खबरीलाल टीम
मेरठ (UP Politics & Viral News): उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से अपने अप्रत्याशित (Unexpected) घटनाक्रमों के लिए जानी जाती है। यहां कब कौन सा नेता किस समुदाय का चहेता बन जाए और कब समीकरण बदल जाएं, इसका अंदाजा लगाना बड़े-बड़े राजनीतिक पंडितों के लिए भी मुश्किल होता है। ऐसा ही एक बेहद हैरान करने वाला और दिलचस्प नजारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले में देखने को मिला है।READ ALSO:-शामली धर्मांतरण कांड में चौंकाने वाला मोड़: आयुष मलिक की 'बहन बताने वाली लड़की' का भड़काऊ वीडियो वायरल, पिता की तहरीर पर FIR दर्ज

 

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के फायरब्रांड नेता और सरधना विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे संगीत सोम (Sangeet Som) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने इसलिए तहलका मचा रखा है क्योंकि इसमें संगीत सोम का स्वागत कोई और नहीं, बल्कि मुस्लिम समुदाय की महिलाएं कर रही हैं। और स्वागत भी ऐसा-वैसा नहीं, बल्कि गुलाब के फूलों की पंखुड़ियों के साथ-साथ सीधे नोटों की बारिश (Showering Currency Notes) की जा रही है। आइए, इस पूरी घटना, इसके राजनीतिक मायने और सोशल मीडिया पर मच रहे बवाल का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।

 

क्या है उस वायरल वीडियो में? (दृश्य दर दृश्य विश्लेषण)

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (X, Facebook, Instagram) पर तेजी से शेयर किए जा रहे इस वीडियो को देखकर हर कोई अचरज में है। वीडियो में जो दृश्य नजर आ रहे हैं, वे किसी भी आम चुनाव प्रचार या जनसंपर्क अभियान से बिल्कुल अलग और भव्य हैं।

 

  • लावड़ कस्बे की तंग गलियां: वीडियो मेरठ जिले के लावड़ (Lawar) कस्बे का बताया जा रहा है। संगीत सोम अपने पूरे लाव-लश्कर और भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ जनसंपर्क (Public Outreach) के लिए कस्बे की अंदरूनी और तंग गलियों से गुजर रहे हैं।
  • ढोल-नगाड़ों की गूंज: सोम के काफिले के सबसे आगे ढोल और नगाड़े बजाने वाले चल रहे हैं, जो पूरे माहौल को एक उत्सव में बदल रहे हैं। उनके पीछे-पीछे समर्थकों की भारी भीड़ है।
  • छतों पर खड़ीं मुस्लिम महिलाएं: जैसे ही संगीत सोम का काफिला गली के एक खास हिस्से में पहुंचता है, वीडियो में देखा जा सकता है कि घरों की छतों और बालकनी पर कई मुस्लिम महिलाएं (हिजाब और बुर्के में) पहले से ही इंतजार में खड़ी हैं।
  • फूलों और नोटों की बारिश: संगीत सोम के नीचे पहुंचते ही इन महिलाओं ने उनके ऊपर ऊपर से गुलाब के फूलों की बारिश शुरू कर दी। सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह रही कि फूलों के साथ-साथ महिलाओं ने संगीत सोम के ऊपर भारतीय करेंसी (नोटों) की भी जमकर बारिश की।

 

इस दौरान नीचे चल रहे संगीत सोम मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार करते नजर आ रहे हैं और उनके समर्थक भी इस अप्रत्याशित स्वागत से गदगद दिखाई दे रहे हैं।
क्यों हो रही है इतनी हैरानी? (संगीत सोम की 'फायरब्रांड' छवि)

 

इस वीडियो के वायरल होने के पीछे सबसे बड़ा कारण खुद संगीत सोम की राजनीतिक छवि (Political Image) है।

 

संगीत सोम को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का एक कट्टर हिंदूवादी और 'फायरब्रांड' (Firebrand) नेता माना जाता है। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान उनका नाम काफी चर्चा में रहा था (हालांकि बाद में कई मामलों में उन्हें क्लीन चिट भी मिली)। अपने अब तक के राजनीतिक करियर में संगीत सोम अक्सर अपने भड़काऊ भाषणों और विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय (मुसलमानों) के खिलाफ दिए गए तीखे और विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहे हैं।

 

