खबरीलाल टीम
भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन के इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लाखों यात्रियों का बरसों पुराना सपना आज साकार हो गया। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मेरठ के शताब्दी नगर स्टेशन पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में बहुप्रतीक्षित दिल्ली-मेरठ नमो भारत और मेट्रो (Delhi-Meerut Namo Bharat and Metro) के संपूर्ण कॉरिडोर को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित कर दिया है।READ ALSO:-मेरठ पहुंचे पीएम मोदी: आज करेंगे नमो भारत और मेरठ मेट्रो की ऐतिहासिक शुरुआत, कुछ ही देर में होगा उद्घाटन

 

इस ऐतिहासिक पल के साथ ही मेरठ और दिल्ली के बीच की दूरियां अब औपचारिक रूप से खत्म हो गई हैं। अब यात्री बिना किसी ट्रैफिक जाम के, बुलेट ट्रेन जैसी सुविधाओं वाली नमो भारत ट्रेन में बैठकर महज 55 मिनट में 82.15 किलोमीटर का सफर तय कर सकेंगे। इस उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री और एनसीआरटीसी (NCRTC) के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

सीएम योगी ने किया स्वागत: "1.45 अरब भारतीयों का जीवन हो रहा आसान"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेरठ पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका भव्य स्वागत किया। इस मौके पर सीएम योगी ने अपने संबोधन में मेरठ के ऐतिहासिक महत्व और केंद्र सरकार के विकास कार्यों की जमकर सराहना की।

 

सीएम योगी ने जनसभा और मंच से कहा:

"देश के यशस्वी प्रधानमंत्री का क्रांतिधरा मेरठ में मैं उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से दिल से स्वागत और अभिनंदन करता हूं। आदरणीय प्रधानमंत्री जी, आप 1.45 अरब भारतीयों के जीवन को आसान, सरल और सहज बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। आज मेरठ को मिली यह सौगात 'ईज ऑफ लिविंग' की दिशा में आपके विजन का एक जीता-जागता प्रमाण है।"

 

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गवाह रही यह 'क्रांतिधरा' अब विकास की एक नई क्रांति की गवाह बन रही है।

 

पीएम मोदी की खास मेट्रो सवारी: स्कूली बच्चों और मजदूरों के साथ सफर

शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर रिबन काटने और हरी झंडी दिखाने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत और मेट्रो ट्रेन में सफर भी किया। पीएम मोदी ने शताब्दी नगर से मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो की यात्रा की।

पीएम मोदी ने स्टेशन पर कर्मचारियों से व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान सीएम योगी और यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे।

इस यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री के साथ इस शानदार ट्रेन में सफर करने वालों में इलाके के स्कूली बच्चे और वे श्रमजीवी (मजदूर) शामिल थे, जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके इस विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारा है।

 

पीएम मोदी ने बच्चों से उनके भविष्य के सपनों के बारे में बात की और 'नमो भारत' के निर्माण में लगे श्रमिकों के योगदान की सराहना करते हुए उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। श्रमिकों को इस तरह का सम्मान मिलना यह दर्शाता है कि यह परियोजना केवल तकनीक का नहीं, बल्कि 'सबका प्रयास' का प्रतीक है।

Uttar Pradesh chief minister Yogi Adityanath was present with him during the inauguration.

12,930 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और मोहिउद्दीनपुर में जनसभा

शताब्दी नगर स्टेशन के कार्यक्रम के बाद, प्रधानमंत्री मोदी मेरठ के मोहिउद्दीनपुर पहुंचे, जहां उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। मोहिउद्दीनपुर की इस रैली में लाखों की संख्या में लोग पीएम मोदी को सुनने के लिए उमड़े थे।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने केवल यातायात ही नहीं, बल्कि मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए 12,930 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।

 

इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से शामिल हैं:

  1. सड़क और राजमार्ग चौड़ीकरण के नए प्रोजेक्ट्स।
  2. औद्योगिक पार्कों और लॉजिस्टिक हब का विकास।
  3. पेयजल और सीवरेज सिस्टम से जुड़ी अमृत योजनाएं।
  4. स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नए बुनियादी ढांचे का निर्माण।

 

