मेरठ: दशहरा, रावण दहन और दीपावली के आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार को मेरठ परिक्षेत्र के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने एक हाई-लेवल वर्चुअल बैठक में सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींचते हुए कड़े निर्देश जारी किए। अपने शिविर कार्यालय से गूगल मीट के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि इस त्योहारी सीजन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसी भी अप्रिय घटना के लिए सीधे तौर पर स्थानीय अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।READ ALSO:-क्रांति की रफ्तार: मेरठ-दिल्ली का 60 मिनट का सफर अक्टूबर से हकीकत, 'नमो भारत' और 'मेरठ मेट्रो' बदल देगी NCR की तस्वीर
चार जिलों के कप्तान और फायर चीफ हुए शामिल
इस महत्वपूर्ण बैठक में मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ के पुलिस कप्तान और मुख्य अग्निशमन अधिकारी शामिल हुए। डीआईजी ने मेरठ एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा, बुलंदशहर एसएसपी दिनेश कुमार सिंह, बागपत एसपी सूरज राय और हापुड़ एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह को आगजनी और आतिशबाजी से होने वाले हादसों की रोकथाम के लिए एक एक्शन प्लान सौंपा।
अवैध पटाखा कारोबार पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' के निर्देश
डीआईजी नैथानी ने बैठक में साफ तौर पर कहा कि आतिशबाजी के निर्माण, भंडारण और बिक्री में एक्सप्लोसिव रूल्स-2008 का अक्षरशः पालन होना चाहिए। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख दिशा-निर्देश जारी किए:
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जवाबदेही तय: अस्थायी पटाखा दुकानों को केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित और सुरक्षित स्थानों पर ही लगाने की अनुमति दी जाए। इसके उल्लंघन पर संबंधित चौकी प्रभारी और थाना प्रभारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
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लगातार छापेमारी: पटाखों के अवैध निर्माण और भंडारण के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जाए और गोदामों व संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जाए।
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संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती: भीड़भाड़ वाले बाजारों, पूजा पंडालों और रावण दहन स्थलों पर फायर टेंडर (अग्निशमन वाहन) पहले से ही तैनात किए जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।
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खुफिया तंत्र सक्रिय: स्थानीय खुफिया इकाइयों (LIU) को सक्रिय कर अवैध आतिशबाजी के निर्माण, खरीद-फरोख्त और भंडारण पर गोपनीय जानकारी जुटाने का काम सौंपा गया है।
रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर विशेष नजर
त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति पटाखों या ज्वलनशील पदार्थों के साथ सार्वजनिक परिवहन में यात्रा न कर सके।
डीआईजी ने अंत में सख्त चेतावनी देते हुए कहा, "यदि त्योहारों के दौरान परिक्षेत्र में कहीं भी आगजनी या विस्फोट की कोई बड़ी घटना होती है, तो संबंधित चौकी प्रभारी, थाना प्रभारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।"