उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) पुलिस विभाग में इन दिनों जश्न और खुशियों का माहौल है। यूपी कैडर के दो बेहद लोकप्रिय और तेजतर्रार भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हमेशा के लिए एक-दूसरे के होने जा रहे हैं। हम बात कर रहे हैं बरेली में तैनात एसपी (SP) अंशिका वर्मा और संभल के एसपी कृष्ण कुमार (केके) बिश्नोई की। हाल ही में इन दोनों अधिकारियों की सगाई संभल में पूरे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई, जिसमें पुलिस महकमे के कई आला अधिकारी और दोनों परिवारों के करीबी सदस्य शामिल हुए। आईपीएस अंशिका वर्मा और केके बिश्नोई की इस शादी ने पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोर ली हैं।READ ALSO:-बिजनौर में दबंगों का नंगा नाच: 'शहर ताज पैलेस' में शादी समारोह के दौरान युवक की बेरहमी से पिटाई, लाइव मारपीट का खौफनाक CCTV वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर अपने काम और अपनी स्टाइल को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले इन दोनों अफसरों की लव स्टोरी (Love Story) किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। गोरखपुर की सरजमीं से शुरू हुई इनकी मुलाकात अब जीवन भर के साथ में बदलने जा रही है। खबरीलाल (Khabreelal) की इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको इन दोनों अधिकारियों की पेशेवर उपलब्धियों, इनकी दिलचस्प लव स्टोरी, शादी के कार्यक्रमों और उत्तर प्रदेश पुलिस में इनके द्वारा किए गए शानदार कार्यों के बारे में विस्तार से बताएंगे।
गोरखपुर से शुरू हुई आईपीएस अंशिका वर्मा और केके बिश्नोई की लव स्टोरी
कहते हैं कि जोड़ियां आसमान में बनती हैं, लेकिन आईपीएस अंशिका वर्मा (IPS Anshika Verma) और आईपीएस केके बिश्नोई (IPS KK Bishnoi) की जोड़ी को मिलाने का काम उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले ने किया। साल 2023 इन दोनों के जीवन में एक नया और खूबसूरत मोड़ लेकर आया।

उस वक्त केके बिश्नोई (2018 बैच) गोरखपुर में एसपी सिटी (SP City) के पद पर तैनात थे। वह अपने कड़क मिजाज और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जाने जाते थे। उसी दौरान, 2021 बैच की युवा और होनहार आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा अंडर ट्रेनिंग (Under Training) अफसर के रूप में गोरखपुर पहुंचीं। पेशेवर जिम्मेदारियों और ट्रेनिंग के सिलसिले में दोनों की मुलाकातें शुरू हुईं। वरिष्ठ अधिकारी के रूप में केके बिश्नोई ने अंशिका का मार्गदर्शन किया और इसी दौरान दोनों के बीच एक अच्छी समझ और सम्मान विकसित हुआ।

काम के प्रति दोनों का समर्पण, पुलिसिंग को लेकर उनके विचार और जीवन के प्रति उनके नजरिए में काफी समानताएं थीं। धीरे-धीरे यह पेशेवर मुलाकात दोस्ती में और फिर प्यार में बदल गई। लगभग तीन साल तक एक-दूसरे को समझने और जानने के बाद, अब उन्होंने अपने इस रिश्ते को शादी के पवित्र बंधन (Marriage) में बांधने का फैसला किया है।
सगाई संभल में, अब राजस्थान में गूंजेगी शहनाई: शादी का पूरा कार्यक्रम
गुरुवार को संभल में एक सादे लेकिन बेहद गरिमामय समारोह में दोनों अफसरों ने एक-दूसरे को अंगूठी पहनाकर सगाई की रस्में पूरी कीं। इस कार्यक्रम में केवल परिवार के सदस्य और कुछ बेहद करीबी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ही शामिल हुए।

चूंकि आईपीएस केके बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं, इसलिए शादी के मुख्य कार्यक्रम राजस्थानी परंपराओं के अनुसार वहीं संपन्न होंगे। शादी के कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:
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27 मार्च 2026 (हल्दी और संगीत): विवाह की रस्मों की शुरुआत 27 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर जिले में हल्दी और संगीत सेरेमनी के साथ हो रही है। इस कार्यक्रम में राजस्थानी लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों की छटा देखने को मिलेगी।
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29 मार्च 2026 (मुख्य विवाह समारोह): दोनों अधिकारी 29 मार्च को सात फेरे लेकर हमेशा के लिए एक हो जाएंगे। यह मुख्य समारोह पूरे रीति-रिवाजों के साथ आयोजित किया जाएगा।
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30 मार्च 2026 (ग्रैंड रिसेप्शन): नवविवाहित जोड़े के सम्मान में 30 मार्च को राजस्थान के ऐतिहासिक शहर जोधपुर (Jodhpur) में एक भव्य रिसेप्शन (Reception) का आयोजन किया गया है। इसमें राजनीति, प्रशासन और पुलिस महकमे की कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है।
हाल ही में होली के अवसर पर दोनों अफसरों का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला था। 5 मार्च 2026 को बरेली में आईपीएस अंशिका वर्मा ने काला चश्मा पहनकर मशहूर गाने 'लंदन ठुमकदा' पर शानदार डांस कर सुर्खियां बटोरी थीं। वहीं अगले ही दिन संभल में एसपी केके बिश्नोई ने फिल्म 'धुरंधर' के 'रहमान डकैत' स्टाइल में शिकारियों वाली हैट पहनकर और खुली जिप्सी में एंट्री लेकर पुलिस लाइन में रंग जमाया था।

कौन हैं आईपीएस केके बिश्नोई? बाड़मेर से संभल तक का सफर
आईपीएस अंशिका वर्मा और केके बिश्नोई की इस जोड़ी में केके बिश्नोई अपने आप में एक 'सिंघम' छवि वाले अधिकारी हैं। 32 वर्षीय कृष्ण कुमार बिश्नोई उत्तर प्रदेश कैडर के 2018 बैच के आईपीएस अफसर हैं। उनका जन्म राजस्थान के बाड़मेर जिले के एक छोटे से गांव धोरीमना में हुआ था। ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा (UPSC) में जगह बनाना उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश के संवेदनशील जिले संभल में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात हैं। अपनी छोटी सी सर्विस में ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अपनी कार्यशैली की गहरी छाप छोड़ी है। उनके नेतृत्व में कई बड़े गिरोहों का पर्दाफाश हुआ है और प्रदेश में कानून व्यवस्था (Law and Order) को मजबूत करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है।
केके बिश्नोई की 5 सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक और उपलब्धियां
आईपीएस बिश्नोई ने अपनी तैनाती के दौरान अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति अपनाई है। आइए उनके करियर के कुछ सबसे बड़े ऑपरेशन्स पर नजर डालते हैं:
1. संभल का 100 करोड़ का बीमा धोखाधड़ी घोटाला (Insurance Scam) संभल एसपी के रूप में कार्यभार संभालने के बाद, केके बिश्नोई के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसने पूरे देश की बीमा कंपनियों की नींद उड़ा दी थी। यह गिरोह फर्जी दस्तावेज, नकली मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificates) और मनगढ़ंत सड़क हादसों की कहानियां बनाकर बीमा कंपनियों से करोड़ों रुपये ऐंठ रहा था। इस बेहद जटिल ऑपरेशन में 70 से अधिक शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इस असाधारण कार्य के लिए उन्हें 26 जनवरी 2025 को 'प्लैटिनम पदक' (Platinum Medal) और 'उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक' से सम्मानित किया गया था।
2. जामा मस्जिद सर्वे हिंसा पर नियंत्रण (नवंबर 2024) नवंबर 2024 में संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान शहर में भारी सांप्रदायिक तनाव और हिंसा भड़क उठी थी। ऐसे नाजुक मौके पर एसपी केके बिश्नोई ने अपनी बेहतरीन प्रशासनिक और रणनीतिक सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने दंगा निरोधक उपकरणों के साथ खुद मोर्चे पर खड़े होकर उपद्रवी भीड़ का सामना किया। उन्होंने युवाओं से सीधा संवाद किया और उन्हें समझाया कि नेताओं के बहकावे में आकर वे अपना करियर और भविष्य बर्बाद न करें। इतना ही नहीं, दंगाइयों द्वारा बरसाए गए ईंट-पत्थरों को इकट्ठा करवाकर उन्होंने उसी जगह पर नई पुलिस चौकियों का निर्माण करवा दिया, जिसने पूरे प्रदेश के उपद्रवियों को एक कड़ा संदेश दिया।
3. पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार पर 'क्लीन अप' ऑपरेशन (फरवरी 2026) केके बिश्नोई केवल बाहरी अपराधियों से ही नहीं, बल्कि महकमे के भीतर मौजूद काली भेड़ों से भी सख्ती से निपटते हैं। फरवरी 2026 में, संभल में अवैध वसूली की शिकायतें मिलने पर उन्होंने एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया। आरोपों की पुष्टि होने पर उन्होंने पूरी एसओजी (SOG) टीम को सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा, अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही बरतने वाले 39 पुलिसकर्मियों (जिनमें कई दरोगा और हेड कांस्टेबल शामिल थे) को एक साथ लाइन हाजिर कर पूरे विभाग में हड़कंप मचा दिया था।
4. माफियाओं की संपत्ति पर चला बुलडोजर (मेरठ और गोरखपुर) उत्तर प्रदेश सरकार के 'माफिया मुक्त यूपी' अभियान को बिश्नोई ने पूरी ताकत से लागू किया। अपनी शुरुआती पोस्टिंग के दौरान, उन्होंने मेरठ में पश्चिमी यूपी के कुख्यात माफिया बदन सिंह बद्दो (Badan Singh Baddo) के अवैध बंगले और मार्केट पर बुलडोजर चलवाकर उसकी करोड़ों की संपत्ति कुर्क की। इसके बाद गोरखपुर में एसपी सिटी रहते हुए उन्होंने संगठित अपराध नेटवर्क की कमर तोड़ दी और लगभग 803 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति को जब्त करने की ऐतिहासिक कार्रवाई की।
5. वित्तीय ठगों और क्रिप्टो फ्रॉड पर नकेल तकनीकी अपराधों (Cyber Crimes) से निपटने में भी बिश्नोई माहिर हैं। संभल में बिटकॉइन (Bitcoin) और अन्य क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर भोली-भाली जनता से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड जावेद हबीब के खिलाफ उन्होंने न केवल लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी करवाया, बल्कि ठगी के शिकार हुए पीड़ितों का पैसा वापस दिलाने के लिए एक विशेष कानूनी प्रक्रिया की शुरुआत भी की।
यूथ आइकन आईपीएस अंशिका वर्मा: इंस्टाग्राम स्टार से लेकर तेजतर्रार अफसर तक
अब बात करते हैं आईपीएस अंशिका वर्मा की, जो वर्तमान में बरेली जिले में एसपी के पद पर तैनात हैं। अंशिका वर्मा (30 वर्ष) 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और आज के युवाओं, विशेषकर लड़कियों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा (Role Model) हैं।
अंशिका मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) के पॉश इलाके सिविल लाइंस की रहने वाली हैं। उनके पिता श्री अनिल वर्मा उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के रिटायर्ड अधिकारी हैं और माता वंदना वर्मा एक सफल गृहिणी हैं। एक सुशिक्षित परिवार से ताल्लुक रखने वाली अंशिका ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नोएडा (Noida) से पूरी की। इसके बाद उन्होंने साल 2014 से 2018 के बीच ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया कॉलेज (Galgotias College) से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (B.Tech) की डिग्री हासिल की।
इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने सिविल सर्विसेज में जाने का मन बनाया। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा (UPSC) के अपने दूसरे ही प्रयास में 136वीं रैंक हासिल की और आईपीएस के लिए चुनी गईं। अंशिका न केवल एक बेहतरीन पुलिस अफसर हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। इंस्टाग्राम (Instagram) पर उनके 6 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जहां वह युवाओं को प्रेरित करती हैं और पुलिसिंग से जुड़ी सकारात्मक बातें शेयर करती हैं।
आईपीएस अंशिका वर्मा के चर्चित पुलिस ऑपरेशन्स
अंशिका वर्मा की छवि एक संवेदनशील लेकिन जरूरत पड़ने पर बेहद सख्त अधिकारी की है। उनके छोटे से पुलिसिंग करियर में उन्होंने कई बड़े कारनामे किए हैं:
आगरा से की शानदार शुरुआत और मिशन शक्ति ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अंशिका की पहली तैनाती आगरा (Agra) के ऐतिहासिक फतेहपुर सीकरी थाने में हुई। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति' (Mission Shakti) अभियान को जमीन पर उतारा। उन्होंने महिलाओं और स्कूल जाने वाली लड़कियों की सुरक्षा के लिए कई विशेष अभियान चलाए। आगरा में तैनाती के दौरान ही उन्होंने एक बेहद उलझे हुए और बहुचर्चित ब्लाइंड मर्डर केस (Murder Case) की गुत्थी सुलझाकर असली हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुंचाया था।
गोरखपुर में खूंखार 'डायना गैंग' का भंडाफोड़ गोरखपुर में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में अंशिका वर्मा की पोस्टिंग ने उन्हें एक नई पहचान दी। उस समय कुसुम्ही जंगल (Kusmhi Forest) क्षेत्र में महिलाओं के साथ लूटपाट और दुष्कर्म की घटनाओं ने पुलिस की नींद उड़ा रखी थी।
अंशिका ने इस मामले की जांच अपने हाथों में ली। उनकी सूक्ष्म जांच में एक शातिर अपराधी दयानंद उर्फ डायना उर्फ देवेंद्र का नाम सामने आया, जो एक गैंग बनाकर इन वारदातों को अंजाम दे रहा था। यह अपराधी इतना शातिर था कि वह पीड़ितों को खुद को कभी पुलिस अधिकारी तो कभी वन विभाग का अधिकारी बताता था। आईपीएस अंशिका के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगभग एक महीने तक घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया और आखिरकार डायना को धर दबोचा। कड़ी पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह लंबे समय से महिलाओं को अपना निशाना बना रहा था।
राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और 'वुमन आइकॉन अवार्ड' अंशिका वर्मा को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए कई बार सम्मानित किया जा चुका है। डायना की गिरफ्तारी और एक बड़े स्टांप घोटाले (Stamp Scam) का पर्दाफाश करने पर उन्हें उत्तर प्रदेश के डीजीपी (DGP Commendation Disc) द्वारा विशेष सम्मान प्रदान किया गया था। इसके अलावा, मार्च 2025 में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (BRICS CCI) के 5वें वार्षिक महिला शिखर सम्मेलन में उन्हें 'वुमन आइकॉन अवार्ड' और 'वुमन ट्रेलब्लेजर यूथ आइकॉन' (Women Trailblazer Youth Icon) की उपाधि से नवाजा गया। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में उनके द्वारा किए गए जमीनी कार्यों का एक बड़ा प्रमाण है।

जब दो मजबूत इरादे मिलते हैं: यूपी पुलिस का पावर कपल
आईपीएस अंशिका वर्मा और केके बिश्नोई की शादी केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश पुलिस के दो सबसे प्रतिभावान और जन-केंद्रित (Public-centric) अधिकारियों का साथ आना है।
अक्सर सिविल सेवा में देखा गया है कि जब दो अधिकारी जीवनसाथी बनते हैं, तो वे एक-दूसरे के पेशेवर जीवन की चुनौतियों, तनाव और ड्यूटी के लंबे घंटों को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। केके बिश्नोई का जमीनी अनुभव, बड़े माफियाओं से लड़ने की क्षमता और प्रशासनिक कुशलता; वहीं अंशिका वर्मा की तकनीकी समझ, महिला सुरक्षा के प्रति उनका विजन और युवाओं से जुड़ने की उनकी कला— यह दोनों का मिश्रण इन्हें एक 'पावर कपल' (Power Couple) बनाता है।
दोनों अधिकारियों की कार्यशैली में एक समानता यह है कि वे 'पब्लिक फ्रेंडली पुलिसिंग' (Public Friendly Policing) में विश्वास रखते हैं। चाहे वह संभल में युवाओं को हिंसा से दूर रहने के लिए समझाना हो या इंस्टाग्राम के माध्यम से लाखों युवाओं को सही दिशा दिखाना हो, दोनों ने साबित किया है कि एक पुलिस अधिकारी समाज में सुधारक की भूमिका भी निभा सकता है।
संक्षेप में कहा जाए तो, आईपीएस अंशिका वर्मा और केके बिश्नोई की शादी उत्तर प्रदेश प्रशासन और पुलिस महकमे के लिए एक बेहद सुखद और प्रेरणादायक खबर है। साल 2023 में गोरखपुर से शुरू हुई इनकी मुलाकात अब 2026 में राजस्थान के जोधपुर में एक नए जीवन की शुरुआत तक पहुंच चुकी है। केके बिश्नोई द्वारा संभल, मेरठ और गोरखपुर में किए गए साहसिक ऑपरेशन्स हों या अंशिका वर्मा द्वारा आगरा और गोरखपुर में सुलझाए गए जटिल मामले, दोनों ने अपने-अपने स्तर पर वर्दी की शान को बढ़ाया है। 29 मार्च को शादी के बंधन में बंधने जा रहे इस युवा दंपत्ति को पूरा प्रदेश और पुलिस परिवार उनके शानदार भविष्य और सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दे रहा है। खबरीलाल की पूरी टीम की ओर से भी इस 'सुपरकॉप' जोड़ी को जीवन की नई पारी के लिए ढेरों बधाइयां।