रसोई गैस (LPG) आज हर घर की सबसे बड़ी जरूरत है। केंद्र सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना और सामान्य गैस कनेक्शन धारकों को दी जाने वाली सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर (DBT) की जाती है। लेकिन इस सब्सिडी का लाभ सही और वास्तविक उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे, इसके लिए तेल कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने सभी ग्राहकों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य कर दिया था।
ई-केवाईसी पूरी करने के लिए 23 अगस्त 2026 की डेडलाइन तय की गई थी, जो अब बीत चुकी है। ऐसे में पूरे देश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, खासकर मेरठ, बिजनौर और आसपास के इलाकों के लाखों गैस उपभोक्ताओं के मन में दहशत और असमंजस का माहौल है। लोगों को डर है कि कहीं आज (24 अगस्त) से उनका गैस सिलेंडर आना बंद न हो जाए या सब्सिडी के पैसे खाते में आने न रुक जाएं। अगर आपने भी अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, तो यह खबर आपके लिए ही है।
डेडलाइन खत्म होने का सीधा असर: क्या आज से अटक जाएगी बुकिंग?
जिन ग्राहकों ने 23 अगस्त तक अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके लिए आज 24 अगस्त से गैस रिफिल की बुकिंग में तकनीकी बाधाएं आ सकती हैं। तेल कंपनियों के नए नियमों के अनुसार, असत्यापित (Unverified) खातों को 'संदिग्ध' की श्रेणी में डाला जा सकता है।
इसके दो बड़े नुकसान हो सकते हैं:
-
सब्सिडी पर रोक: आपके बैंक खाते में आने वाली गैस सब्सिडी को अस्थायी रूप से होल्ड (Hold) किया जा सकता है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी फर्जी या मृतक व्यक्ति के नाम पर गैस सब्सिडी का लाभ न ले रहा हो।
-
बुकिंग में रुकावट: कुछ मामलों में आईवीआरएस (IVRS) या व्हाट्सएप के माध्यम से गैस बुकिंग करने पर आपको पहले ई-केवाईसी पूरी करने का मैसेज मिल सकता है, जिससे आपकी बुकिंग पेंडिंग हो सकती है।
गैस एजेंसियों पर हाहाकार और 31 अगस्त तक डेडलाइन बढ़ाने की मांग
पिछले कुछ दिनों से मेरठ और बिजनौर सहित पूरे प्रदेश की गैस एजेंसियों (चाहे वह इंडेन हो, एचपी हो या भारत गैस) पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग अपना कामकाज छोड़कर ई-केवाईसी कराने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं। कई जगहों पर सर्वर डाउन होने और बायोमेट्रिक मशीनों (Biometric Devices) के काम न करने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
ग्रामीण इलाकों के ग्राहकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि स्मार्टफोन और इंटरनेट की सीमित जानकारी के कारण वे ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं कर पा रहे हैं। इसी भारी दबाव, सर्वर क्रैश और ऐप में आ रही तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए एलपीजी डीलर्स एसोसिएशन ने तेल कंपनियों और सरकार से ई-केवाईसी की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 करने की पुरजोर मांग की है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर तारीख बढ़ाने का नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन एजेंसियों को उम्मीद है कि ग्राहकों को कुछ और दिनों की मोहलत जरूर मिलेगी।
घबराएं नहीं! हमेशा के लिए बंद नहीं होगी e-KYC की सुविधा
'खबरीलाल' अपने पाठकों से अपील करता है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक न करें। एलपीजी डीलरों और गैस कंपनी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 23 अगस्त की डेडलाइन बीत जाने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ई-केवाईसी की सुविधा हमेशा के लिए बंद हो गई है।
सच्चाई यह है: ई-केवाईसी की प्रक्रिया एक निरंतर चलने वाली व्यवस्था है। जिन ग्राहकों की प्रक्रिया अभी अधूरी है, वे आगे भी इसे आसानी से पूरा कर सकेंगे। अगर आपकी सब्सिडी रुक भी जाती है, तो ई-केवाईसी पूरी होने के बाद उसे दोबारा चालू कर दिया जाएगा और रुका हुआ पैसा भी वापस खाते में आ सकता है। इसलिए, बिना किसी हड़बड़ी के आप अपने समय अनुसार इसे पूरा कर सकते हैं।
सरकार आखिर क्यों करा रही है गैस ई-केवाईसी?
