श्रावण (सावन) मास की शुरुआत के साथ ही पूरे उत्तर भारत, विशेषकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में एक अलग ही आध्यात्मिक ऊर्जा देखने को मिलती है। हरिद्वार, ऋषिकेश और गोमुख से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों शिवभक्तों (कांवड़ियों) के स्वागत के लिए दिल्ली-मेरठ हाईवे (NH-58) पूरी तरह से सज जाता है। लेकिन, इस भारी भीड़ और कांवड़ियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को कई प्रमुख राजमार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश बंद करना पड़ता है और कई मार्गों पर रूट डायवर्जन (Route Diversion) लागू करना पड़ता है।READ ALSO:-NEET विवाद: "लोकतंत्र में प्रदर्शन छात्रों का हक!" लाठीचार्ज और पुलिस बर्बरता पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, दिए निर्दोषों की रिहाई के आदेश
ऐसे में दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और आम जनता को सड़क मार्ग से सफर करने में भारी जाम और परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने और लोगों को एक सुरक्षित, तेज और आरामदायक सफर का विकल्प देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने एक मास्टरस्ट्रोक चला है।
30 जुलाई से लागू होगी नई व्यवस्था: घट जाएगा इंतजार का समय
कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या और सड़क यातायात की बंदिशों को ध्यान में रखते हुए एनसीआरटीसी ने नमो भारत ट्रेनों के संचालन (Train Frequency) में बड़े बदलाव की घोषणा की है।
क्या है नया अपडेट?
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तारीख: यह नई व्यवस्था 30 जुलाई से 14 अगस्त तक लागू रहेगी। यह वही समय है जब कांवड़ यात्रा अपने चरम पर होती है और सड़कों पर सबसे ज्यादा प्रतिबंध होते हैं।
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अतिरिक्त ट्रिप्स: दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर रोजाना 52 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स (Extra Trips) का संचालन किया जाएगा।
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फ्रीक्वेंसी में कमी: वर्तमान में यह हाई-स्पीड ट्रेन यात्रियों को हर 10 मिनट के अंतराल पर मिलती है। लेकिन इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद, ट्रेन की फ्रीक्वेंसी घटकर महज 8 मिनट रह जाएगी। यानी अगर आपकी एक ट्रेन छूट भी जाती है, तो अगली ट्रेन के लिए आपको स्टेशन पर ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
यह विशेष सुविधा सराय काले खां (Sarai Kale Khan) से लेकर मोदीपुरम (Modipuram) तक पूरे नमो भारत कॉरिडोर (Delhi-Meerut RRTS Corridor) पर उपलब्ध होगी।
सड़क बंद होने पर 'नमो भारत' बनेगी लाइफलाइन
कांवड़ यात्रा के दौरान गाजियाबाद, मुरादनगर, मोदीनगर और मेरठ से होकर गुजरने वाले मुख्य हाईवे पर पुलिस द्वारा एकतरफा यातायात (One-way traffic) या पूर्ण रूप से यातायात प्रतिबंध लागू किया जाता है। ऐसे में बसों, कारों और अन्य सड़क परिवहन साधनों से सफर करना किसी बुरे सपने जैसा हो सकता है।
घंटों ट्रैफिक जाम में फंसने से बचने के लिए 'नमो भारत' ट्रेन सबसे बेहतरीन और समयबद्ध (Time-bound) विकल्प साबित होगी। यह ट्रेन बिना किसी ट्रैफिक सिग्नल या जाम की बाधा के, पूरी रफ्तार और वातानुकूलित (Air Conditioned) माहौल में आपको आपके गंतव्य तक पहुंचाएगी।
रोजाना 1 लाख से ज्यादा यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा
एनसीआरटीसी के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर प्रतिदिन औसतन लगभग 1 लाख यात्री सफर कर रहे हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान जब सड़कें बंद होंगी, तो इस संख्या में भारी उछाल आने का अनुमान है। भारी भीड़ के कारण स्टेशनों पर अफरा-तफरी न मचे और हर यात्री को आराम से ट्रेन मिल सके, इसी को ध्यान में रखते हुए ये 52 अतिरिक्त ट्रिप्स जोड़ी गई हैं। जरूरत पड़ने पर एनसीआरटीसी ने स्पष्ट किया है कि वह स्थिति की समीक्षा करेगा और यदि यात्रियों का दबाव और बढ़ता है, तो ट्रेन सेवाओं की आवृत्ति (Frequency) को 8 मिनट से भी कम किया जा सकता है।
मेरठ मेट्रो (Meerut Metro) की सुविधा भी रहेगी निर्बाध
नमो भारत कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत इसका मेरठ मेट्रो के साथ इंटीग्रेशन है। एनसीआरटीसी ने आश्वासन दिया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान नमो भारत ट्रेनों के साथ-साथ मेरठ साउथ (Meerut South) से मोदीपुरम (Modipuram) के बीच मेरठ मेट्रो का संचालन भी अपनी सामान्य रफ्तार से जारी रहेगा।
इससे उन लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें मेरठ शहर के भीतर ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना है। शहर के अंदरूनी रास्तों पर भी कांवड़ शिविर लगने से जाम की स्थिति पैदा होती है, ऐसे में मेरठ मेट्रो शहरवासियों के लिए तेज़ और सुविधाजनक कनेक्टिविटी का एकमात्र भरोसेमंद साधन बनकर उभरेगी।
पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान: यात्रियों के लिए अलर्ट
एनसीआरटीसी ने यात्रियों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश और एडवाइजरी भी जारी की है:
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पार्किंग पर असर: यातायात पुलिस द्वारा मार्गों पर बैरिकेडिंग और प्रतिबंध लगाए जाने के कारण कुछ नमो भारत स्टेशनों की पार्किंग सुविधा अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है। एनसीआरटीसी ने कहा है कि यदि किसी स्टेशन की पार्किंग व्यवस्था में कोई भी बदलाव किया जाता है, तो उसकी पूर्व सूचना यात्रियों को सोशल मीडिया और स्टेशन उद्घोषणाओं (Announcements) के माध्यम से समय रहते दे दी जाएगी।
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चाक-चौबंद सुरक्षा: त्योहार और भारी भीड़ को देखते हुए स्टेशनों और ट्रेनों के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। दिल्ली के स्टेशनों पर सीआईएसएफ (CISF) और उत्तर प्रदेश की सीमा में आने वाले स्टेशनों पर यूपीएसएसएफ (UPSSF) के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। सामान की चेकिंग और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त बलों की ड्यूटी लगाई गई है।
एक स्मार्ट यात्री बनें
कांवड़ यात्रा का समय आस्था और भक्ति का प्रतीक है। शिवभक्तों की राह आसान करने के लिए प्रशासन अपने स्तर पर काम कर रहा है। ऐसे में आम नागरिकों का भी यह कर्तव्य है कि वे सड़क मार्गों पर बेवजह वाहन ले जाने से बचें।
नमो भारत ट्रेन (Namo Bharat Train) की इन 52 अतिरिक्त ट्रिप्स का लाभ उठाएं। यह न केवल आपके समय और ईंधन की बचत करेगा, बल्कि आपको मानसून की बारिश और सड़कों के जाम से भी बचाएगा। दैनिक यात्रियों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों और ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों के लिए यह पहल वास्तव में एक बड़े वरदान से कम नहीं है। यात्रा की योजना बनाएं, स्टेशन पर 8 मिनट की नई फ्रीक्वेंसी का लुत्फ उठाएं और अपने सफर को तनावमुक्त बनाएं।