खबरीलाल टीम
घरेलू गैस की बढ़ती मांग और आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाते हुए 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों (FTL) की बिक्री में भारी इजाफा किया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि आम जनता को इन छोटे सिलेंडरों को खरीदने के लिए किसी भी तरह के एड्रेस प्रूफ (पते का प्रमाण) की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही, गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाली एजेंसियों पर भी सरकार ने चाबुक चलाना शुरू कर दिया है। आइए विस्तार से समझते हैं गैस आपूर्ति, कार्रवाई और नए नियमों का पूरा अपडेट।READ ALSO:-यूपी में 'आसमानी आफत' का तांडव: 72 घंटे में 15 लोगों की दर्दनाक मौत, खेतों में बिछी बर्फ की चादर; रोते हुए किसानों ने कहा- "अब क्या खाएंगे?"

 

देश में रसोई गैस (LPG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। हाल ही में गैस की मांग में आए अचानक उछाल को देखते हुए सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। एक तरफ जहां छोटे सिलेंडरों की बाजार में उपलब्धता बढ़ाई गई है, वहीं दूसरी तरफ सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

 

क्या है 5 किलो वाला FTL सिलेंडर और क्यों है यह खास?

आम तौर पर भारतीय रसोई में 14.2 किलोग्राम वाले सब्सिडी युक्त गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल होता है। लेकिन, सरकार ने उन लोगों की सुविधा के लिए 5 किलोग्राम के छोटे एलपीजी सिलेंडर बाजार में उतारे हैं, जिन्हें फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL - Free Trade LPG) कहा जाता है।

 

  • बिना एड्रेस प्रूफ के खरीदारी: इन सिलेंडरों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें खरीदने के लिए आपको स्थानीय पते का प्रमाण (Address Proof) देने की कोई झंझट नहीं है। आप सिर्फ अपना कोई भी पहचान पत्र दिखाकर अपनी नजदीकी गैस एजेंसी या अधिकृत पॉइंट से इसे तुरंत खरीद सकते हैं।
  • किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा? यह योजना विशेष रूप से उन प्रवासी मजदूरों, छात्रों, अकेले रहने वाले युवाओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो अक्सर शहर बदलते रहते हैं और जिनके पास स्थायी पते का प्रमाण नहीं होता है।
  • बाजार मूल्य पर उपलब्धता: ध्यान रहे कि 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडरों के विपरीत, ये 5 किलोग्राम के FTL सिलेंडर बिना किसी सब्सिडी के सीधे बाजार कीमत (Market Price) पर उपलब्ध कराए जाते हैं।

 

बिक्री के आंकड़े: रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है डिमांड

पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ताजा बयान के अनुसार, इन छोटे सिलेंडरों की मांग में जबरदस्त उछाल देखा गया है।

 

  • 6.6 लाख से ज्यादा की बिक्री: 23 मार्च 2026 से लेकर अब तक देशभर में करीब 6.6 लाख से अधिक 5 किलोग्राम वाले FTL सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
  • एक दिन में 90 हजार पार: केवल 4 अप्रैल के आंकड़ों पर गौर करें तो एक ही दिन में 90,000 से अधिक 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री हुई है।
  • डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास पर्याप्त स्टॉक: मंत्रालय ने देश की जनता को आश्वस्त किया है कि एलपीजी वितरकों (Distributors) के पास गैस की कोई कमी नहीं है। गोदाम पूरी तरह से भरे हुए हैं और आपूर्ति श्रृंखला सुचारू रूप से काम कर रही है।
  • एक दिन में 51 लाख घरों में गैस की डिलीवरी: घरेलू उपभोक्ताओं (14.2 किलो वाले) की बात करें तो डिस्ट्रीब्यूटर्स ने एक ही दिन में 51 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडरों की सफल आपूर्ति की है।
  • डिजिटल इंडिया का असर: सबसे अच्छी बात यह है कि कुल मांग का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ ऑनलाइन बुकिंग (ऐप्स, व्हाट्सएप, वेबसाइट) के जरिए पूरा किया जा रहा है, जिससे गैस एजेंसियों पर भीड़ कम हुई है और सिस्टम में तेजी आई है।

 

कालाबाजारी और जमाखोरी पर सरकार का 'सर्जिकल स्ट्राइक'

जहां एक तरफ सरकार आपूर्ति बढ़ाने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ उन लोगों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है जो संकट का फायदा उठाकर गैस की जमाखोरी या कालाबाजारी (Black Marketing) करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।

 

  • 50,000 सिलेंडर जब्त: देशव्यापी छापेमारी के दौरान मार्च महीने से लेकर अब तक 50,000 से अधिक अवैध रूप से जमा किए गए गैस सिलेंडर प्रशासन द्वारा जब्त किए जा चुके हैं।
  • 1,400 डिस्ट्रीब्यूटर्स को नोटिस: नियमों की अनदेखी करने और ग्राहकों को परेशान करने के आरोप में देश भर के 1,400 से ज्यादा एलपीजी वितरकों (गैस एजेंसियों) को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया है।
  • 36 डीलरशिप निलंबित (Suspended): जिन गैस एजेंसियों पर अनियमितता और कालाबाजारी के पक्के सबूत मिले हैं, उन पर तुरंत एक्शन लेते हुए अब तक 36 डीलरशिप को सस्पेंड किया जा चुका है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जनता के हक का राशन या गैस चुराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

 

कमर्शियल गैस और प्राकृतिक गैस (CNG/PNG) का क्या है हाल?

मंत्रालय ने कमर्शियल एलपीजी (होटल, रेस्टोरेंट आदि में इस्तेमाल होने वाले नीले सिलेंडर) और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है।

 

  • कमर्शियल एलपीजी पर नियंत्रण: घरेलू गैस की मांग के भारी दबाव को कम करने के लिए, वाणिज्यिक (Commercial) एलपीजी की आपूर्ति को संकट से पहले के स्तर के 70 प्रतिशत तक ही सीमित कर दिया गया है। इससे घरेलू सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
  • CNG/PNG की पूरी सप्लाई: घरेलू उपयोग (PNG) और परिवहन (CNG) के लिए प्राकृतिक गैस की 100% आपूर्ति जारी है। इसमें किसी भी प्रकार की कोई कटौती नहीं की गई है।
  • उर्वरक संयंत्रों को संजीवनी: कृषि क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए, 6 अप्रैल से उर्वरक (Fertilizer) संयंत्रों के लिए गैस की आपूर्ति को उनकी औसत खपत के 90 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा। इसे हाल ही में विदेशों से आ रहे नए लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) कार्गो के जरिए समर्थन मिलेगा।

 

पेट्रोल पंपों पर ईंधन लबालब: मंत्रालय की अपील

देश की सभी बड़ी रिफाइनरियां (Refineries) अपनी उच्चतम क्षमता पर काम कर रही हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से बताया है कि देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। ईंधन की किसी भी प्रकार की कोई किल्लत नहीं है।

 

सरकार की जनता से खास अपील: पेट्रोलियम मंत्रालय ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। बाजार में गैस और ईंधन का पर्याप्त भंडार है, इसलिए घबराकर खरीदारी (Panic Buying) न करें। केवल सरकार और अधिकृत एजेंसियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
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