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि यह दिल्ली-मेरठ नमो भारत और मेट्रो कॉरिडोर सिर्फ एक रेलवे ट्रैक नहीं है, बल्कि यह इस पूरे क्षेत्र के लिए 'आर्थिक कॉरिडोर' (Economic Corridor) साबित होगा, जो युवाओं के लिए रोजगार और किसानों के लिए नए बाजार के रास्ते खोलेगा।

 

82.15 किमी का सफर, 13 स्टेशन और सिर्फ 55 मिनट

दिल्ली-मेरठ नमो भारत और मेट्रो कॉरिडोर अपनी तकनीकी विशिष्टताओं के लिए पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह देश का पहला ऐसा सिस्टम है जहां आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) और लोकल सिटी मेट्रो दोनों एक ही ट्रैक पर दौड़ेंगे।

 

रूट और स्टेशनों की विस्तृत जानकारी:

  • कुल दूरी: दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक यह ट्रैक कुल 82.15 किलोमीटर लंबा है।
  • समय की बचत: पहले जिस दूरी को सड़क मार्ग से तय करने में 2 से 3 घंटे लगते थे, वह अब केवल 55 मिनट में पूरी होगी।
  • स्टेशनों की संख्या: इस पूरे कॉरिडोर में कुल 13 स्टेशन बनाए गए हैं।
  • ट्रैक का डिजाइन: इन 13 स्टेशनों में से 11 स्टेशन एलिवेटेड (जमीन से ऊपर पिलर पर) हैं, जबकि दो स्टेशन अंडरग्राउंड (भूमिगत) बनाए गए हैं। अंडरग्राउंड स्टेशनों को शहर की घनी आबादी और ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।

 

यह अत्याधुनिक कॉरिडोर यात्रियों को सीधे दिल्ली के दिल (सराय काले खां) से जोड़ता है, जहां से वे आसानी से दिल्ली मेट्रो, इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन तक जा सकते हैं।

 

160 किमी/घंटा की रफ्तार: जानिए बेगमपुल से सराय काले खां के ट्रायल रन की सच्चाई

उद्घाटन से ठीक दो दिन पहले, यानी 20 फरवरी 2026 को, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने इस ट्रैक पर अपनी पूरी क्षमता के साथ एक ऐतिहासिक ट्रायल रन किया था। यह ट्रायल रन यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया था कि आम जनता के लिए सफर कितना तेज और सुरक्षित होगा।

 

20 फरवरी के ट्रायल रन के मुख्य आंकड़े:

  • रफ्तार: इस ट्रायल के दौरान ट्रेन ने अपनी अधिकतम ऑपरेशनल स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को छुआ।
  • जाने का समय: बेगमपुल (मेरठ) से शुरू होकर सराय काले खां (दिल्ली) तक पहुंचने में ट्रेन को मात्र 48 मिनट का समय लगा। (यह सफर मेरठ साउथ से गिना गया)।
  • वापसी का समय (नॉन-स्टॉप): वापसी में जब बिना रुके (नॉन-स्टॉप) इस ट्रेन को चलाया गया, तो सराय काले खां से मेरठ साउथ तक का यह सफर महज 39 मिनट में पूरा हो गया।

 

यह ट्रायल रन अपने आप में एक रिकॉर्ड है। भारत में अब तक वंदे भारत को छोड़कर कोई भी पैसेंजर ट्रेन इस गति से नियमित संचालन नहीं कर रही है, और शहरी परिवहन (Urban Transit) के मामले में तो यह गति भारत के लिए पूरी तरह से नई है।

 

नमो भारत ट्रेन की अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं

दिल्ली-मेरठ नमो भारत और मेट्रो में यात्रियों के आराम और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इन ट्रेनों को 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत गुजरात के सांवली में डिजाइन और निर्मित किया गया है।

 

प्रीमियम और स्टैंडर्ड कोच

हर नमो भारत ट्रेन में 6 कोच होते हैं (जिन्हें भविष्य में 9 तक बढ़ाया जा सकता है)। इनमें एक 'प्रीमियम कोच' होता है, जो बिल्कुल हवाई जहाज जैसी सुविधाएं देता है। इसमें रिक्लाइनिंग सीटें, फुटरेस्ट, कोट हैंगर और मैगजीन होल्डर जैसी सुविधाएं हैं।

