खबरीलाल टीम
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की अहम बैठक में राज्य के विकास और लोक कल्याण से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2022 के विधानसभा चुनाव में अपने संकल्प पत्र में जो वादे किए थे, उन्हें अमलीजामा पहनाने की दिशा में यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई है। इस कैबिनेट बैठक में महिला सशक्तिकरण, युवाओं के भविष्य, ढांचागत विकास और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा को लेकर कुल 27 प्रस्ताव पेश किए गए थे, जिनमें से 24 प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है।READ ALSO:-आज से देश में लागू हुआ सिम कार्ड का नया और सख्त नियम: अब आपके नाम पर हो सकते हैं सिर्फ 9 मोबाइल नंबर, एक्स्ट्रा कनेक्शन होंगे तुरंत बंद

 

नीचे विस्तार से जानिए योगी कैबिनेट द्वारा लिए गए प्रमुख फैसलों की हर छोटी-बड़ी जानकारी:

 

1. बुजुर्ग महिलाओं के लिए 'लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना'

कैबिनेट का सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित फैसला राज्य की बुजुर्ग महिलाओं के हित में लिया गया है। सरकार ने 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) की बसों में मुफ्त यात्रा के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

 

  • योजना का नाम और प्रभाव: इस योजना को 'लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना' नाम दिया गया है। सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस फैसले से राज्य की लगभग 81 लाख से लेकर एक करोड़ से अधिक महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
  • पहचान का तरीका: इस निःशुल्क बस यात्रा सुविधा का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को अपनी आयु प्रमाणित करने हेतु परिचालक (कंडक्टर) को अपना आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड दिखाना होगा।
  • कब से होगी शुरुआत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को आधिकारिक तौर पर इस योजना का शुभारंभ करेंगे। यह बुजुर्ग महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने और राज्य के भीतर सुगम परिवहन सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

 

2. रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा और ई-बसों की खरीद

महिलाओं के लिए परिवहन सुविधाओं को और भी सुदृढ़ बनाने के लिए कैबिनेट ने दो अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं:

 

  • रक्षाबंधन का तोहफा: हर साल की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सभी महिलाओं के लिए यूपी रोडवेज की बसों में यात्रा पूरी तरह से मुफ्त रहेगी। यह सुविधा 26 अगस्त से 29 अगस्त तक उपलब्ध रहेगी। विशेष रूप से, 27 अगस्त की सुबह 6:00 बजे से 29 अगस्त की आधी रात तक महिलाएं राज्य भर में बिना टिकट सफर कर सकेंगी।
  • 250 नई इलेक्ट्रिक बसें: प्रदूषण को कम करने और आरामदायक सफर सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग को 425 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 250 नई इलेक्ट्रिक बसें (42-सीटर और 52-सीटर मॉडल) खरीदने की भी कैबिनेट से हरी झंडी मिल गई है।

 

3. इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सप्रेसवे का महा-विस्तार

उत्तर प्रदेश को 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर के तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को अपनी स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं से राज्य में कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसरों में भारी उछाल आने की उम्मीद है।

 

कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए प्रमुख प्रोजेक्ट्स की एक नज़र:

परियोजना का नाम
कुल लागत (अनुमानित)
प्रमुख विशेषता और रूट
झांसी लिंक एक्सप्रेसवे
₹7,968.30 करोड़
106.30 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे। जालौन में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से शुरू होकर झांसी (NH-44) तक जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार
₹10,761 करोड़
प्रयागराज से शुरू होने वाले इस एक्सप्रेसवे का विस्तार अब बिजनौर होते हुए सीधे हरिद्वार (उत्तराखंड) तक किया जाएगा।
पूर्वांचल इंडस्ट्रियल क्लस्टर
₹272.25 करोड़
सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMELC) बनाया जाएगा।

 

  • झांसी लिंक एक्सप्रेसवे की खासियत: बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास को रफ्तार देने के लिए यह 106.30 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होगा। शुरुआत में इसे 6-लेन के एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा, लेकिन भविष्य के ट्रैफिक को देखते हुए इसमें 8-लेन तक विस्तार करने का प्रावधान पहले से ही रखा गया है।
  • गंगा एक्सप्रेसवे से कुंभ की कनेक्टिविटी: हरिद्वार तक विस्तार होने से देश के दो सबसे बड़े कुंभ शहरों (प्रयागराज और हरिद्वार) के बीच हाई-स्पीड और बाधारहित यातायात सुनिश्चित हो सकेगा।
  • सुल्तानपुर में रोजगार: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास इंडस्ट्रियल कॉरिडोर योजना के तहत बनने वाले IMELC के लिए ग्लोबल बिडिंग के जरिए डेवलपर का चयन किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हजारों नौकरियां पैदा होंगी।

 

4. युवाओं के लिए 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना'

राज्य के 'जेन जी' (Gen Z) यानी नई पीढ़ी के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम और आधुनिक बनाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने प्रदेश के युवाओं को 25 लाख नए टैबलेट मुफ्त बांटने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

 

  • बजट और लक्षित समूह: इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत 2,374.60 करोड़ रुपये का विशाल बजट आवंटित किया गया है।
  • किसे मिलेगा लाभ: ये फ्री टैबलेट अंडरग्रेजुएट (UG), पोस्टग्रेजुएट (PG), विभिन्न डिप्लोमा कोर्सेज, ITI और स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम कर रहे छात्र-छात्राओं को दिए जाएंगे। इसके अलावा हायर एजुकेशन, तकनीकी शिक्षा और हेल्थ एजुकेशन सेक्टर से जुड़े युवाओं को भी इस योजना के तहत कवर किया गया है।
  • वर्तमान में इन 25 लाख टैबलेट की खरीद के लिए चुनी गई एजेंसियों को ऑर्डर देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

 

5. वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सम्मान के लिए सख्त नियम

बुजुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और उन्हें बेघर किए जाने की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए यूपी कैबिनेट ने एक बेहद सख्त और संवेदनशील फैसला लिया है। कैबिनेट ने 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण नियम' को अपनी मंजूरी दे दी है।

 

  • संपत्ति से बेदखली के नियम: इस नई और पारदर्शी व्यवस्था के तहत, यदि कोई बेटा, बेटी या कानूनी वारिस अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल नहीं करता है, तो उन्हें माता-पिता की संपत्ति से बेदखल करने की कानूनी प्रक्रिया को अब बहुत आसान और त्वरित बना दिया गया है।
  • 30 दिन में होगी कार्रवाई: शिकायत दर्ज कराने के लिए राज्य स्तर पर एक डेडिकेटेड टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा। सबसे अहम बात यह है कि यदि बेदखली के आदेश के बावजूद संतान संपत्ति खाली नहीं करती है, तो जिला प्रशासन और पुलिस को अधिकतम 30 दिनों के भीतर कार्रवाई कर संपत्ति खाली कराने का अधिकार दे दिया गया है।

 

उत्तर प्रदेश कैबिनेट के ये 24 फैसले स्पष्ट करते हैं कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग—महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को साधने का प्रयास कर रही है। एक तरफ जहां फ्री बस यात्रा और वरिष्ठ नागरिक नियमों से सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी, वहीं एक्सप्रेसवे और फ्री टैबलेट जैसी योजनाएं प्रदेश को आर्थिक और तकनीकी मोर्चे पर देश में अग्रणी बनाने का काम करेंगी।

 

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