खबरीलाल टीम
न्यूज़ डेस्क रिपोर्ट:
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में आसमान छूती कच्चे तेल की कीमतों के बीच, दिल्ली के वाहन चालकों के लिए एक बेहद दिलचस्प और राहत भरी खबर सामने आई है। देश की राजधानी में अब पेट्रोल की एक खास वैरायटी, आम सीएनजी (CNG) से भी कम दाम में मिलने जा रही है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली में इस विशेष पेट्रोल को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है, जिसकी शुरुआती कीमत ने सबको चौंका दिया है।
 

क्या है कीमत का पूरा गणित?

दिल्ली में जहां एक तरफ आम सीएनजी की कीमत 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है, वहीं लॉन्चिंग के समय इस नए विशेष पेट्रोल (E85 Petrol) की कीमत महज 82.12 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। सरल शब्दों में कहें तो यह नया और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन, सीएनजी के मुकाबले भी करीब 97 पैसे सस्ता पड़ रहा है।
 

सावधानी: हर गाड़ी के लिए नहीं है यह सस्ता पेट्रोल!

अगर आप सोच रहे हैं कि अपनी सामान्य कार या बाइक लेकर आप पेट्रोल पंप जाएंगे और इस सस्ते पेट्रोल को भरवा लेंगे, तो थोड़ा ठहरिए! इस बंपर राहत के साथ एक बड़ा तकनीकी पेंच भी जुड़ा हुआ है।
 
इस खास ईंधन को 'E85' नाम दिया गया है, जिसका अर्थ है कि इसमें 85 प्रतिशत तक एथेनॉल (Ethanol) मिलाया गया है। यह उच्च एथेनॉल वाला पेट्रोल आपकी सामान्य गाड़ियों के इंजन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसका इस्तेमाल केवल उन्हीं विशेष E85 वाहनों (Flex-Fuel Vehicles) में किया जा सकेगा, जिन्हें ऑटोमोबाइल कंपनियां विशेष रूप से इसी ईंधन के हिसाब से डिजाइन कर रही हैं। चूंकि कंपनियों ने इस कैटेगरी की गाड़ियों को हाल ही में बाजार में उतारना शुरू किया है, इसलिए फिलहाल दिल्ली की सड़कों पर ऐसे वाहनों की संख्या सीमित है।
 

दिल्ली के 7 पंपों पर विशेष व्यवस्था

शुरुआती चरण में यह स्पेशल पेट्रोल हर जगह नहीं मिलेगा। इसे दिल्ली के सात चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर ही बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है।
 
एक पेट्रोल पंप संचालक के मुताबिक, E85 ईंधन को सुरक्षित रूप से स्टोर करने और बेचने के लिए पूरी तरह से एक नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। इसके लिए पंपों पर अलग अंडरग्राउंड स्टोरेज टैंक, अलग डिस्पेंसिंग नोजल मशीनें और विशेष पाइपलाइन बिछाई गई हैं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) जैसी सरकारी तेल कंपनियां ही इसकी सप्लाई संभाल रही हैं। इसके ट्रांसपोर्टेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले टैंकर भी बिल्कुल अलग होंगे। जैसे-जैसे बाजार में फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों की तादाद बढ़ेगी, दिल्ली के अन्य पंपों पर भी इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा।
 

देश और किसान: दोनों के लिए 'डबल जैकपॉट'

इस नई फ्यूल पॉलिसी से केवल वाहन चालकों को ही सस्ता ईंधन नहीं मिलेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण भारत को भी एक बड़ा बूस्ट मिलने वाला है:
 
विदेशी मुद्रा की बचत: देश में ही एथेनॉल तैयार होने से भारत की कच्चे तेल के लिए आयात पर निर्भरता घटेगी। इससे हमारा कीमती विदेशी मुद्रा भंडार बाहर जाने से बचेगा।
 
किसानों की आय में वृद्धि: एथेनॉल को मुख्य रूप से गन्ने, खराब हो चुके अनाज और अन्य कृषि उत्पादों के अवशेषों (पराली/कचरे) से तैयार किया जाता है। ऐसे में इस 'ग्रीन ईंधन' की मांग बढ़ने से देश के अन्नदाताओं को अपनी फसलों के अवशेषों का बेहतरीन दाम मिलेगा, जो उनकी आमदनी में भारी इजाफे का कारण बनेगा।
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