खबरीलाल टीम
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश के करोड़ों आधार कार्ड धारकों (Aadhaar Card Holders) के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। अगर आप भी अपनी डिजिटल पहचान को अपने स्मार्टफोन में सहेज कर रखने के लिए पुराने 'mAadhaar' ऐप का इस्तेमाल करते आ रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए अहम है।
 
UIDAI ने फैसला लिया है कि 30 जून 2026 (आज) से पुराने mAadhaar ऐप को पूरी तरह से बंद (Phase Out) कर दिया जाएगा। सरकार ने इसकी जगह एक बिल्कुल नया, अत्यधिक सुरक्षित और हाईटेक "Aadhaar App" लॉन्च कर दिया है।
 
आइए विस्तार से जानते हैं कि इस नए ऐप में क्या खास बदलाव किए गए हैं, आपको अपना पुराना डेटा कैसे सुरक्षित रखना है और नए ऐप को इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है।
 

क्या पुराना डेटा नए ऐप में अपने आप ट्रांसफर होगा? (Data Transfer Rule)

पुराना ऐप बंद होने की खबर सुनते ही हर आधार कार्ड धारक के मन में सबसे पहला सवाल यही आ रहा है कि- “क्या पुराने ऐप का डेटा और प्रोफाइल नए ऐप में खुद-बखुद (Automatically) आ जाएगा?”
 

इसका सीधा जवाब है- नहीं!

UIDAI ने स्पष्ट किया है कि पुराना mAadhaar ऐप और नया Aadhaar ऐप तकनीकी रूप से आपस में जुड़े हुए नहीं हैं। नया ऐप पूरी तरह से एक अलग और सुरक्षित सर्वर आर्किटेक्चर पर बनाया गया है। इसलिए, आपका पुराना डेटा या प्रोफाइल नए ऐप में ऑटोमैटिक ट्रांसफर नहीं होगा।
 

तो अब आपको क्या करना होगा? (Step-by-Step Guide)

घबराने की कोई जरूरत नहीं है, नए ऐप पर शिफ्ट होने की प्रक्रिया बेहद आसान है:
 
नया ऐप डाउनलोड करें: सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के ऑफिशियल ऐप स्टोर (Android यूजर्स Google Play Store से और iPhone यूजर्स Apple App Store से) पर जाएं और नया "Aadhaar App" सर्च करके डाउनलोड करें।
 
दोबारा रजिस्टर करें: ऐप खोलने के बाद अपने उसी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (जो आपके आधार से लिंक है) को दर्ज करें। आपके नंबर पर एक OTP आएगा, जिसे डालकर आपको नई प्रोफाइल बनानी होगी।
 
पुराना ऐप डिलीट करें: जब नए ऐप में आपकी प्रोफाइल सफलतापूर्वक बन जाए और आपका आधार कार्ड दिखने लगे, तो आप बेझिझक अपने फोन से पुराने 'mAadhaar' ऐप को अनइंस्टॉल (Delete) कर सकते हैं।
 

“वन फैमिली – वन ऐप” कॉन्सेप्ट: एक ही फोन में 5 आधार कार्ड

नए ऐप की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी खासियत इसका “One Family – One App” (एक परिवार - एक ऐप) फीचर है।
 
पहले भारतीय परिवारों में यह एक बड़ी समस्या थी कि बच्चों या बुजुर्गों का आधार डिजिटल रूप से मैनेज करने के लिए अलग-अलग स्मार्टफोन की जरूरत पड़ती थी। लेकिन नए ऐप में आप अकेले अपने स्मार्टफोन में अपने परिवार के अधिकतम 5 सदस्यों के आधार प्रोफाइल को एक साथ लिंक, मैनेज और सुरक्षित रख सकते हैं। यह फीचर माता-पिता के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जिन्हें अक्सर स्कूलों या अस्पतालों में बच्चों के आधार की जरूरत पड़ती है।
 

नए Aadhaar App के 5 सबसे दमदार और एडवांस फीचर्स

UIDAI का यह नया ऐप पुराने वर्जन के मुकाबले न सिर्फ काफी तेज है, बल्कि इसे नए DPDP (डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन) एक्ट के सख्त नियमों के तहत ‘प्राइवेसी-फर्स्ट’ (Privacy-First) डिजाइन पर तैयार किया गया है। इसके 5 मुख्य फीचर्स इस प्रकार हैं:
 

