खबरीलाल टीम
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में प्रशासन ने खनन माफियाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। मुजफ्फरनगर में अवैध खनन पर कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया है। इस सघन अभियान के तहत अवैध बालू, मिट्टी और अन्य खनिज सामग्री ढोने वाले वाहनों पर भारी शिकंजा कसा गया है। प्रशासन की इस अचानक और बड़ी सख्ती से अवैध खनन कारोबारियों में जबरदस्त हड़कंप मचा हुआ है।READ ALSO:-फिल्मी कहानी से कम नहीं गाजियाबाद की यह घटना: जिस बेटे की मां ने कर दी थी 'तेरहवीं', अगली सुबह उसी ने खटखटाया घर का दरवाजा

 

मुजफ्फरनगर में अवैध खनन पर कार्रवाई का विशेष अभियान

मुजफ्फरनगर जनपद में बिना अनुमति खनिज परिवहन करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। उत्तर प्रदेश शासन और भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए जिले में एक महीने का विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया।

 

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी राजस्व की चोरी को रोकना और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाले खनन माफियाओं पर लगाम लगाना था। इसके लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया था, जिसने दिन-रात सड़कों पर गश्त की।

 

एक महीने में 64 वाहनों पर हुआ एक्शन

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने इस पूरे अभियान की विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जिले में 26 मई से लेकर 21 जून 2026 तक यह सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

 

इस एक महीने की अवधि के दौरान अवैध रूप से खनिज सामग्री ले जा रहे 64 वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा गया है। प्रवर्तन दल ने इन सभी वाहनों को सीज करने और उनके खिलाफ चालान काटने की कड़ी कानूनी कार्रवाई की है।

 

27.60 लाख रुपये का लगाया गया भारी जुर्माना

मुजफ्फरनगर में अवैध खनन पर कार्रवाई के तहत प्रशासन ने केवल वाहनों को पकड़ा ही नहीं, बल्कि उन पर भारी-भरकम अर्थदंड भी लगाया है। प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले इन 64 वाहनों पर करीब 27 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है।

 

इतने भारी जुर्माने की खबर से बिना रॉयल्टी के बालू और बजरी का कारोबार करने वालों में खौफ का माहौल पैदा हो गया है। प्रशासन ने साफ और कड़ा संदेश दिया है कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

 

ट्रैक्टर-ट्रॉली से लेकर बड़े डंपर तक शामिल

इस चेकिंग अभियान के दौरान प्रशासन ने छोटे और बड़े, सभी प्रकार के वाहनों पर समान रूप से सख्ती बरती है। पकड़े गए 64 वाहनों की सूची में ट्रैक्टर-ट्रॉली से लेकर बड़े ट्रक और भारी डंपर तक शामिल हैं।

 

जो भी वाहन सड़क पर बिना वैध रॉयल्टी पर्ची या निर्धारित क्षमता से अधिक खनिज लादकर ले जाते हुए पाए गए, उन पर तुरंत और सख्त एक्शन लिया गया। पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर इस सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है।

 

भविष्य में भी जारी रहेगी प्रशासन की यह सख्ती

एडीएम अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि मुजफ्फरनगर में अवैध खनन पर कार्रवाई आगे भी इसी तरह पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगी। शासन की नीति एकदम स्पष्ट है कि जिले में अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

राजस्व की होने वाली क्षति को रोकने के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स और विशेष प्रवर्तन दल भविष्य में भी लगातार सक्रिय रहेंगे। प्रशासन ने हिदायत दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर आगे और अधिक सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

 

संयुक्त टीमों की लगातार निगरानी

प्रशासन का कहना है कि संयुक्त टीमें नियमित रूप से जिले के विभिन्न मार्गों और खनन क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चला रही हैं। कोई भी वाहन बिना उचित दस्तावेजों के माल का परिवहन नहीं कर सकेगा।

 

मुजफ्फरनगर प्रशासन द्वारा की गई यह प्रभावी कार्रवाई अवैध खनन माफियाओं के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है। मात्र एक महीने के भीतर 64 वाहनों पर एक्शन और लाखों रुपये का जुर्माना यह साबित करता है कि शासन सरकारी राजस्व की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुजफ्फरनगर में अवैध खनन पर कार्रवाई के ऐसे निरंतर अभियानों से ही जिले में इन अवैध गतिविधियों पर स्थायी रूप से रोक लगाई जा सकती है।
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