बॉलीवुड से लेकर संसद तक अपनी बेबाक राय के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) एक बार फिर बड़े विवाद के केंद्र में आ गई हैं। इस बार उनकी टक्कर किसी सह-कलाकार या राजनीतिक विपक्षी से नहीं, बल्कि देश के जाने-माने योगगुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) से हो गई है। मामला कुछ हफ्ते पहले दिए गए कंगना के उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने आधुनिक पीढ़ी की महिलाओं को लेकर 'गटर जेनरेशन' शब्द का इस्तेमाल किया था। अब इस बयान पर छिड़ी बहस व्यक्तिगत स्तर पर पहुंच चुकी है।
क्या था पूरा विवाद और कंगना का 'गटर जेनरेशन' बयान?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब देश में युवा वर्ग और छात्रों के प्रदर्शनों के बाद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर एक तीखा पोस्ट साझा किया था। उस पोस्ट में कंगना ने उन आधुनिक भारतीय महिलाओं पर निशाना साधा था जो पारंपरिक मूल्यों से हटकर अपनी शर्तों पर जीवन जीती हैं।
कंगना ने अपने पोस्ट में लिखा था:
"उन यंग हिंदू महिलाओं के लिए शर्म की बात है जो इंडिपेंडेंट करियर वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं। बिना किसी कमाई के वो आजादी चाहती हैं... यह एक नई जेनरेशन है, तथाकथित वेस्टर्नाइज्ड इंडियन महिलाओं की। मैं इन्हें गटर जेनरेशन कहती हूं। इनमें से कुछ न तो पढ़ाई में अच्छी हैं, वो सुंदर भी नहीं हैं और इतनी करप्ट हो गई हैं कि वो होम मेकर भी नहीं बन सकतीं... ये शराब, ड्रग्स और फिजिकल रिलेशनशिप रखने की अपनी आजादी को गर्व से फ्लॉन्ट करती हैं।"
कंगना के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भूचाल आ गया था। तमाम लोगों ने उनकी इस भाषा की आलोचना की थी।


बाबा रामदेव ने की थी कड़ी आलोचना
कंगना के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबा रामदेव ने सार्वजनिक रूप से उनकी आलोचना की थी। योगगुरु ने कंगना पर तंज कसते हुए कहा था:
"कंगना ने क्या पढ़ाई की है? उनकी जवानी और बचपन कैसा रहा? उनके पुराने कारनामे भी कैसे रहे हैं? मैं उनके बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहता। किसी को इस तरह से 'गटर' बोलना एक बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है।"
बाबा रामदेव के इस बयान ने आग में घी का काम किया, और अब कंगना रनौत ने इस पर बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया है।
कंगना का पलटवार: "कम से कम मुझे सुप्रीम कोर्ट से फटकार नहीं लगी"
बाबा रामदेव द्वारा उनके अतीत, बचपन और जवानी पर सवाल उठाए जाने पर कंगना रनौत बेहद भड़क उठीं। उन्होंने बाबा रामदेव को सीधे शब्दों में आड़े हाथों लेते हुए कहा:
"बाबा जी, आप मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में सपने मत देखिए। कोई भी व्यक्ति केवल अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही इस तरह के कयास लगा सकता है। कम से कम मुझे झूठे या फ्रॉड मेडिकल दावों की वजह से कभी सुप्रीम कोर्ट से फटकार नहीं लगी है। यह सब फैक्ट्स पर बेस्ड है, गॉसिप पर नहीं। इसलिए मुझे मेरे कैरेक्टर पर ज्ञान मत दीजिए, मेरा कैरेक्टर आप से कहीं ज्यादा बेहतर है और आज तक मेरा कोई भी फ्रॉड सामने नहीं आया है।"
कंगना के इस तीखे बयान के बाद यह मामला और अधिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है। आध्यात्मिक गुरु और एक मुखर राजनेता-अभिनेत्री के बीच हुई इस बयानबाजी ने मीडिया में बड़ी बहस छेड़ दी है।
वर्क फ्रंट और राजनीतिक सफर
अगर कंगना रनौत के वर्क फ्रंट की बात करें, तो उन्हें पिछली बार फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' में देखा गया था, जिसमें उन्होंने एक नर्स की भूमिका निभाई थी। फिल्म को क्रिटिक्स से तो अच्छे रिव्यू मिले थे, हालांकि यह बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई, जो अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो रही है। इसके अलावा, फैंस उनकी आने वाली बहुप्रतीक्षित फिल्म 'क्वीन 2' का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
फिल्मी पर्दे के अलावा कंगना अब सक्रिय राजनीति में भी पूरी तरह उतर चुकी हैं। वह वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद हैं और संसद में अपने तीखे तेवरों के लिए जानी जाती हैं।
कंगना रनौत और बाबा रामदेव के बीच का यह ताजा टकराव इस बात का प्रमाण है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़ी हस्तियों के बयान किस तरह तेजी से बड़े विवाद का रूप ले सकते हैं। एक तरफ जहां कंगना अपनी बात पर अडिग हैं और व्यक्तिगत टिप्पणियों का खुलकर जवाब दे रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इस विवाद ने समाज में वैचारिक स्वतंत्रता और शालीनता की सीमाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।