खबरीलाल टीम
मंगलवार को घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतें एक बार फिर से इतिहास रचते हुए अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गईं। वैश्विक बाजारों में तेजी और अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी के कारण, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने ने ₹1,10,000 प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार कर लिया।READ ALSO:-बिजनौर में गंगा का तटबंध टूटने की आशंका: मेरठ-पौड़ी हाईवे पर आवागमन बंद, गांवों को खाली करने का ऐलान

 

एमसीएक्स पर, दिसंबर डिलीवरी के लिए सोना वायदा ₹458 की बढ़त के साथ ₹1,10,047 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अक्टूबर डिलीवरी के लिए सोना वायदा ₹482 बढ़कर ₹1,09,000 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँच गया।READ ALSO:-दशहरा, दीपावली और छठ के लिए खुशखबरी! दिल्ली से यूपी के 14 स्टेशनों के लिए चलेगी नई स्पेशल ट्रेन

 

क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में इस भारी उछाल के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और हाल ही में जारी हुए कमजोर अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़े हैं।

 

रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक, जिगर त्रिवेदी ने बताया कि अमेरिकी नौकरियों की रिपोर्ट के निराशाजनक परिणाम आने के बाद निवेशक यह उम्मीद कर रहे हैं कि फेडरल रिजर्व जल्द ही अपनी मौद्रिक नीति को और अधिक ढीला करेगा। इस कदम से अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख किया, जिससे इसकी मांग में भारी बढ़ोतरी हुई।

 

वैश्विक बाजारों में भी रिकॉर्ड उछाल
यह तेजी केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। विदेशी बाजारों में भी सोने की कीमतें नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा बढ़कर 3,694.75 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में गिरावट ने निवेशकों के लिए सोने को और भी आकर्षक बना दिया है।

 

विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका में रोजगार के आंकड़ों में सुधार नहीं होता और फेडरल रिजर्व अपनी नीति को नरम बनाए रखता है, तो आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और तेजी आ सकती है। भारत में भी, आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक सोने को एक सुरक्षित और विश्वसनीय निवेश विकल्प मान रहे हैं।
 
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