खबरीलाल टीम
काबुल/इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है, जिसने पूरे क्षेत्र को एक नए संघर्ष की आग में झोंक दिया है। काबुल पर पाकिस्तानी बमबारी का बदला लेते हुए अफगान तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर एक भीषण सीमा-पार हमला करने का दावा किया है। तालिबान का कहना है कि शनिवार देर रात से शुरू हुए इस "ऑपरेशन इंतकाम" में उन्होंने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है, 30 को घायल किया है और पाकिस्तानी सेना की 25 महत्वपूर्ण चौकियों पर कब्जा कर लिया है।READ ALSO:-अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस विशेष: 'विकसित भारत 2047' की नींव 'बाल विवाह मुक्त भारत' पर टिकी; 30 महीने में 4 लाख से अधिक बाल विवाह रोके गए

 

इस दावे के बाद दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। अफगानिस्तान ने न केवल सैन्य कार्रवाई की है, बल्कि पाकिस्तान पर ISIS को अपनी जमीन पर पनाह देने और वहीं से दुनिया भर में हमले की साजिश रचने का सनसनीखेज आरोप भी लगाया है।

 

अफगान रक्षा मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस: "हमले का जवाब मिलेगा"
हमले के बाद रविवार को अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मौलवी मोहम्मद याकूब मुजाहिद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति संतोषजनक है, लेकिन पाकिस्तानी सेना का एक विशेष गुट हमारे देश में अशांति फैलाने और सुरक्षा को कमजोर करने की लगातार कोशिश कर रहा है।"

 

उन्होंने दावा किया कि यह गुट झूठे प्रचार और सीमा पर हमलों को बढ़ावा दे रहा है, लेकिन इस्लामी अमीरात (तालिबान सरकार) किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

 

पाकिस्तान पर ISIS को पनाह देने का सनसनीखेज आरोप
रक्षा मंत्री याकूब ने दुनिया को चौंकाते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अपनी जमीन पर खूंखार आतंकी संगठन ISIS की मौजूदगी को नजरअंदाज कर रखा है।

 

उन्होंने आरोप लगाया, "जब इस्लामी अमीरात ने अपनी जमीन को 'फित्नागरों' (शरारती तत्वों) से साफ कर दिया, तो उनके लिए पाकिस्तान के पश्तूनख्वा में नए केंद्र बनाए गए। इन ट्रेनिंग सेंटरों में कराची और इस्लामाबाद हवाई अड्डों के रास्ते नए लड़ाके लाए गए।"

 

तालिबान का सबसे बड़ा दावा यह है कि तेहरान और मॉस्को में हुए हालिया आतंकी हमले इन्हीं पाकिस्तानी केंद्रों से प्लान किए गए थे। उन्होंने कहा, "हमारे पास इसके पुख्ता सबूत और रिकॉर्ड मौजूद हैं।"
तालिबान की मांग: "पाकिस्तान को वहां छिपे ISIS के अहम सदस्यों को या तो अपनी जमीन से बाहर निकालना चाहिए या उन्हें इस्लामी अमीरात को सौंप देना चाहिए।"

 

राजनीतिक भूचाल: काबुल दौरा रद्द, खुली चेतावनी
तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने भी काबुल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पाकिस्तान के हालिया हमलों के कारण, एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की प्रस्तावित काबुल यात्रा को रद्द कर दिया गया है।

 

उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी, "अगर कोई अफगानिस्तान पर हमला करेगा तो उसे निर्णायक और कड़ा जवाब दिया जाएगा। सीमा पर किसी भी तरह की अपमानजनक हरकत या हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान को अपनी हवाई और जमीनी सीमा की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और कोई भी हमला बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा।
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