खबरीलाल टीम
सोशल मीडिया पर चमकते चेहरों और वायरल रील्स (Reels) के पीछे अक्सर घुप अंधेरा होता है। मेरठ में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने इंस्टाग्राम और यूट्यूब की चकाचौंध के पीछे छिपी एक घिनौनी सच्चाई को उजागर कर दिया है। लाखों फॉलोअर्स वाला 'हीरो' जब असल जिंदगी में 'विलेन' बन जाए, तो कहानी कितनी खौफनाक हो सकती है, यह छत्तीसगढ़ से मेरठ आई एक महिला की आपबीती बयां करती है।READ ALSO:-मौत की 'वेब सीरीज': मोबाइल स्क्रीन देखते-देखते बुझ गया घर का चिराग; 22 साल के कैफ की मौत ने खड़े किए सिस्टम और लाइफस्टाइल पर सवाल

 

मामला मेरठ के मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती (Shadab Jakati) से जुड़ा है। तीन दिन पहले जिस शादाब पर रेप और बंधक बनाने जैसे संगीन आरोपों में मुकदमा दर्ज हुआ था, अब उसी शादाब पर पीड़िता को डराने-धमकाने और मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगा है। सोमवार को पीड़िता बदहवास हालत में एसएसपी (SSP) ऑफिस पहुंची और अपनी जान की सलामती की भीख मांगी।

 

पीड़िता का आरोप है कि पुलिसिया कार्रवाई न होने और इन्फ्लुएंसर के रसूख के चलते अब उसका मेरठ में रहना दूभर हो गया है। एक तरफ कानूनी लड़ाई, दूसरी तरफ गुंडों की धमकी और तीसरी तरफ सिर से छत छिनने का डर—इस महिला की कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है।

 

सोमवार का वो मंजर: SSP ऑफिस में आंसुओं का सैलाब

सोमवार सुबह जब मेरठ एसएसपी कार्यालय में फरियादियों की भीड़ जुटी थी, तभी एक महिला अपने वकील के साथ वहां पहुंची। चेहरे पर खौफ और आंखों में बेबसी लिए यह महिला वही थी जिसने तीन दिन पहले इंचौली थाने में शादाब जकाती के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी।

 

महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के सामने जो दास्तां सुनाई, उसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। उसने बताया, "साहब! मुझे इंसाफ चाहिए था, लेकिन अब मुझे अपनी जान बचाने के लाले पड़ गए हैं। शादाब जेल जाने के बजाय बाहर खुलेआम घूम रहा है और अपने गुर्गों को मेरे घर भेजकर धमकियां दिलवा रहा है।"

 

महिला के साथ आए अधिवक्ता ब्रजेश तोमर ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "आरोपी इतना प्रभावशाली है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही। उल्टा पीड़ित महिला को ही डराया जा रहा है। अगर उसे या उसके परिवार को कुछ हुआ, तो इसकी जिम्मेदार मेरठ पुलिस होगी।"

 

6 फरवरी की 'काली रात': स्पीकर पर मौत का फरमान

पीड़िता ने अपनी शिकायत में एक बेहद गंभीर घटना का जिक्र किया है। यह घटना 6 फरवरी की रात की है।

 

क्या हुआ था उस रात?

महिला अपने इंचौली स्थित किराए के मकान में अपने बच्चे और परिवार के साथ मौजूद थी। रात के अंधेरे में अचानक शादाब जकाती की टीम का एक सदस्य, जिसका नाम शारिक बताया जा रहा है, उसके घर आ धमका।

 

पीड़िता के अनुसार, "शारिक ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। उसने कहा कि तुम नहीं जानती तुम किससे पंगा ले रही हो। फिर उसने अपने मोबाइल से शादाब जकाती को कॉल लगाया और फोन को स्पीकर पर डाल दिया।"

 

स्पीकर पर क्या कहा गया?