घर बैठे बदलें मोबाइल नंबर और पता (Update Details):

अब आपको छोटी-छोटी चीजों के लिए आधार सेवा केंद्र के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप न सिर्फ अपना वर्तमान पता (Address), बल्कि अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी इसी ऐप के जरिए सुरक्षित तरीके से अपडेट कर सकते हैं।
 
बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉकिंग (Biometric Security):
साइबर फ्रॉड से बचने का यह सबसे बड़ा हथियार है। अपनी उंगलियों के निशान (Fingerprints) और आंखों की पुतलियों (Iris) के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए आप ऐप में सिर्फ एक क्लिक से अपने बायोमेट्रिक्स को लॉक या अनलॉक कर सकते हैं। जब आपको ऑथेंटिकेशन करना हो तभी इसे अनलॉक करें, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश शून्य हो जाती है।
 

सिलेक्टिव क्रेडेंशियल शेयरिंग (Selective Sharing - प्राइवेसी का नया स्तर):

यह फीचर प्राइवेसी के मामले में गेम-चेंजर है। जब आप किसी होटल में चेक-इन करते हैं या सिनेमा हॉल में उम्र साबित करने के लिए आधार देते हैं, तो नया ऐप एक कस्टमाइज्ड QR कोड जनरेट करेगा। इससे सामने वाले को आपका पूरा आधार नंबर या अवांछित जानकारी नहीं दिखेगी, बल्कि सिर्फ उतनी ही जानकारी (जैसे सिर्फ उम्र, या सिर्फ नाम) शेयर होगी जितनी उस काम के लिए जरूरी है।
 

फेस वेरिफिकेशन (Face Verification):

कई बार उंगलियों के निशान घिस जाने (खासकर बुजुर्गों या मजदूरों में) के कारण फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन में दिक्कत आती है। अब फिंगरप्रिंट और OTP के अलावा आप अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए स्मार्टफोन के कैमरे से अपने चेहरे (Face) के जरिए भी वेरिफिकेशन कर सकते हैं।
 

ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री (Authentication History):

अब आप ऐप में यह आसानी से चेक कर सकते हैं कि पिछले कुछ महीनों में आपका आधार कार्ड कब, कहां और किस काम के लिए इस्तेमाल (वेरिफाई) किया गया है। अगर आपको कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखता है, तो आप तुरंत शिकायत कर सकते हैं।
 

इन जगहों पर तुरंत और 100% वैध है नया डिजिटल आधार

UIDAI के अनुसार, नए Aadhaar App में मौजूद डिजिटल आधार कार्ड पूरी तरह से वैध (Valid) आईडी प्रूफ है। आपको हर जगह कागज वाला आधार कार्ड ले जाने की जरूरत नहीं है। आप इसका इस्तेमाल बेझिझक निम्नलिखित जगहों पर कर सकते हैं:
 
  • होटल और रिसॉर्ट्स में चेक-इन के दौरान ऑफलाइन वेरिफिकेशन (OVSE) के लिए।
  • सिनेमा हॉल या पब में प्रवेश के समय उम्र (Age Verification) साबित करने के लिए।
  • अस्पतालों में मरीजों के एडमिशन, विजिटर्स और अटेंडेंट्स के वेरिफिकेशन के लिए।
  • गिग वर्कर्स (जैसे Swiggy, Zomato डिलीवरी बॉय, या Urban Company सर्विस पार्टनर्स) की बैकग्राउंड चेकिंग और वेरिफिकेशन के लिए।
  • हवाई अड्डों (Airports) और रेलवे स्टेशनों पर यात्रा के दौरान पहचान पत्र के रूप में।
 
डिजिटल सुरक्षा के इस नए युग में खुद को अपडेट रखना बेहद जरूरी है। इसलिए देर किस बात की? आज ही अपने स्मार्टफोन के प्ले स्टोर पर जाएं, पुराना 'mAadhaar' ऐप हटाकर नया और अत्यधिक सुरक्षित 'Aadhaar App' डाउनलोड करें, और अपनी डिजिटल पहचान को अपने कंट्रोल में लें!
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