शामली, उत्तर प्रदेश: शामली जनपद के कांधला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात डॉक्टर वकास सिद्दीकी डांस वीडियो के वायरल होने के बाद शनिवार को विवाद ने एक बड़ा रूप ले लिया। डॉक्टर के कमरे में एक युवती के साथ डांस करते हुए उनके वीडियो के सामने आने के बाद, विश्व हिंदू रक्षा संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सीएचसी पहुंचकर जमकर हंगामा किया और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे।READ ALSO:-पुरानी गाड़ी वालों को तगड़ा झटका: फिटनेस टेस्ट हुआ 10 गुना महंगा, कार के लिए अब चुकाने होंगे 15,000 रुपये!
विरोध और हंगामे का कारण
बीते बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में डॉक्टर वकास सिद्दीकी बनियान और लोवर में दिख रहे थे और एक युवती के साथ डांस कर रहे थे। यह वीडियो डॉक्टर के निजी कमरे का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद चिकित्सा अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने डॉक्टर को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था, जिसका जवाब उन्हें अभी तक नहीं मिला है।
कार्रवाई में हो रही देरी से नाराज संगठन के पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष अनमोल के नेतृत्व में सीएचसी पहुंचे। उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि डॉक्टर ने अस्पताल जैसे गरिमामय स्थान की छवि से खिलवाड़ किया है, और प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करने से बच रहा है। हंगामे के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और चिकित्सा अधीक्षक के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
संगठन के कार्यकर्ताओं का स्पष्ट कहना था कि यदि डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल का इस्तेमाल मरीजों के इलाज के लिए होना चाहिए, न कि डांस या इस तरह की अन्य गतिविधियों के लिए।
प्रशासन की कार्रवाई: डॉक्टर को हटाया
विरोध और हंगामे के बीच चिकित्सा अधीक्षक ने संगठन के पदाधिकारियों को जानकारी दी कि आरोपी डॉक्टर के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
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डॉक्टर वकास सिद्दीकी को कांधला सीएचसी से हटा दिया गया है।
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उनका कमरा तुरंत खाली करवा दिया गया है।
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उन्हें पास के जसाला उपकेंद्र पर तत्काल प्रभाव से तैनात कर दिया गया है।
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चिकित्सा अधीक्षक द्वारा इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
हालांकि, संगठन के पदाधिकारियों ने इस कार्रवाई को पर्याप्त नहीं माना। उनका कहना था कि डॉक्टर द्वारा किया गया कृत्य मेडिकल एथिक्स (चिकित्सा नैतिकता) और संस्था की छवि के विरुद्ध है, जिसके लिए सिर्फ स्थानांतरण (Transfer) पर्याप्त नहीं है, बल्कि कानूनी कार्रवाई (FIR) होनी चाहिए।
चिकित्सा संस्थान की छवि पर सवाल
यह घटना सरकारी चिकित्सा संस्थानों के अंदर की कार्य संस्कृति और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। डॉक्टर वकास सिद्दीकी डांस वीडियो प्रकरण ने न केवल डॉक्टर की व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है, जहां लोगों का विश्वास और स्वास्थ्य से जुड़े संवेदनशील मामले आते हैं। इस मामले में आकाश जैन, विशाल चौहान, शिवम सैनी, दिवानश वर्मा, धैर्य वर्मा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उधर, विवादों में घिरे डॉक्टर वकास सिद्दीकी ने इस पूरे मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। प्रशासन और आंदोलनकारी संगठन के बीच जारी यह गतिरोध अब इस बात पर टिका है कि क्या डॉक्टर के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज किया जाता है या नहीं।
शामली के कांधला सीएचसी में डॉक्टर वकास सिद्दीकी डांस वीडियो वायरल होने के बाद विश्व हिंदू रक्षा संगठन ने सीएचसी में जोरदार हंगामा किया और डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। प्रशासन ने डॉक्टर को सीएचसी से हटाकर जसाला उपकेंद्र भेज दिया है और शासन को रिपोर्ट भेजी है, लेकिन संगठन कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़ा है।