छापा मारा। सूत्रों के अनुसार, यहाँ के संचालक से आतंकी सुलेमान और सोहेल से जुड़े इनपुट मांगे गए। सुलेमान और सोहेल वे आतंकी हैं, जिन्हें हाल ही में गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार किया था और वे आईएसकेपी (ISKP) से जुड़े थे।
यूपी एटीएस ने अब तक हिरासत में लिए गए सात संदिग्धों से डॉ. उमर मोहम्मद के साथ उनके संबंध, विस्फोटक सामग्री के लॉजिस्टिक्स और किसी आगामी हमले की योजना के बारे में पूछताछ कर रही है।
दिल्ली धमाके के बाद यूपी एटीएस छापेमारी की यह व्यापक कार्रवाई दिखाती है कि आतंकी नेटवर्क की जड़ें राष्ट्रीय राजधानी से बाहर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों तक फैली हुई हैं। उच्च शिक्षित डॉक्टरों और मदरसों के कनेक्शन की जांच से स्पष्ट होता है कि सुरक्षा एजेंसियां अब 'व्हाइट कॉलर' आतंकवाद के खतरे को गंभीरता से ले रही हैं। एनआईए और एटीएस मिलकर इस मॉड्यूल की पूरी श्रृंखला को तोड़ने और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं।