खबरीलाल टीम
संभल/चंदौसी (उत्तर प्रदेश): कहते हैं पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास की डोर पर टिका होता है, लेकिन जब यह विश्वास हवस और अवैध संबंधों की भेंट चढ़ जाए, तो अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी बानगी उत्तर प्रदेश के संभल जिले में देखने को मिली है। यहाँ मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ हत्याकांड की तर्ज पर एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया गया, जिसे सुनकर पुलिस भी सन्न रह गई। एक पत्नी ने अपने सुहाग को केवल इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वह उसके और उसके दो प्रेमियों के बीच 'कांटा' बना हुआ था।READ ALSO:-यूपी में 'बर्फीला' अटैक: शिमला-नैनीताल भी इसके आगे फेल, 26 जिले थर्राए; कोहरे के 'अंधेरे' में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बिछ गईं लाशें

 

हैरान कर देने वाली बात यह है कि हत्या के बाद महिला ने न केवल पति के शव के टुकड़े किए, बल्कि कई दिनों तक पुलिस को गुमराह भी करती रही। लेकिन, पाप का घड़ा एक न एक दिन फूटता ही है। इस मामले में भी मृतक के हाथ पर बना एक टैटू और उसकी 10 साल की मासूम बेटी की गवाही ने कातिल पत्नी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

 

दृश्य 1: नाले में सड़ती लाश और कुत्तों का झुंड

इस खौफनाक कहानी की शुरुआत 15 दिसंबर की सुबह होती है। संभल जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर चंदौसी कोतवाली क्षेत्र में पतरौआ रोड स्थित ईदगाह के पास सन्नाटा पसरा हुआ था। तभी वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों को नाले के पास कुत्तों का झुंड दिखाई दिया जो किसी संदिग्ध वस्तु को नोच रहे थे। पास जाकर देखने पर लोगों के होश फाख्ता हो गए। वह एक इंसान का धड़ था, जो बुरी तरह सड़-गल चुका था।

 

सूचना मिलते ही सीओ मनोज कुमार सिंह और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मंजर रोंगटे खड़े कर देने वाला था। शव का सिर गायब था, हाथ कटे हुए थे और शरीर पूरी तरह विकृत हो चुका था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया। 5 दिनों तक शिनाख्त की कोशिशें चलती रहीं, लेकिन कोई सामने नहीं आया। 20 दिसंबर को जब पोस्टमॉर्टम किया गया, तो डॉक्टरों की नजर शव के एक बचे हुए हाथ पर पड़ी। उस पर हिंदी में 'राहुल' गुदा हुआ था। यही एक सुराग इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने की चाबी बन गया।

 

दृश्य 2: गुमशुदगी का नाटक और पुलिस का शक

शव की पहचान 40 वर्षीय राहुल के रूप में हुई, जो थाना रजपुरा के कस्बा गंवा का मूल निवासी था और चंदौसी के मोहल्ला चुन्नी में रहकर जूते का कारोबार करता था। पुलिस ने जब राहुल का रिकॉर्ड खंगाला, तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई।

 

राहुल 18 नवंबर से लापता था। लेकिन उसकी पत्नी रूबी ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट घटना के 6 दिन बाद, यानी 24 नवंबर को चंदौसी कोतवाली में दर्ज कराई थी। एक पत्नी, जिसका पति 6 दिनों से गायब हो, वह इतने दिनों तक खामोश क्यों रही? यही सवाल पुलिस के दिमाग में खटकने लगा। पुलिस ने जब रूबी से कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो वह बार-बार बयान बदलने लगी। कभी वह कहती कि राहुल काम से बाहर गए हैं, तो कभी कहती कि वह बिना बताए कहीं चले गए हैं।

 

दृश्य 3: घर बना कत्लगाह, हीटर और रॉड पर खून के धब्बे

शक गहराने पर 21 दिसंबर को पुलिस टीम राहुल के घर पहुंची। घर के अंदर का नजारा सामान्य लग रहा था, लेकिन फॉरेंसिक नजरों से कुछ छिप नहीं सका। पुलिस ने जब बारीकी से छानबीन की, तो घर के एक तख्त, लोहे की रॉड और बिजली के हीटर पर खून के सूखे हुए धब्बे मिले।

 

यह स्पष्ट हो गया कि राहुल की हत्या बाहर नहीं, बल्कि इसी घर की चारदीवारी के भीतर की गई है। जिस घर में वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित महसूस करता था, वही घर उसकी कब्र बन गया था। फॉरेंसिक टीम ने तुरंत सबूतों को कब्जे में लेकर लैब भेज दिया।

 

दृश्य 4: जब बेटी ने खोला मां का काला राज

पुलिस को सबूत मिल चुके थे, लेकिन हत्या का मकसद और तरीका जानना बाकी था। इसी बीच, पुलिस ने राहुल की 10 साल की बेटी से अकेले में बात की। मासूम बच्ची ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस अधिकारियों का भी दिल दहला दिया। बच्ची ने अपनी तोतली जुबान में अपनी मां के पापों का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दिया।

 

बेटी ने पुलिस को बताया, "अंकल, मम्मी और पापा में अक्सर लड़ाई होती थी। हमारे घर पर तीन अंकल आते थे। वो मेरे लिए चॉकलेट और टॉफी लाते थे। उनमें से एक अंकल मम्मी से कहते थे कि 'बस कुछ महीने और रुक जाओ, फिर मैं ही तुम्हें रखूंगा... तुम्हारे पापा बीच से हट जाएंगे'।"

 

बच्ची ने रोते हुए आगे कहा, "मेरी मां और जिसने भी पापा के साथ यह गंदा काम किया है, उन सबको फांसी मिलनी चाहिए।" बेटी के इस बयान ने पुलिस को यह समझने में देर नहीं लगाई कि यह कत्ल त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग (Love Triangle) का नतीजा है।

 पुलिस को 15 दिसंबर को पतरौला नाले के पास राहुल का क्षत-विक्षत शव मिला था। 2 दिन बाद हाथ पर गुदे 'राहुल' नाम से शव की शिनाख्त हुई।

दृश्य 5: कत्ल की रात की खौफनाक दास्तां

बेटी के बयान और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर पुलिस ने रूबी को हिरासत में लिया। थोड़ी सख्ती बरतने पर वह टूट गई और उसने अपने दो प्रेमियों—गौरव और अभिषेक—के साथ मिलकर हत्या करने की बात कबूल कर ली।

 

रूबी ने बताया कि 18 नवंबर की रात उसने एक सुनियोजित साजिश के तहत गौरव और अभिषेक को अपने घर बुलाया।

 

  • वारदात का समय: रात का वक्त था, राहुल गहरी नींद में सो रहा था। उसे अंदाजा भी नहीं था कि उसके बगल में लेटी पत्नी उसकी मौत का फरमान जारी कर चुकी है।
  • हत्या का तरीका: सोते हुए राहुल पर लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हमला किया गया। उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला।
  • क्रूरता की हद: हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए राहुल के शरीर के टुकड़े किए। सिर धड़ से अलग किया, हाथ काटे और उन्हें अलग-अलग पॉलिथीन में भरा।
  • शव को ठिकाने लगाना: पकड़े जाने के डर से उन्होंने शव के टुकड़ों को घर से करीब 800 मीटर दूर नाले और झाड़ियों में फेंक दिया।

 

मर्चेंट नेवी अफसर हत्याकांड की यादें ताजा

संभल की इस घटना ने लोगों को कुछ समय पहले हुए मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ हत्याकांड की याद दिला दी है। उस मामले में भी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की थी और शव को ठिकाने लगाया था। इस मामले में भी पैटर्न बिल्कुल वैसा ही है—अवैध संबंध, साजिश, हत्या और शव के टुकड़े। यह दर्शाता है कि कैसे समाज में रिश्तों की मर्यादा खत्म होती जा रही है और क्षणिक सुख के लिए लोग जघन्य अपराध करने से भी नहीं चूक रहे।

 

पुलिस की कार्रवाई

फिलहाल, पुलिस ने आरोपी पत्नी रूबी और उसके दोनों प्रेमियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस अब उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और शरीर के बाकी गायब हिस्सों (जैसे सिर) की तलाश कर रही है।

 

एसएसपी संभल ने बताया कि यह मामला 'कोल्ड ब्लडेड मर्डर' का है। पुलिस जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की कोशिश करेगी। वहीं, राहुल के दोनों बच्चे (12 साल का बेटा और 10 साल की बेटी) अब अनाथ हो गए हैं। पिता की मौत और मां के जेल जाने के बाद उनका भविष्य अधर में लटक गया है।
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