जनपद बिजनौर की नूरपुर थाना पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने राजा का ताजपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा में दीवार काटकर चोरी का दुस्साहसिक प्रयास करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महज 6 दिनों के भीतर पुलिस ने न केवल मामले का अनावरण किया, बल्कि घटना में प्रयुक्त औजारों के साथ आरोपी को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई थी, क्योंकि बैंक जैसी सुरक्षित जगह पर सेंधमारी की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन पुलिस की तत्परता ने अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।READ ALSO:-बिजनौर: 'सम्मान की लड़ाई' या 'इंसाफ की गुहार'? हाजी जहीर के समर्थन और विभागीय उत्पीड़न के खिलाफ व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट हिलाया
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— Bijnor Police (@bijnorpolice) February 9, 2026
थाना नूरपुर पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 39/2026 धारा 331(4)/305(A)/62 बीएनएस से संबंधित 01 अभियुक्त को घटना में प्रयुक्त सामान सहित गिरफ्तार किया गया।#UPPolice pic.twitter.com/IWg27g9OLr
1. क्या था पूरा मामला? (अंधेरी रात की साजिश)
घटना बीती 2 और 3 फरवरी 2026 की दरमियानी रात की है। राजा का ताजपुर कस्बे में स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा, जो कि क्षेत्र की एक प्रमुख बैंक शाखा है, को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी।
शातिर चोर ने बैंक के पिछले हिस्से या किसी कमजोर कड़ी को तलाश कर दीवार काटने का प्रयास किया था। उसका उद्देश्य बैंक के अंदर घुसकर नकदी और लॉकर तक पहुंचना था। हालांकि, किसी कारणवश या सुरक्षा अलार्म/जागृति के डर से वह अपने मंसूबों में पूरी तरह कामयाब नहीं हो सका और मौके से फरार हो गया।
अगली सुबह जब बैंक खुला, तो दीवार कटी देख बैंक कर्मियों के होश उड़ गए। शाखा प्रबंधक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने तुरंत इसकी सूचना नूरपुर पुलिस को दी। 3 फरवरी को ही पुलिस ने तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
2. पुलिस की विवेचना और 'दीपक' तक पहुंच
मुकदमा दर्ज होने के बाद नूरपुर पुलिस के सामने चुनौती थी कि बिना किसी प्रत्यक्ष गवाह के आरोपी तक कैसे पहुँचा जाए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए:
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आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
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मुखबिरों का जाल बिछाया।
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संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर सुई दीपक पुत्र शेर सिंह की ओर घूमी। दीपक, जो कि मोहल्ला सैनी धर्मशाला, राजा का ताजपुर का ही निवासी है, स्थानीय रास्तों और बैंक की भौगोलिक स्थिति से भली-भांति परिचित था।
3. गिरफ्तारी और बरामदगी: लोहे का सब्बल बना सबूत
आज दिनांक 9 फरवरी 2026 को नूरपुर पुलिस ने पुख्ता सूचना के आधार पर दबिश दी और आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
बरामदगी ने खोली पोल: गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने आरोपी के पास से वे औजार भी बरामद कर लिए, जिनका इस्तेमाल उसने बैंक की मजबूत दीवार को काटने के लिए किया था।
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एक लोहे का सब्बल (Crowbar): जिसका उपयोग दीवार में छेद करने और ईंटें हटाने के लिए किया गया था।
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एक लोहे का प्लास (Pliers): संभवतः तारों को काटने या अन्य बाधाओं को हटाने के लिए।
पुलिस का कहना है कि यह बरामदगी कोर्ट में आरोपी के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत साबित होगी।
4. पुलिस टीम की पीठ थपथपाई गई
इस शातिर अपराधी को पकड़ने और बैंक चोरी की घटना का पर्दाफाश करने में नूरपुर थाने की एक विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उच्च अधिकारियों ने टीम के कार्य की सराहना की है।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम:
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उप-निरीक्षक (SI) राजवीर सिंह: जिन्होंने विवेचना का नेतृत्व किया।
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हेड कांस्टेबल (HC) अनूप सिंह: जिनकी सक्रियता से आरोपी की पहचान हो सकी।
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हेड कांस्टेबल (HC) भूप सिंह: जिन्होंने गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई।
5. पुलिस का बयान और आगे की कार्यवाही
नूरपुर पुलिस ने बताया कि आरोपी दीपक एक शातिर किस्म का अपराधी है जिसने जल्दी अमीर बनने की चाह में बैंक को निशाना बनाया। गनीमत रही कि वह लॉकर रूम तक नहीं पहुंच पाया, अन्यथा बैंक को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता था।
पुलिस ने बताया:
"आरोपी के खिलाफ विधिक कार्यवाही पूरी कर ली गई है। उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, जहां से उसे जेल भेजा जाएगा। हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या इस घटना में दीपक के साथ कोई और भी शामिल था या यह उसका 'वन मैन शो' था।"