आरोप है कि स्पीकर पर दूसरी तरफ से शादाब जकाती ने सीधे तौर पर धमकी दी। कहा गया कि अगर मुकदमा वापस नहीं लिया, तो अंजाम बहुत बुरा होगा। "पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती"—ये शब्द उस इन्फ्लुएंसर के बताए जा रहे हैं जो सोशल मीडिया पर समाज सेवा और मोहब्बत की बातें करता है। इस घटना के बाद से महिला और उसका मासूम बेटा दहशत के साये में जी रहे हैं।

 

फ्लैशबैक: छत्तीसगढ़ से मेरठ तक का सफर और 'लव मैरिज'

इस पूरी घटना को समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा। पीड़िता की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लग सकती है, लेकिन यह एक कड़वी हकीकत है।

 

  • मूल निवास: महिला मूल रूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली है।
  • मेरठ आगमन (2017): साल 2017 में वह छत्तीसगढ़ छोड़कर मेरठ आ गई थी।
  • सोशल मीडिया वाला प्यार: मेरठ आने की वजह भी सोशल मीडिया ही थी। मुजफ्फरनगर के रहने वाले सोनू से उसकी दोस्ती फेसबुक/इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। यह दोस्ती प्यार में बदली और फिर दोनों ने 'लव मैरिज' कर ली।
  • पारिवारिक स्थिति: शादी के बाद सामाजिक और पारिवारिक कारणों से सोनू अपने गांव में नहीं रह सका, इसलिए दोनों मेरठ के इंचौली क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर रहने लगे। सोनू बैटरी का काम करता है, जिसके चलते वह अक्सर घर से बाहर रहता है। इनका एक बेटा भी है।

 

आर्थिक तंगी और घर चलाने की मजबूरी ने महिला को काम तलाशने पर मजबूर कर दिया। और यही तलाश उसे शादाब जकाती की चौखट तक ले गई।

 

फरवरी 2025: जब 'रक्षक' ही बन गया 'भक्षक'

महिला की मुलाकात शादाब जकाती से फरवरी 2025 में हुई थी। यह वह दौर था जब शादाब सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हो चुका था।

 

दाल में काला: रील से शुरू हुआ खेल

  • मुलाकात: सोशल मीडिया के जरिए ही महिला ने शादाब से संपर्क किया।
  • प्रस्ताव: शादाब ने महिला को अपनी रील्स (Videos) में काम करने का ऑफर दिया। महिला को लगा कि इससे उसे कुछ पैसे मिल जाएंगे और शायद थोड़ी पहचान भी।
  • शुरुआती भरोसा: शुरुआत में शादाब का व्यवहार बहुत अच्छा था। उसने महिला को अपने घर पर भी काम दिया। कई वायरल वीडियो में यह महिला शादाब के साथ नजर भी आई।

 

असली चेहरा सामने आना

पीड़िता का आरोप है कि धीरे-धीरे शादाब की नीयत बदलने लगी। "मदद" की आड़ में "शोषण" का खेल शुरू हो गया।

 

  • बंधक बनाने का आरोप: महिला ने अपनी FIR में लिखवाया है कि उसे बंधक बनाकर रखा गया।
  • शोषण और धमकी: जब उसने शादाब की हरकतों का विरोध किया, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। उसे कहा गया कि उसका वीडियो वायरल कर दिया जाएगा या उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा।
  • परिवार की संलिप्तता: आरोप यह भी है कि इस शोषण में सिर्फ शादाब अकेला नहीं था, बल्कि उसके परिवार के कुछ लोग भी उसका साथ दे रहे थे।

 

सिस्टम की मार: मकान मालिक का अल्टीमेटम

एक कहावत है—"गरीब की जोरू, सब की भाभी"। यहाँ भी सिस्टम और समाज ने पीड़िता को ही दोषी मान लिया है।

 

मुकदमा दर्ज होने के बाद जहां पुलिस को पीड़िता को सुरक्षा देनी चाहिए थी, वहीं समाज ने उसका बहिष्कार शुरू कर दिया।

 

  • घर खाली करने का फरमान: जिस किराए के मकान में वह रहती थी, वहां के मकान मालिक ने उसे घर खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया है। मकान मालिक का कहना है कि वे पुलिस के लफड़े और गुंडों के आने-जाने से परेशान नहीं होना चाहते।
  • दोहरी मुसीबत: अब इस महिला के सामने दोहरी मुसीबत है—एक तरफ शादाब के गुंडों का डर, और दूसरी तरफ सिर से छत छिनने का खौफ। उसका पति अक्सर बाहर रहता है, ऐसे में वह अपने बच्चे के साथ कहां जाएगी, यह बड़ा सवाल है।