 

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

  • प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स (PSDs): यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाए गए हैं, जो ट्रेन के दरवाजों के साथ सिंक्रोनाइज्ड हैं।
  • सीसीटीवी और टॉक-बैक सिस्टम: कोच के अंदर 360-डिग्री सीसीटीवी कवरेज और इमरजेंसी में ड्राइवर से सीधे बात करने के लिए 'टॉक-बैक' बटन की सुविधा है।
  • महिला कोच: महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर ट्रेन में एक डिब्बा महिलाओं के लिए आरक्षित है।

 

आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभाव: एनसीआर के लिए 'गेम चेंजर'

दिल्ली-मेरठ नमो भारत और मेट्रो का असर सिर्फ सफर के समय पर नहीं पड़ेगा, बल्कि इसके दुर्गामी आर्थिक और पर्यावरणीय परिणाम भी होंगे।
  1. ट्रैफिक और प्रदूषण में भारी कमी: हर दिन हजारों लोग कार और बाइकों से दिल्ली-मेरठ के बीच अप-डाउन करते हैं। इस ट्रेन के शुरू होने से हर दिन करीब 1 लाख से अधिक निजी वाहनों का उपयोग कम होने का अनुमान है। इससे वायु प्रदूषण में भारी कमी आएगी और प्रतिवर्ष हजारों टन कार्बन उत्सर्जन रुकेगा।
  2. रियल एस्टेट में बूम: मेरठ, मुरादनगर, मोदीनगर और दुहाई जैसे इलाकों में प्रॉपर्टी के दामों में तेजी देखी जा रही है। लोग अब दिल्ली की भीड़भाड़ से दूर मेरठ में घर खरीदकर आसानी से दिल्ली में नौकरी कर सकते हैं।
  3. स्वास्थ्य और शिक्षा की पहुंच: मेरठ के छात्रों को अब दिल्ली यूनिवर्सिटी या अन्य शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने के लिए हॉस्टल लेने की जरूरत नहीं है। वे रोजाना अपने घर से आसानी से सफर कर सकते हैं। इसी तरह एम्स (AIIMS) और सफदरजंग जैसे अस्पतालों तक मरीजों की पहुंच आसान होगी।
 
 
आज का दिन स्पष्ट रूप से भारत के शहरी विकास और कनेक्टिविटी के लिए एक 'गेम चेंजर' साबित हुआ है। पीएम मोदी द्वारा दिल्ली-मेरठ नमो भारत और मेट्रो का यह उद्घाटन सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह एक 'न्यू इंडिया' की उस सोच को दर्शाता है जहां समय की कीमत को समझा जा रहा है। 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती यह ट्रेन, 82.15 किमी का सफर मात्र 55 मिनट में तय कर, मेरठ को दिल्ली का एक मजबूत उपनगर (Suburb) बना रही है।

 

12,930 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास परियोजनाओं के साथ, क्रांतिधरा मेरठ अब आर्थिक क्रांति का केंद्र बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। 20 फरवरी के सफल ट्रायल रन ने यह साबित कर दिया है कि एनसीआरटीसी की तकनीक विश्वस्तरीय है। अब आम नागरिक इस शानदार यात्रा का लुत्फ उठा सकते हैं और ईज ऑफ लिविंग के नए युग में प्रवेश कर सकते हैं।

 

पीएम नरेंद्र मोदी ने मेरठ के शताब्दी नगर से देश की पहली 'दिल्ली-मेरठ नमो भारत और मेट्रो' को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने बच्चों और मजदूरों के साथ इस हाई-स्पीड ट्रेन में सफर किया और मोहिउद्दीनपुर में 12,930 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास किया। सीएम योगी ने इसे 1.45 अरब भारतीयों के जीवन को आसान बनाने वाला कदम बताया। यह 82.15 किमी लंबा रूट 13 स्टेशनों (2 अंडरग्राउंड) के जरिए दिल्ली से मेरठ की दूरी को मात्र 55 मिनट में समेट देगा। हाल ही में हुए ट्रायल में ट्रेन ने 160 किमी/घंटा की रफ्तार से इस सफर को महज 39-48 मिनट में पूरा कर नया रिकॉर्ड बनाया है।
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