खबरीलाल टीम
खबरीलाल क्राइम डेस्क, मेरठ: अक्सर कहा जाता है कि झूठ और फरेब चाहे कितना भी गहरा दफन कर दिया जाए, सच एक न एक दिन सामने आ ही जाता है। मेरठ जिले के लालकुर्ती (Lalkurti) थाना क्षेत्र में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां एक 4 महीने पुराना आत्महत्या (Suicide) का अनसुलझा मामला एक मोबाइल वीडियो (Mobile Video) के जरिए पूरी तरह से साफ हो गया।READ ALSO:-सहारनपुर में खौफनाक साजिश का पर्दाफाश: नौकरी और पैसों का लालच देकर युवती का अपहरण, दुष्कर्म और जबरन कराया धर्म परिवर्तन; पुलिस के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी

 

मामला लालकुर्ती थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कसेरुखेड़ा नई मंडी का है। पुलिस ने युवक (किशन) को आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment of Suicide) के आरोप में उसकी पत्नी जानकी और ससुराल पक्ष के 4 अन्य लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आइए जानते हैं क्या है पूरी कहानी और कैसे खुला यह राज।

 

1. 16 फरवरी का वो मनहूस दिन: किशन ने लगाई थी फांसी

कसेरुखेड़ा नई मंडी में राम सिंह अपने परिवार के साथ रहते हैं। इसी साल 16 फरवरी 2026 को उनके बेटे किशन ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

 

युवा बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। किशन के परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और आरोप लगाया कि उनके बेटे ने ससुराल वालों की प्रताड़ना (Harassment) से तंग आकर यह आत्मघाती कदम उठाया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया, पोस्टमार्टम (Postmortem) कराया और परिजनों को सौंप दिया।

 

ठंडे बस्ते में गया मामला: परिजनों की तहरीर और आरोपों के बावजूद, पुलिस को उस समय किशन की मौत को लेकर कोई पुख्ता सुबूत (Evidence) या सुसाइड नोट (Suicide Note) नहीं मिला था। सुबूतों के अभाव में पुलिस ने कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की, और धीरे-धीरे यह मामला पुलिस की फाइलों में दबकर ठंडे बस्ते में चला गया।

 

2. परिजनों का आरोप: ससुराल में होती थी अभद्रता और मारपीट

किशन के परिजनों ने लालकुर्ती थाने में दी गई अपनी प्रारंभिक तहरीर में बताया था कि किशन की शादी 29 अप्रैल 2017 को जानकी (पुत्री धुर्री, निवासी बमरारा, थाना चरखारी, जिला महोबा) के साथ हुई थी।

 

  • लगातार प्रताड़ना: परिजनों का आरोप था कि शादी के कुछ समय बाद से ही जानकी और उसके परिवार वाले किशन को तरह-तरह से प्रताड़ित और मानसिक रूप से परेशान करने लगे थे।
  • मारपीट और गाली-गलौज: जब भी किशन अपनी पत्नी जानकी को विदा कराने (लेने) अपने ससुराल महोबा जाता था, तो वहां उसके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया जाता था। ससुराल वाले अक्सर उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देते थे और उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट भी की जाती थी।
  • न्याय की गुहार: किशन के परिवार वाले महीनों तक पुलिस के चक्कर काटते रहे, लेकिन सुबूत न होने के कारण पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।

 

3. 4 महीने बाद कैसे आया नया मोड़? (The Turning Point)

चार महीने बीत जाने के बाद, पुलिस तो शांत बैठ गई थी, लेकिन परिवार को अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहिए था। इस कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट (Twist) तब आया, जब किशन की पत्नी जानकी ने किशन का मोबाइल फोन (Mobile Phone) उसके परिजनों को लौटा दिया।

 

शायद जानकी को यह अंदाजा नहीं था कि वह अनजाने में अपने ही खिलाफ सबसे बड़ा सुबूत पुलिस को सौंप रही है। परिजनों ने जैसे-तैसे उस मोबाइल फोन को खुलवाया और उसमें मौजूद फाइलों को चेक किया।

 

मरने से कुछ मिनट पहले का वीडियो (The Suicide Video): मोबाइल की गैलरी में परिजनों को एक ऐसा वीडियो मिला, जिसे देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। यह वीडियो किशन की मौत से ठीक कुछ मिनट पहले का था। वीडियो में किशन फूट-फूटकर रो रहा था और साफ शब्दों में बता रहा था कि वह अपनी पत्नी और ससुराल वालों के उत्पीड़न (Torture) और झूठे मुकदमे की धमकियों से इतना परेशान हो चुका है कि उसके पास अब जान देने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है। उसने अपनी मौत के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति का नाम उस वीडियो में लिया था।

 

4. वीडियो देख पुलिस हुई हैरान, एक्शन में आई लालकुर्ती पुलिस

परिजनों ने बिना कोई देरी किए वह सुसाइड वीडियो लेकर सीधे लालकुर्ती पुलिस स्टेशन का रुख किया। पुलिस अधिकारियों ने जब वह वीडियो देखा, तो उसमें लगाए गए आरोप बिल्कुल वही थे, जो किशन के परिवार वाले पिछले 4 महीनों से चिल्ला-चिल्ला कर कह रहे थे।

 

इस पुख्ता और 'डिजिटल सुबूत' (Digital Evidence) के सामने आते ही लालकुर्ती पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मामले की जांच को तेजी से आगे बढ़ाया गया और एक टीम को महोबा (Mahoba) रवाना किया गया।

 

5. पत्नी समेत 5 ससुराल वाले गिरफ्तार (The Arrests)

वीडियो में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने दबिश दी और किशन की पत्नी समेत पांच लोगों को महोबा से गिरफ्तार कर मेरठ ले आई।

 

गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

  1. जानकी (किशन की पत्नी)
  2. धुर्री उर्फ धूराम (ससुर/पत्नी का रिश्तेदार)
  3. दुर्गादीन उर्फ घसीटा
  4. धर्मेन्द्र कुमार
  5. कशरानी उर्फ केसर रानी

 

लालकुर्ती पुलिस ने रविवार को सभी पांचों आरोपियों को रिमांड मजिस्ट्रेट (Remand Magistrate) के सामने पेश किया। सुबूतों और वीडियो को आधार मानते हुए कोर्ट ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में लेते हुए जेल भेज दिया है।

 

एक मोबाइल फोन ने 4 महीने से न्याय के लिए तरस रहे एक पिता को उसका हक दिला दिया। हालांकि, किशन अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसका आखिरी वीडियो यह सुनिश्चित कर गया कि उसे इस दर्दनाक कदम तक पहुंचाने वाले लोग कानून की गिरफ्त से न बच सकें। पुलिस का कहना है कि अब मामले में चार्जशीट (Charge-sheet) दाखिल कर आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। खबरीलाल न्यूज़ इस केस के अदालती अपडेट्स पर नजर बनाए रखेगा।
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