खबरीलाल टीम
उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पहाड़ों पर हो रही भीषण बर्फबारी और मैदानी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण पूरे प्रदेश में शीतलहर और बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस बदलते मौसम के बीच नोएडा से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सोना दो चचेरे भाइयों के लिए जानलेवा साबित हुआ।READ ALSO:-यूपी बोर्ड 2026: प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीखों में बड़ा फेरबदल! 29-30 जनवरी को भी होंगे एग्जाम, सचिव ने जारी किया 'अर्जेंट' आदेश

 

मौसम विभाग (IMD) ने आज भी प्रदेश के 15 जिलों में ओलावृष्टि और 20 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में तापमान में भारी गिरावट और कोहरे की वापसी की आशंका जताई गई है।

 

नोएडा में ठंड का कहर: अंगीठी बनी काल

दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शुक्रवार से ही मौसम खराब था। बारिश के कारण ठंड और गलन बढ़ गई थी। इसी ठंड से बचने की कोशिश में नोएडा के सेक्टर-63 स्थित छिजारसी कॉलोनी में एक बड़ा हादसा हो गया।

 

मुरादाबाद के रहने वाले दो चचेरे भाई, फुरकान (35) और साहिल (18), जो नोएडा में मजदूरी कर अपना जीवनयापन कर रहे थे, शुक्रवार रात ठंड से बचने के लिए अपने कमरे में अंगीठी जलाकर सोए थे। बंद कमरे में अंगीठी जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon Monoxide - CO) गैस बन गई, जिससे दोनों का दम घुट गया और उनकी नींद में ही मौत हो गई।

 

क्या हुआ उस रात?

परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार को बारिश की वजह से ठंड बहुत ज्यादा थी। दोनों भाइयों ने रात में अपने परिवार से फोन पर बात की थी और सब कुछ सामान्य था। लेकिन, सुबह जब परिजनों ने उन्हें फोन किया, तो कॉल रिसीव नहीं हुई। अनहोनी की आशंका होने पर परिजनों ने पास में रहने वाले उनके साथियों को संपर्क किया। जब साथी उनके कमरे पर पहुंचे और दरवाजा तोड़ा, तो दोनों बेहोश पड़े थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

सावधानी ही बचाव है: (Internal link to related article: बंद कमरे में हीटर या अंगीठी जलाने के नुकसान और बचाव के तरीके)

 

साइलेंट किलर है 'कार्बन मोनोऑक्साइड'

यह घटना पहली बार नहीं हुई है। हर साल सर्दियों में अंगीठी या ब्लोअर जलाकर सोने से कई लोगों की जान जाती है। विज्ञान की भाषा में इसे 'साइलेंट किलर' कहा जाता है।

 

  1. कैसे होती है मौत? जब बंद कमरे में कोयला या लकड़ी जलती है, तो ऑक्सीजन कम होने लगती है और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस बनती है।
  2. लक्षण नहीं दिखते: यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, इसलिए सो रहे व्यक्ति को पता ही नहीं चलता कि वह जहर अंदर ले रहा है।
  3. शरीर पर असर: यह गैस खून में हीमोग्लोबिन के साथ मिलकर ऑक्सीजन की सप्लाई रोक देती है, जिससे व्यक्ति 'कोमा' में चला जाता है और अंततः उसकी मौत हो जाती है।

 

मौसम का मिजाज: आज 15 जिलों में ओले, 20 में आंधी का अलर्ट

पहाड़ी राज्यों में हो रही भारी बर्फबारी का सीधा असर उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिख रहा है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आज का दिन भी प्रदेशवासियों के लिए भारी रहने वाला है।

 

आज का वेदर अलर्ट (Today's Weather Alert):

  • ओलावृष्टि की चेतावनी (15 जिले): सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं और इनके आसपास के क्षेत्र।
  • तेज आंधी का अलर्ट (20 जिले): ऊपर दिए गए जिलों के अलावा बागपत, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, पीलीभीत और शाहजहांपुर में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
  • बारिश का रिकॉर्ड: बीते 48 घंटों में पूर्वी और पश्चिमी यूपी में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। संभल में सबसे ज्यादा 95 मिमी बारिश हुई है। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, हरदोई और एनसीआर के इलाकों में भी जमकर बादल बरसे हैं।

 

क्यों बदला अचानक मौसम? (Meteorological Analysis)

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है।

 

  • हवाओं की दिशा में बदलाव: पहले प्रदेश में पूर्वा हवाएं चल रही थीं, लेकिन अब उनकी जगह 'पछुआ' (Westerly) हवाओं ने ले ली है। पछुआ हवाएं अपने साथ पहाड़ों की ठंडक लेकर आ रही हैं।
  • नमी का असर: अरब सागर से उठी नमी और पहाड़ों की ठंडी हवाओं के मिलने से बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बनी है।

