खबरीलाल टीम
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025' में UPI को और अधिक शक्तिशाली और सुरक्षित बनाने के लिए कई नई सुविधाओं की घोषणा की है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण 'UPI मल्टी-सिग्नेटरी' सुविधा है, जिसे ज्वाइंट अकाउंट्स और बिजनेस के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। यह सुविधा एक ही बैंक खाते को कई लोगों द्वारा सुरक्षित रूप से प्रबंधित करने की अनुमति देती है।READ ALSO:-बिहार के 7.42 करोड़ वोटर: 14 लाख 'फर्स्ट टाइमर्स' और 63% OBC/EBC... किसके हाथ में है सत्ता की चाबी?

 

क्या है UPI मल्टी-सिग्नेटरी सुविधा?
सरल शब्दों में, यह एक ऐसी प्रणाली है जिसमें एक ज्वाइंट (संयुक्त) बैंक खाते से UPI भुगतान करने के लिए एक से अधिक लोगों की मंजूरी (सिग्नेचर) की आवश्यकता होती है। यह ठीक उसी तरह काम करता है जैसे किसी ज्वाइंट अकाउंट के चेक पर दो या अधिक लोगों के हस्ताक्षर की जरूरत होती है।

 

यह सुविधा विशेष रूप से उन खातों के लिए डिज़ाइन की गई है जिन्हें कई लोग मिलकर चलाते हैं, जैसे:

 

  • पार्टनरशिप फर्म (साझेदारी वाली कंपनियां)
  • ट्रस्ट और सोसायटी
  • छोटे और मध्यम आकार के उद्यम (SME)
  • कोई भी अन्य ज्वाइंट अकाउंट

 

यह सुविधा कैसे काम करती है? (मेकर-चेकर प्रक्रिया)
यह सुविधा एक सुरक्षित और बहु-स्तरीय "मेकर-चेकर" प्रणाली पर काम करती है ताकि कोई भी लेनदेन बिना उचित प्राधिकरण के पूरा न हो सके।

 

  1. पेमेंट की शुरुआत ("मेकर"): खाते से जुड़ा कोई एक नामांकित उपयोगकर्ता (जिसे 'मेकर' कहा जाएगा) अपने UPI ऐप से भुगतान की प्रक्रिया शुरू करता है। वह लाभार्थी का विवरण और राशि दर्ज करता है।
  2. अप्रूवल का अनुरोध: जैसे ही 'मेकर' पेमेंट शुरू करता है, बैंक का सिस्टम उस खाते के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं ('चेकर्स') को तुरंत एक अप्रूवल रिक्वेस्ट भेजता है।
  3. मंजूरी देना ("चेकर्स"): अन्य सभी हस्ताक्षरकर्ता ('चेकर्स') अपने-अपने UPI ऐप पर इस पेमेंट रिक्वेस्ट को देखते हैं। वे लेनदेन के विवरण की जांच करते हैं और अपनी सहमति देते हैं।
  4. पेमेंट की प्रोसेसिंग: जब लेनदेन के लिए आवश्यक सभी 'चेकर्स' की मंजूरी मिल जाती है, तभी बैंक खाते से पैसा डेबिट होता है और भुगतान सफल होता है। यदि कोई एक भी व्यक्ति मंजूरी नहीं देता है, तो लेनदेन रद्द हो जाएगा।

 

सबसे बड़ी खासियत - इंटरऑपरेबिलिटी: इस सुविधा की सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी तरह से इंटर-ऑपरेबल है। इसका मतलब है कि 'मेकर' और 'चेकर' अपनी भूमिका निभाने के लिए किसी भी बैंक या थर्ड-पार्टी (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm) के UPI ऐप का उपयोग कर सकते हैं।

 

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इस सुविधा में ज्वाइंट अकाउंट्स की सुरक्षा के लिए कई उन्नत प्रोटोकॉल शामिल किए गए हैं:

 

  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: पेमेंट शुरू करने और उसे मंजूरी देने, दोनों के लिए यह अनिवार्य है।
  • डिवाइस बाइंडिंग: यह सुनिश्चित करता है कि खाता केवल रजिस्टर्ड मोबाइल डिवाइस से ही चलाया जा सके।
  • रियल-टाइम नोटिफिकेशन: खाते से जुड़े सभी उपयोगकर्ताओं को हर महत्वपूर्ण गतिविधि (जैसे पेमेंट रिक्वेस्ट, अप्रूवल) के लिए तुरंत सूचनाएं मिलती हैं।

 

यह नई सुविधा व्यापारिक लेनदेन में पारदर्शिता, सुरक्षा और सुविधा को एक नए स्तर पर ले जाएगी, जिससे भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को और मजबूती मिलेगी।
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