उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरनगर में धर्मांतरण के एक कथित कैंप का सनसनीखेज भंडाफोड़ किया है। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के जड़ौदा गांव के जंगल में यह अवैध कैंप चलाया जा रहा था।READ ALSO:-शामली में बेखौफ बदमाशों का आतंक: हाईवे पर जियो पेट्रोल पंप के सेल्समैन को बंधक बनाया, नहीं खुला तो पूरा 'कैश लॉकर' ही उखाड़ ले गए
पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापेमारी कर पांच महिलाओं सहित कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से कई संदिग्ध धार्मिक पुस्तकें, मोबाइल और दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं, जो एक बड़े रैकेट की ओर इशारा कर रहे हैं।
बीमारी ठीक करने और पैसों का दिया जाता था प्रलोभन
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से भोले-भाले, ग्रामीण और गरीब लोगों को अपना निशाना बनाते थे। उन्हें गंभीर और लाइलाज बीमारियों को चमत्कारी तरीके से ठीक करने का झूठा झांसा दिया जाता था।
इसके अलावा, आरोपियों द्वारा गरीब परिवारों को मुफ्त पक्का मकान दिलाने की बात भी कही जाती थी। बेटियों की शादी के लिए भारी-भरकम आर्थिक सहायता देने का लालच देकर लोगों को कथित रूप से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
शिकायत मिलने पर पुलिस ने बनाई तीन विशेष टीमें
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने सोमवार शाम पुलिस लाइन सभागार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंसूरपुर पुलिस को जड़ौदा गांव के जंगल में बने एक मकान में चल रही इस संदिग्ध गतिविधि की पुख्ता शिकायत मिली थी।
मामले की संवेदनशीलता और मुजफ्फरनगर में धर्मांतरण की इस गंभीर साजिश को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। एसपी सिटी अमृत जैन और सीओ खतौली रूपाली राय चौधरी की सीधी निगरानी में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया, जिसमें महिला पुलिस की मिशन शक्ति टीम भी शामिल थी।
जड़ौदा गांव के जंगल में छापेमारी और 12 लोगों की गिरफ्तारी
पुलिस की तीनों संयुक्त टीमों ने एक सुनियोजित योजना के तहत जड़ौदा गांव के जंगल में स्थित उस संदिग्ध मकान पर अचानक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मकान के अंदर कई लोग मौजूद थे और वहां कथित तौर पर धर्म परिवर्तन की गतिविधियां चल रही थीं।
पुलिस ने पूरी तत्परता दिखाते हुए मौके से 12 लोगों को तुरंत हिरासत में ले लिया। सबसे हैरानी की बात यह है कि इन आरोपियों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं, जो महिलाओं को फुसलाने के नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रही थीं। पूछताछ के बाद सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
मुजफ्फरनगर में धर्मांतरण गिरोह से अहम दस्तावेज बरामद
सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस की टीम ने उस मकान से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और वस्तुएं अपने कब्जे में ली हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मौके से तीन संदिग्ध धार्मिक पुस्तकें और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
इसके साथ ही पुलिस ने तीन महत्वपूर्ण डायरी और रजिस्टर भी मौके से जब्त किए हैं। माना जा रहा है कि इन रजिस्टरों में कथित तौर पर उन लोगों का ब्यौरा और नाम-पते दर्ज हो सकते हैं, जिनका ब्रेनवॉश करके उन्हें नेटवर्क से जोड़ा गया था।
मोबाइल और दस्तावेजों की होगी कड़ी फॉरेंसिक जांच
एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि मुजफ्फरनगर में धर्मांतरण के इस गंभीर मामले की पूरी तह तक जाने के लिए सभी साक्ष्यों की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। जब्त किए गए सभी 6 मोबाइल फोन्स का डेटा रिकवर किया जा रहा है।
पुलिस की साइबर सेल यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह को आर्थिक मदद (फंडिंग) कहां से और किन माध्यमों से मिल रही थी। यह भी गहराई से जांच की जा रही है कि इस कथित नेटवर्क के तार यूपी के अन्य जिलों या बाहरी राज्यों से तो नहीं जुड़े हैं।
निष्कर्ष के तौर पर, मुजफ्फरनगर में धर्मांतरण कैंप का पकड़ा जाना यूपी पुलिस की एक बड़ी कामयाबी है। गरीब और असहाय लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर धर्म परिवर्तन कराना राज्य में एक गंभीर अपराध है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड और अन्य छिपे हुए सदस्यों की तलाश में गंभीरता से जुटी हुई है।