 

इन्फ्लुएंसर कल्चर का काला सच (विश्लेषण)

मेरठ, जिसे अब 'कंटेंट क्रिएटर्स की फैक्ट्री' कहा जाने लगा है, वहां इस तरह की घटनाएं एक खतरनाक ट्रेंड की ओर इशारा करती हैं।

 

  • पावर और पॉलिटिक्स: सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स होने से इन इन्फ्लुएंसर्स को लगता है कि वे कानून से ऊपर हैं। स्थानीय पुलिस भी कई बार इनकी फैन-फॉलोइंग और राजनीतिक पकड़ के चलते हाथ डालने से बचती है।
  • काम के बदले शोषण: कई युवतियां फेमस होने की चाहत में इन स्थापित इन्फ्लुएंसर्स के संपर्क में आती हैं। 'कोलैबोरेशन' (Collaboration) के नाम पर अक्सर उनका आर्थिक और शारीरिक शोषण किया जाता है। चूंकि ये मामले आपसी सहमति से शुरू होते हैं, इसलिए बाद में इन्हें साबित करना मुश्किल हो जाता है।
  • भीड़ का डर: शादाब जकाती जैसे इन्फ्लुएंसर्स के पास एक 'वर्चुअल आर्मी' होती है। जैसे ही उन पर कोई आरोप लगता है, उनके फैंस सोशल मीडिया पर पीड़िता को ही ट्रोल करने लगते हैं, जिससे पीड़िता का मनोबल टूट जाता है।

 

पुलिस की भूमिका पर सवाल

अधिवक्ता ब्रजेश तोमर ने इंचौली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल दागे हैं।

 

  1. गिरफ्तारी क्यों नहीं? रेप जैसी संगीन धाराओं (IPC/BNS Sections) में मुकदमा दर्ज होने के 72 घंटे बाद भी आरोपी आजाद क्यों है?
  2. सुरक्षा में चूक: जब आरोपी प्रभावशाली है, तो पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं मुहैया कराई गई?
  3. धमकी पर कार्रवाई: 6 फरवरी की रात जब शारिक घर आया, तो पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार क्यों नहीं किया?

 

एसएसपी ने महिला की शिकायत सुनने के बाद इंचौली थानाध्यक्ष को मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि महिला की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

 

आगे क्या? (Next Steps)

यह मामला अब सिर्फ एक अपराध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासन के इकबाल का सवाल बन गया है।

 

  • जांच की दिशा: पुलिस अब शादाब और शारिक की कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाल सकती है ताकि धमकी वाली कॉल की पुष्टि हो सके।
  • गिरफ्तारी की तलवार: एसएसपी के दखल के बाद माना जा रहा है कि शादाब जकाती की गिरफ्तारी जल्द हो सकती है।
  • महिला का भविष्य: स्थानीय एनजीओ (NGO) और सामाजिक संस्थाओं को आगे आकर इस महिला की मदद करनी चाहिए, ताकि उसे बेघर होने से बचाया जा सके।
 
शादाब जकाती का मामला यह सबक देता है कि सोशल मीडिया की चमकती दुनिया पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। "रील लाइफ" और "रियल लाइफ" में जमीन-आसमान का फर्क होता है। अब देखना यह होगा कि मेरठ पुलिस इस 'डिजिटल बाहुबली' के खिलाफ कितनी सख्ती से पेश आती है, या फिर एक और पीड़िता सिस्टम के अंधेरे में कहीं खो जाएगी।

 

घटना की टाइमलाइन

घटनाक्रम
समय/तारीख
महिला का मेरठ आगमन
वर्ष 2017
शादाब से मुलाकात
फरवरी 2025
मुकदमा दर्ज (FIR)
3 दिन पहले (फरवरी 2026)
धमकी की घटना
6 फरवरी 2026 (रात)
SSP ऑफिस में शिकायत
सोमवार (9 फरवरी 2026)
आरोप
रेप, बंधक बनाना, जान से मारने की धमकी
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