उन्होंने कई बार खुले मंचों से ध्रुवीकरण (Polarization) की राजनीति का सहारा लिया है। ऐसे में, जिस नेता को हमेशा एक समुदाय विशेष के खिलाफ जहर उगलते या सख्त रुख अपनाते देखा गया हो, उसी नेता पर उसी समुदाय की महिलाओं द्वारा नोटों और फूलों की बारिश करना हर किसी के लिए एक बड़ा 'पॉलिटिकल शॉक' (Political Shock) है।

 

2027 की तैयारी या रणनीति में बदलाव? (The Political Strategy)

राजनीति में कुछ भी बिना कारण के नहीं होता। इस जनसंपर्क अभियान और वायरल वीडियो के पीछे गहरी राजनीतिक रणनीति छिपी हुई है।

 

  1. हार का बदला और खोई जमीन वापस पाना: संगीत सोम सरधना विधानसभा सीट से दो बार (2012 और 2017) लगातार भाजपा के टिकट पर विधायक रहे हैं। लेकिन 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्हें समाजवादी पार्टी (SP) के नेता अतुल प्रधान (Atul Pradhan) के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। इस हार ने सोम के राजनीतिक वर्चस्व को तगड़ा झटका दिया था।
  2. मिशन 2027 (Mission 2027): संगीत सोम अभी से 2027 में होने वाले आगामी यूपी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गए हैं। वे अपने क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं।
  3. 'सबका साथ' का नया नैरेटिव: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2022 में मिली हार के बाद शायद सोम को यह समझ आ गया है कि सिर्फ ध्रुवीकरण के सहारे हर बार चुनाव नहीं जीता जा सकता। उन्हें नए वोटर्स और विशेष रूप से उन वर्गों को भी साधना होगा जो अब तक उनसे दूर रहे हैं। यह वीडियो भाजपा के 'पसमांदा मुस्लिम आउटरीच' (Pasmanda Muslim Outreach) प्रोग्राम का भी एक अघोषित हिस्सा हो सकता है, जहां भाजपा अल्पसंख्यक समुदाय के बीच अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है।

 

सोशल मीडिया पर मच गया बवाल: "जो कभी हक में नहीं बोला, उस पर नोट क्यों?"

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट हुआ, इस पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई। लोग इस घटना को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं और तीखे सवाल पूछ रहे हैं।

 

  • आलोचकों और आम यूजर्स के सवाल: वीडियो पर टिप्पणी करते हुए कई सोशल मीडिया यूजर्स (विशेषकर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग) हैरानी जता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "जो संगीत सोम कभी मुसलमानों के हक में नहीं बोला, जिसने हमेशा मुसलमानों के खिलाफ जहर उगला है, आज वो मुस्लिम महिलाओं से अपने ऊपर नोट और फूल की बारिश क्यों करा रहा है?"
  • पीआर स्टंट (PR Stunt) का आरोप: कुछ लोगों का दावा है कि यह कोई स्वतः स्फूर्त (Spontaneous) प्यार नहीं है, बल्कि राजनीति का एक 'स्टेज्ड' (Staged) या पीआर स्टंट है, जिसे 2027 के चुनावों से पहले अपनी 'सर्वमान्य' छवि बनाने के लिए प्लान किया गया है।
  • समर्थकों का उत्साह: वहीं दूसरी ओर, संगीत सोम और भाजपा के समर्थक इस वीडियो को 'सबका साथ, सबका विकास' की सबसे बड़ी मिसाल बता रहे हैं। उनका तर्क है कि मुस्लिम महिलाएं भी अब विकास और सुरक्षा के नाम पर भाजपा नेताओं का खुले दिल से स्वागत कर रही हैं।

 

राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त, न कोई दुश्मन

मेरठ के लावड़ कस्बे का यह वीडियो इस पुरानी कहावत को एक बार फिर सच साबित करता है कि "राजनीति में न तो कोई स्थायी दोस्त होता है और न ही कोई स्थायी दुश्मन।" (In politics, there are no permanent friends or enemies).

 

चाहे यह स्वागत राजनीति से प्रेरित हो, या सच में स्थानीय महिलाओं का किसी स्थानीय मुद्दे को सुलझाने पर आभार जताने का तरीका हो—इस एक वीडियो ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस जरूर छेड़ दी है। संगीत सोम का यह 'हृदय परिवर्तन' या 'इमेज मेकओवर' (Image Makeover) 2027 के विधानसभा चुनावों में उन्हें उनकी सरधना सीट वापस दिला पाएगा या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन फिलहाल, छतों से उड़ते नोटों और गुलाब की पंखुड़ियों ने इस फायरब्रांड नेता को एक बार फिर से यूपी की सियासत के केंद्र में ला खड़ा किया है।
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