खबरीलाल टीम
दिल्ली में वायु प्रदूषण (Air Pollution) के बढ़ते संकट से निपटने के लिए IIT कानपुर ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। संस्थान को पहली बार ‘कृत्रिम बारिश’ (Artificial Rain) कराने के लिए क्लाउड सीडिंग (Cloud Seeding) की अनुमति मिली, और इस तकनीक का दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में सफलतापूर्वक टेस्ट किया गया है। मौसम को सुहाना बनाने के साथ-साथ यह तकनीक दिल्ली की जहरीली हवा में प्रदूषण को कम करने में भी बहुत काम आएगी। IIT कानपुर की टीम ने चार घंटे में अपना परीक्षण पूरा कर लिया और अब बारिश कराने के लिए बादलों का इंतजार है।READ ALSO:-बिना ड्राइवर दौड़ेगी दिल्ली मेट्रो! फेज-4 के बाद 160 KM ऑटोमेटेड रूट, ड्राइवरलेस नेटवर्क में दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा शहर बनेगी दिल्ली

 

IIT कानपुर की वर्षों की तैयारी

IIT कानपुर (IIT Kanpur) काफी समय से कृत्रिम बारिश की इस स्वदेशी तकनीक (Indigenous Technology) को तैयार करने और इसका परीक्षण करने का प्रयास कर रहा था।
  • तकनीक: इसमें नमी वाले बादलों में क्लाउड सीडिंग की जाती है, जिससे उस जगह पर बारिश कराई जा सकती है।
  • अनुमति: दिल्ली सरकार ने आखिरकार दिवाली के बाद प्रदूषण से निपटने के लिए इस तकनीक के इस्तेमाल की अनुमति दे दी।
  • मिशन पूरा: अनुमति मिलने के बाद, IIT कानपुर की एयर स्ट्रिप से एक एयरक्राफ्ट ने 2 बजे उड़ान भरी और सफलतापूर्वक क्लाउड सीडिंग टेस्ट करके 6 बजे तक अपने बेस पर वापस आ गया।

 

बुराड़ी में सफल टेस्ट, बादल न होने से बारिश नहीं

IIT कानपुर के डायरेक्टर मनींद्र अग्रवाल ने इस टेस्ट की जानकारी दी है।
  • टेस्ट की सफलता: उन्होंने बताया कि दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में इसका सफल टेस्ट किया गया। इस दौरान सभी सिस्टम्स (Aircraft, Seeding Equipment, and Tracking Mechanisms) की कार्यक्षमता को अच्छे से चेक कर लिया गया।
  • बारिश क्यों नहीं हुई?: मनींद्र अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि 'वहाँ पर बादल नहीं थे, इसलिए बारिश नहीं हो पाई'।
  • आगे की योजना: उन्होंने कहा, "अब जब भी बादल होंगे, तब क्लाउड सीडिंग के द्वारा बारिश करवा दी जाएगी।"

 

CM रेखा गुप्ता ने किया तारीख का ऐलान

दिल्ली की मुख्यमंत्री (CM) रेखा गुप्ता ने इस ऐतिहासिक पहल पर ट्वीट करते हुए प्रमुख घोषणाएं कीं:
  • संभावित बारिश की तारीख: CM रेखा गुप्ता ने बताया कि मौसम विभाग (IMD) ने 28, 29 और 30 अक्टूबर को बादलों की उपस्थिति की संभावना जताई है। "यदि परिस्थितियाँ अनुकूल रहीं तो 29 अक्टूबर को दिल्ली पहली कृत्रिम बारिश का अनुभव करेगी।"
  • ऐतिहासिक पहल: मुख्यमंत्री ने इस पहल को न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से ऐतिहासिक बताया, बल्कि प्रदूषण से निपटने का एक वैज्ञानिक तरीका स्थापित करने की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण उद्देश्य बताया।
  • लक्ष्य: सरकार का उद्देश्य इस नवाचार के माध्यम से राजधानी की हवा को स्वच्छ और वातावरण को संतुलित बनाना है।

 

प्रदूषण से राहत की उम्मीद

IIT कानपुर की इस तकनीक ने Delhi Pollution से त्रस्त नागरिकों के लिए उम्मीद की एक नई किरण जगाई है। यह पहल दिल्ली के प्रदूषण से निपटने में एक गेम चेंजर साबित हो सकती है, जहाँ हर साल अक्टूबर और नवंबर में हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' या 'गंभीर' श्रेणी में पहुँच जाती है। अब सभी की निगाहें 29 अक्टूबर पर टिकी हैं।
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