लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने यात्रियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब यूपी रोडवेज दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश के बस स्टेशनों पर आने वाली बसों से अधिक यूपी बस पार्किंग शुल्क वसूलेगा। परिवहन निगम का यह निर्णय राजस्व बढ़ाने और उसे यात्रियों की सुविधाओं पर खर्च करने की दोहरी रणनीति का हिस्सा है।
परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक व प्रवक्ता अमरनाथ सहाय ने बताया कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि वर्तमान में यूपी की तुलना में अन्य राज्य, खासकर पड़ोसी राज्य उत्तराखंड, यूपीएसआरटीसी की बसों से कहीं अधिक पार्किंग शुल्क वसूल रहे हैं। इस असमानता को दूर करने और राजस्व में वृद्धि के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।READ ALSO:-मेरठ में फिर जानलेवा स्टंट! बारात में चलती गाड़ियों की छत पर चढ़कर युवकों ने बजाया हूटर, पुलिस को दी खुली चुनौती, वीडियो वायरल
राजस्व से बढ़ाई जाएंगी ये यात्री सुविधाएँ
परिवहन निगम के अनुसार, पार्किंग शुल्क में वृद्धि से जो अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, उसका उपयोग सीधे तौर पर यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। इन सुविधाओं में निम्नलिखित कार्य शामिल होंगे:
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बस स्टेशनों पर यात्रियों के बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था।
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यात्रियों के लिए साफ-सुथरे और आधुनिक शौचालय।
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बस अड्डों पर पीने के स्वच्छ पानी की उपलब्धता।
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गर्मी के मौसम में राहत के लिए शीतल हवा (कूलिंग) की व्यवस्था।
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परिवहन बेड़े में नई बसें शामिल करना।
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कर्मचारियों को समय पर वेतन देना सुनिश्चित करना।
अमरनाथ सहाय ने बताया, "निर्धारित है कि जिस राज्य में परिवहन निगम की बसों से जितना पार्किंग शुल्क लिया जाता होगा, उतना ही अब यहां भी उन राज्यों की बसों को चुकाना होगा। इससे आय बढ़ेगी, जिसका उपयोग सीधे यात्री सुविधाओं को बेहतर करने में होगा।"
उत्तराखंड वसूल रहा है ₹177 ज्यादा
परिवहन निगम प्रशासन द्वारा हाल ही में किए गए अध्ययन में यह सामने आया कि उत्तराखंड राज्य यूपी बस पार्किंग शुल्क की तुलना में काफी ज्यादा शुल्क वसूल रहा है।
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उत्तराखंड से लखनऊ आने वाली बसों से यूपीएसआरटीसी ₹531 प्रति बस पार्किंग शुल्क वसूलता है।
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वहीं, लखनऊ से उत्तराखंड जाने वाली यूपीएसआरटीसी की बसों से उत्तराखंड परिवहन निगम ₹708 प्रति बस वसूल रहा है।
इस तरह उत्तराखंड परिवहन निगम उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से प्रति बस ₹177 ज्यादा वसूल कर रहा है। परिवहन निगम अब सभी आठ राज्यों के पार्किंग शुल्क के डेटा का अध्ययन कर रहा है और जल्द ही शुल्क को समरूप (Parity) किया जाएगा।
इन 8 राज्यों में चलती हैं UPSRTC की बसें
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें देश के कुल आठ राज्यों के बीच संचालित होती हैं। इन राज्यों में दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश और जम्मू कश्मीर शामिल हैं। रोजाना परिवहन निगम की लगभग 12,500 बसें 16 लाख से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं। यह बड़ा नेटवर्क दिखाता है कि यह शुल्क वृद्धि कितनी बड़ी मात्रा में अतिरिक्त राजस्व जुटा सकती है।
यूपीएसआरटीसी की तरह ही अन्य राज्यों की बसें भी यूपी के विभिन्न बस स्टेशनों का उपयोग करती हैं, और इसी कारण अब उन्हें बढ़े हुए यूपी बस पार्किंग शुल्क का भुगतान करना होगा। परिवहन निगम का यह कदम न केवल राजस्व को संतुलित करेगा बल्कि अंततः उत्तर प्रदेश के लाखों बस यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने में मदद करेगा।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम का यह फैसला दूरगामी परिणाम वाला है। यूपी बस पार्किंग शुल्क को पड़ोसी राज्यों के बराबर करने से राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रधान प्रबंधक अमरनाथ सहाय के अनुसार, इस अतिरिक्त आय का उपयोग बस स्टेशनों पर स्वच्छ पेयजल, बैठने की सुविधा, बेहतर शौचालय और नई बसें लाने जैसी महत्वपूर्ण यात्री सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा। यह कदम उत्तर प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।