 

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है, "बदले हुए मौसम के बीच 27 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। हालांकि पश्चिमी यूपी में न्यूनतम तापमान बढ़ सकता है, लेकिन दिन में बादलों के कारण ठंडक बनी रहेगी।"

 

अगले 4 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (Weather Forecast Jan 26-29)

मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के बाद बारिश का एक नया दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है।
 
तारीख
मौसम का हाल
चेतावनी
26 जनवरी
मौसम साफ रहने का अनुमान, कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी संभव।
सर्द हवाएं चलेंगी, सुबह कोहरा रह सकता है।
27 जनवरी
बादल छाए रहेंगे, हल्की बारिश की शुरुआत।
तापमान में गिरावट, नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा।
28 जनवरी
पश्चिमी यूपी में गरज-चमक के साथ बारिश। पूर्वी यूपी में भी बौछारें।
ओलावृष्टि की संभावना, बिजली गिरने का खतरा।
29 जनवरी
गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश।
तेज हवाएं (30-40 kmph) चल सकती हैं।
 

किसानों के लिए जरूरी सलाह: फसल पर असर

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, यह मौसम 'मिश्रित फल' लेकर आया है - यानी कुछ फसलों के लिए यह अमृत है, तो कुछ के लिए जहर।

 

इन फसलों को होगा फायदा:

  • गेहूं (Wheat): गेहूं की फसल के लिए यह बारिश और ठंड किसी टॉनिक से कम नहीं है। इससे दाने मजबूत होंगे और पैदावार बढ़ेगी।
  • चना और मसूर: दलहन की इन फसलों को भी हल्की बारिश से फायदा मिलेगा।

 

इन फसलों को भारी नुकसान:

  • सरसों (Mustard): जिन खेतों में सरसों की फसल पकने की कगार पर है या फूल आ चुके हैं, वहां ओलावृष्टि और तेज बारिश से फसल गिरने (Lodging) का खतरा है। इससे दाना काला पड़ सकता है।
  • आलू (Potato): खेतों में पानी भरने से आलू में सड़न (Rotting) या 'झुलसा रोग' (Late Blight) लगने की आशंका बढ़ गई है।
  • मटर: मेरठ, हाथरस और इटावा में मटर के दाने के बराबर ओले गिरने से मटर की फसल को भारी क्षति पहुंची है।

 

किसानों को सलाह (Advisory):

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जलभराव न होने दें। यदि आलू या सरसों में फंगस का प्रकोप दिखता है, तो मौसम साफ होते ही 'मैनकोजेब' (Mancozeb) या उचित कवकनाशी (Fungicide) का छिड़काव करें। साथ ही, पशुओं को भी खुले में न बांधें।

 

शहरों का हाल: अयोध्या सबसे ठंडा, लखनऊ में 'गर्म' रात

मौसम की इस उठापटक में तापमान के दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं।

 

  • अयोध्या: भगवान राम की नगरी अयोध्या पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8°C दर्ज किया गया।
  • लखनऊ: राजधानी लखनऊ में एक अजीब रिकॉर्ड बना। यहां शुक्रवार की रात सीजन की सबसे 'गर्म' रात रही। न्यूनतम तापमान 15.4°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2005, 2007 और 2019 के बाद जनवरी की यह चौथी सबसे गर्म रात थी। इसका कारण आसमान में छाए घने बादल थे, जिन्होंने धरती की गर्मी को बाहर नहीं निकलने दिया (Greenhouse effect)।

 

यूपी में मौसम का यह बदलाव अभी कुछ दिन और जारी रहेगा। 26 जनवरी के बाद बारिश का दूसरा दौर ठंड को और बढ़ा सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें।

 

खासकर, नोएडा हादसे से सबक लेते हुए, यह अपील की जाती है कि ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में हीटर, ब्लोअर या अंगीठी का प्रयोग बहुत सावधानी से करें। वेंटिलेशन (हवादार रोशनदान) का होना अनिवार्य है। आपकी थोड़ी सी सावधानी किसी बड़े हादसे को टाल सकती है। मौसम की ताजा अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।

 

यूपी में पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम ने पलटी मारी है। 15 जिलों में ओले और 20 जिलों में आंधी का अलर्ट है। नोएडा में अंगीठी जलाकर सोने से दो भाइयों की मौत ने सुरक्षा के प्रति गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 27-28 जनवरी को फिर बारिश होगी, जो गेहूं के लिए अच्छी लेकिन सरसों-आलू के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
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