खबरीलाल टीम
आज 9 अक्टूबर को जैसे-जैसे शाम ढल रही है, लाखों सुहागिन महिलाओं के मन में एक ही सवाल है - करवा चौथ का व्रत कल यानी 10 अक्टूबर को रखना है या नहीं? सोशल मीडिया से लेकर पंचांगों तक में अलग-अलग जानकारी ने इस भ्रम को और बढ़ा दिया है। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम आपके लिए लेकर आए हैं सबसे सटीक और विस्तृत जानकारी जो आपके हर कन्फ्यूजन को खत्म कर देगी।READ ALSO:-कफ सिरप से मौत का खौफ: IMA का मेडिकल स्टोर्स को अल्टीमेटम, "बिना पर्ची दवा बेची तो खैर नहीं!"

 

सबसे बड़ा सवाल: 9 या 10 अक्टूबर?

 

अंतिम उत्तर: व्रत 10 अक्टूबर, शुक्रवार को ही रखा जाएगा।
वैज्ञानिक और शास्त्रीय कारण: ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस वर्ष, चतुर्थी तिथि आज रात (9 अक्टूबर) को 10:54 बजे शुरू होगी। यहीं से सारा भ्रम पैदा हो रहा है।

 

लेकिन, हिंदू धर्म के शास्त्रों में व्रत-त्योहारों के लिए 'उदया तिथि' को ही मान्यता दी जाती है। इसका सीधा सा मतलब है कि कोई भी तिथि सूर्योदय के समय जिस दिन होती है, उस पूरे दिन उसी तिथि का मान होता है और व्रत भी उसी दिन रखा जाता है। 10 अक्टूबर को जब सूर्योदय होगा, तब चतुर्थी तिथि चल रही होगी। इसलिए, शास्त्र के अनुसार, व्रत 10 अक्टूबर को ही रखा जाएगा।

 

करवा चौथ 2025 का संपूर्ण पंचांग
व्रत रखने से पहले यह जानना बेहद ज़रूरी है कि पूजा का शुभ मुहूर्त कब है और आपके शहर में चांद कब निकलेगा।
  • 🗓️ व्रत की तारीख: 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार
  • पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 05:57 बजे से शाम 07:11 बजे तक
  • पूजा की कुल अवधि: लगभग 1 घंटा 14 मिनट
  • 🌕 चंद्रोदय का समय (दिल्ली-NCR): रात लगभग 08:13 बजे (ध्यान दें: लखनऊ, जयपुर, मुंबई, पटना जैसे शहरों में चंद्रोदय का समय 5-15 मिनट आगे-पीछे हो सकता है।)

 

व्रत और पूजा की सही विधि
  1. संकल्प: 10 अक्टूबर को सूर्योदय से पहले स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
  2. निर्जला व्रत: पूरे दिन बिना अन्न और जल के व्रत का पालन करें।
  3. शाम की पूजा: शुभ मुहूर्त में भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करें। करवा चौथ की कथा पढ़ें या सुनें।
  4. चंद्रमा को अर्घ्य: चंद्रोदय के बाद, छलनी से चंद्रमा को देखें और फिर अपने पति का चेहरा देखें। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य (जल) चढ़ाएं।
  5. व्रत खोलना: पति के हाथ से जल पीकर और मिठाई खाकर अपना व्रत खोलें।

 

स्वास्थ्य सर्वोपरि: विशेष सावधानियां
करवा चौथ का व्रत आस्था और प्रेम का प्रतीक है, लेकिन स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ नहीं।
  • गर्भवती महिलाएं: व्रत रखने से पहले अनिवार्य रूप से अपने डॉक्टर से सलाह लें।
  • स्वास्थ्य समस्याएं: यदि आप किसी बीमारी (जैसे डायबिटीज, बीपी) से पीड़ित हैं या कोई दवा ले रही हैं, तो व्रत रखने से बचें या डॉक्टर से परामर्श करें।

 

इस संपूर्ण जानकारी के साथ, आप बिना किसी भ्रम के करवा चौथ का पर्व मना सकती हैं। आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हों!

 

FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Quick Answers)
 
सवाल (Questions)
जवाब (Answers)
Q1: करवा चौथ 2025 की अंतिम तिथि क्या है?
व्रत 10 अक्टूबर 2025 को रखा जाएगा।
Q2: व्रत खोलने का सही समय (पारण) कब है?
चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोलें। अनुमानित समय रात 8:13 बजे है (स्थानीय समय के लिए अपने पंडित से पूछें)।
Q3: पूजा की तैयारी किस मुहूर्त में करें?
शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त 5:57 बजे से 7:11 बजे तक रहेगा।
Q4: क्या गर्भवती महिलाएं यह व्रत रख सकती हैं?
हाँ, पर डॉक्टर से सलाह लेना अनिवार्य है। स्वास्थ्य ठीक न हो तो व्रत न रखें।

 

 

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