नई दिल्ली: देशभर में मानसून (Monsoon) एक बार फिर अपना प्रचंड और रौद्र रूप दिखाने को तैयार है। दिल्ली-NCR से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक इस वक्त मानसूनी हवाएं पूरी तरह से सक्रिय हो चुकी हैं। बीते कुछ घंटों में हुई मूसलाधार बारिश ने जहां कई शहरों में सड़कों को दरिया में तब्दील कर दिया है और यातायात को अस्त-व्यस्त किया है, वहीं तापमान में आई भारी गिरावट ने लोगों को झुलसाने वाली भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस से बड़ी राहत भी दी है।READ ALSO:-क्या आप अनजाने में खा रहे हैं प्लास्टिक? FSSAI ने शुरू की खाने में 'माइक्रोप्लास्टिक' की जांच, सरकार ने दिया बड़ा बयान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के मुताबिक, 8 अगस्त का दिन देश के कई हिस्सों के लिए मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहने वाला है। मौसम विभाग ने दिल्ली, यूपी और बिहार समेत देश के 16 राज्यों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज आंधी-तूफान की गंभीर चेतावनी (Alert) जारी की है।
16 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 75 km/h की स्पीड से चलेंगी हवाएं
IMD की रिपोर्ट के अनुसार, एक मजबूत 'कम दबाव का क्षेत्र' (Low-pressure area) विकसित हुआ है। इस कम दबाव के प्रभाव के कारण 8 अगस्त को उत्तर भारत में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, और राजस्थान में ही नहीं, बल्कि पूरे यूपी-बिहार में भी मूसलाधार बारिश की स्थिति बनी रहेगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बेहद तेज और तूफानी हवाएं चल सकती हैं। जिन 16 राज्यों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: दिल्ली, उत्तर प्रदेश (UP), बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और केरल।
प्रमुख खतरे: पहाड़ों पर भूस्खलन और मैदानों में आसमानी आफत
लगातार हो रही बारिश ने कई प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को बढ़ा दिया है:
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भूस्खलन (Landslides): पहाड़ी राज्यों (हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर) में मिट्टी खिसकने और भूस्खलन का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को यात्रा करने से बचने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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आकाशीय बिजली (Lightning Strikes): पूर्वी भारत और गंगा के मैदानी इलाकों में बादलों की भयंकर गर्जना के साथ आकाशीय बिजली कहर ढा सकती है। लोगों से अपील की गई है कि वे बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
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पेड़ गिरने की आशंका: उत्तर भारत के कई शहरों में 75 किमी/घंटे की तूफानी हवाओं के कारण बड़े और पुराने पेड़ों तथा बिजली के खंभों के गिरने की प्रबल आशंका जताई गई है।
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मछुआरों को चेतावनी: तटीय क्षेत्रों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण नदियों और समुद्र के आसपास रहने वाले किसानों तथा मछुआरों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।
दिल्ली-NCR और हरियाणा: कैसा रहेगा राजधानी का मिजाज?
दिल्ली-एनसीआर और उससे सटे हरियाणा के इलाकों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला 8 अगस्त को भी जारी रहेगा।
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दिल्ली: राजधानी दिल्ली में भारी बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलेंगी। इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
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नोएडा व गाजियाबाद: नोएडा में आसमान में दिनभर काले घने बादल छाए रहेंगे। यहां कई दौर की तेज बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से पूरी तरह राहत मिलेगी।
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हरियाणा (अंबाला): अंबाला और इसके आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज मानसूनी वर्षा देखने को मिल सकती है, जिससे मौसम में ठंडक बनी रहेगी।
उत्तर प्रदेश (UP): पश्चिमी और मध्य यूपी में एक्टिव है मानसून
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य भागों में मानसूनी हवाएं काफी असरदार और आक्रामक दिख रही हैं।
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लखनऊ: राजधानी लखनऊ में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और मौसम सुहावना रहेगा।
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आगरा: ताजनगरी आगरा में तूफानी हवाएं चलने का विशेष अलर्ट जारी किया गया है।
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वाराणसी: धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा के तटीय इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, इसलिए घाटों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह है।
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कानपुर: कानपुर में दिनभर आसमान में घने बादल बने रहेंगे और रिमझिम बारिश की बौछारें गिरेंगी, जिससे मौसम में ठंडक घुली रहेगी।
बिहार और झारखंड: वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी
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पटना: बिहार की राजधानी पटना में 8 अगस्त को दोपहर के बाद बादलों की भयंकर गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है।
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गया: गया जिले में दिनभर घने बादल छाए रहेंगे। प्रशासन ने कुछ संवेदनशील स्थानों पर बिजली (वज्रपात) गिरने का अलर्ट जारी किया है।
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भागलपुर व मुजफ्फरपुर: भागलपुर में गंगा नदी के समीपवर्ती इलाकों में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश होगी। वहीं मुजफ्फरपुर में भी मध्यम स्तर की मानसूनी वर्षा होने और मौसम के खुशनुमा बने रहने का अनुमान है।
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झारखंड: रांची और जमशेदपुर जैसे शहरों में मध्यम से भारी बारिश के साथ 50 से 60 किमी/घंटे की स्पीड से तेज हवाएं चल सकती हैं।
पहाड़ी राज्य: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल
पहाड़ों पर बारिश इस समय आफत बनकर बरस रही है।
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हिमाचल प्रदेश: शिमला, मंडी, कुल्लू, और मनाली में भारी बारिश और आंधी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। नदियां उफान पर हैं।
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जम्मू-कश्मीर: जम्मू, कठुआ, और अनंतनाग में भी मौसम खराब रहेगा और बारिश की चेतावनी है।
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उत्तराखंड: देहरादून और तीर्थनगरी हरिद्वार में मूसलाधार बारिश के साथ 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। चार धाम यात्रियों को मौसम अपडेट लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर: असम और बंगाल में बाढ़ का मंडराता खतरा
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पश्चिम बंगाल: गंगा के तटीय क्षेत्रों में बने दबाव के कारण अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। कोलकाता में कल तटीय इलाकों में पानी भरने (जलभराव) का अनुमान है। उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ मौसम खुशनुमा रहेगा, जबकि हावड़ा में दिनभर घने बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर तेज बौछारें गिरती रहेंगी।
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असम: पूर्वोत्तर राज्य असम में स्थिति सबसे अधिक विकट बनी हुई है। यहां नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गुवाहाटी में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति और व्यापक जलभराव होने की आशंका है। सिलचर में तेज तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है। डिब्रूगढ़ में बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है, जबकि जोरहाट में मध्यम से भारी वर्षा के आसार बने हैं, जिससे जनजीवन काफी हद तक प्रभावित हो सकता है।
(इसके अतिरिक्त दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक और ओडिशा में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। तटीय क्षेत्रों में निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति बनने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे घरों से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।)


