भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए ATM ट्रांजेक्शन से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन नए नियमों में मुफ्त ट्रांजेक्शन की सीमा (Free Transaction Limit), नकद जमा और निकासी के नियम शामिल हैं। RBI का यह कदम एटीएम (ATM) सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने और साइबर क्राइम जैसी गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। ग्राहकों को अब इन नए शुल्कों और सीमाओं के बारे में जानना जरूरी है, ताकि वे अतिरिक्त शुल्क देने से बच सकें।READ ALSO:-सरकारी कर्मचारियों के लिए 2025 में बदले रिटायरमेंट के नियम: पेंशन की गारंटी वाली 'UPS' योजना सहित 5 बड़े बदलाव लागू, भविष्य हुआ सुरक्षित
क्यों बदले गए ATM के नियम?
ATM ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगाने का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को अनावश्यक रूप से बार-बार एटीएम का उपयोग करने से रोकना और डिजिटल लेनदेन (Digital Transactions) को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, RBI ने नकद जमा-निकासी से जुड़े नियमों में सख्ती कर काले धन (Black Money) के उपयोग पर नकेल कसने की भी कोशिश की है।
RBI के नए ATM नियम में क्या बदल रहा है?
RBI ने ATM से लेनदेन, नकद सीमा और बैंक शुल्क से जुड़े नियम स्पष्ट रूप से लागू किए हैं:
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सेवा
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मेट्रो शहरों में मुफ्त सीमा
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गैर-मेट्रो शहरों में मुफ्त सीमा
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अतिरिक्त शुल्क (सीमा के बाद)
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ATM ट्रांजेक्शन
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3 ट्रांजेक्शन/महीना
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5 ट्रांजेक्शन/महीना
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अधिकतम ₹23 + GST प्रति ट्रांजेक्शन
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गैर-वित्तीय ट्रांजेक्शन
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(उपरोक्त सीमा में शामिल)
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(उपरोक्त सीमा में शामिल)
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कुछ बैंक ₹11 + GST तक लेते हैं
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कैश डिपॉजिट
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कोई चार्ज नहीं
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कोई चार्ज नहीं
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कोई चार्ज नहीं
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नियमों की मुख्य बातें:
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मुफ्त ट्रांजेक्शन सीमा: मेट्रो शहरों (जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद) में ग्राहकों को प्रति माह केवल 3 मुफ्त ATM ट्रांजेक्शन की सुविधा मिलती है। गैर-मेट्रो शहरों में यह सीमा 5 मुफ्त ट्रांजेक्शन है। इस सीमा में नकद निकासी (Cash Withdrawal) और गैर-वित्तीय लेनदेन (Non-Financial, जैसे बैलेंस चेक) दोनों शामिल हैं।
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अतिरिक्त शुल्क: अगर आप तय सीमा से ज्यादा ट्रांजेक्शन करते हैं, तो बैंक आपसे शुल्क लगाएंगे। नकद निकासी जैसे वित्तीय लेनदेन के लिए यह शुल्क अधिकतम ₹23 प्रति ट्रांजेक्शन होगा, जिस पर GST अलग से लगेगा। बैलेंस चेक जैसे गैर-वित्तीय लेनदेन के लिए कुछ बैंक ₹11 तक का शुल्क लेते हैं।
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नकद लेनदेन पर सख्ती: RBI ने नकद जमा और निकासी के नियमों को कड़ा किया है। एक वित्तीय वर्ष में ₹20 लाख या उससे अधिक की नकदी जमा/निकासी के लिए पैन (PAN) और आधार कार्ड (Aadhaar) देना अनिवार्य है। यह नियम काले धन पर रोक लगाने और बड़े नकद लेनदेन पर निगरानी रखने के लिए लाया गया है।
शुल्कों से कैसे बचें?
ग्राहकों को अतिरिक्त शुल्क से बचने और RBI के इन नए नियमों का पालन करने के लिए अपनी लेनदेन की आदतों को बदलना होगा:
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जरूरी होने पर ही उपयोग: अपने बैंक के ATM का इस्तेमाल केवल तभी करें जब बेहद जरूरी हो, और बार-बार के ट्रांजेक्शन से बचें।
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डिजिटल विकल्प: बैलेंस चेक, अकाउंट स्टेटमेंट और अन्य गैर-वित्तीय लेनदेन के लिए नेटबैंकिंग (NetBanking) या मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking) ऐप का इस्तेमाल करें। ये सेवाएं मुफ्त और सुरक्षित हैं।
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सीमा का ध्यान रखें: अपनी मासिक मुफ्त ट्रांजेक्शन सीमा पर नजर रखें, खासकर मेट्रो शहरों में रहने वाले ग्राहक।
RBI की यह पहल एक ओर ग्राहकों को शुल्क के प्रति सचेत करती है, वहीं दूसरी ओर देश में डिजिटल भुगतान की आदत को मजबूत करने का प्रयास है।