ई-केवाईसी कराने के पीछे सरकार और तेल कंपनियों का मुख्य उद्देश्य गैस सब्सिडी की चोरी को रोकना है। बहुत से ऐसे कनेक्शन हैं जो उन लोगों के नाम पर चल रहे हैं जिनका निधन हो चुका है, या एक ही परिवार में कई फर्जी कनेक्शन लिए गए हैं। ई-केवाईसी के जरिए यह साबित होता है कि जिसके नाम पर कनेक्शन है, वह व्यक्ति जीवित है और उसी पते पर रह रहा है। इससे 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) प्रणाली में पारदर्शिता आती है और असली हकदार को ही सब्सिडी का पैसा मिलता है।
घर बैठे मोबाइल ऐप से कैसे करें e-KYC? (ऑनलाइन का सबसे आसान तरीका)
एजेंसियों की लंबी लाइनों और धक्के खाने से बचने के लिए आप अपने स्मार्टफोन से ही ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके लिए भारत सरकार ने 'फेस ऑथेंटिकेशन' (Face Authentication) की सुविधा दी है। यहाँ जानिए इसका स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस:
-
ऐप्स डाउनलोड करें: सबसे पहले अपने गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) से अपनी गैस कंपनी का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें (जैसे- IndianOil ONE, HP Pay, या Hello BPCL)। इसके साथ ही एक और ऐप 'Aadhaar Face RD' भी डाउनलोड करें (यह बैकग्राउंड में काम करता है और चेहरा स्कैन करने के लिए जरूरी है)।
-
लॉगिन करें: गैस कंपनी के ऐप को खोलें और अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन (Sign In/Register) करें।
-
LPG सेक्शन में जाएं: होम पेज पर 'LPG' सेक्शन पर क्लिक करें और वहां 'e-KYC' या 'Aadhaar Authentication' का विकल्प चुनें।
-
चेहरा स्कैन करें: बॉक्स पर टिक करके सहमति दें और 'Face Scan' पर क्लिक करें। इसके बाद आपका मोबाइल कैमरा खुल जाएगा।
-
वेरिफिकेशन पूरा करें: अपने चेहरे को कैमरे के सामने स्थिर रखें, पलकें झपकाएं ताकि ऐप यह पहचान सके कि आप एक जीवित व्यक्ति हैं। चंद सेकंड में स्कैनिंग पूरी हो जाएगी और स्क्रीन पर 'e-KYC Successfully Completed' का हरा मैसेज आ जाएगा।
नजदीकी गैस एजेंसी जाकर कैसे कराएं वेरिफिकेशन? (ऑफलाइन तरीका)
अगर आपके पास स्मार्टफोन नहीं है, ऐप काम नहीं कर रहा है, या फेस स्कैनिंग में बार-बार एरर आ रहा है, तो ऑफलाइन तरीका सबसे सुरक्षित है:
-
जरूरी दस्तावेज लें: अपनी गैस कनेक्शन की पासबुक/डायरी और अपना ओरिजिनल आधार कार्ड (Aadhaar Card) साथ रखें।
-
एजेंसी जाएं: अपने गैस डिस्ट्रीब्यूटर (जहां से आपका सिलेंडर आता है) के ऑफिस पर जाएं।
-
बायोमेट्रिक पंचिंग: वहां मौजूद कर्मचारी आपके आधार नंबर को सिस्टम में डालेगा और आपको बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन (Biometric Machine) पर अपना अंगूठा या उंगली रखनी होगी।
-
तुरंत कन्फर्मेशन: जैसे ही मशीन आपके फिंगरप्रिंट को आधार डेटाबेस से मैच करेगी, आपकी ई-केवाईसी उसी वक्त 1 मिनट के अंदर पूरी हो जाएगी।
आम जनता के लिए एक और राहत: एलपीजी सिलेंडरों के दाम रहे स्थिर
ई-केवाईसी की भागदौड़ के बीच एक अच्छी खबर यह है कि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई आग नहीं लगी है। उत्तर प्रदेश (मेरठ, बिजनौर, लखनऊ), बिहार, बंगाल, पंजाब और गुजरात समेत पूरे देश में घरेलू गैस सिलेंडरों (14.2 kg) के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम आदमी के रसोई के बजट पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है।
ई-केवाईसी कोई सजा नहीं, बल्कि गैस व्यवस्था को सुधारने की एक प्रक्रिया है। अगर आप 23 अगस्त तक यह काम नहीं कर पाए हैं, तो आज ही ऑनलाइन ऐप के जरिए या अपनी गैस एजेंसी पर जाकर इसे पूरा करें ताकि आपकी सब्सिडी सुरक्षित रहे। इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने दोस्तों, परिवार और व्हाट्सएप ग्रुप्स में जरूर शेयर करें ताकि किसी भी उपभोक्ता का गैस कनेक्शन न अटके।