मेरठ (उत्तर प्रदेश): पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर मेरठ में पुलिस ने 'स्पा सेंटर' (Spa Center) की आड़ में चल रहे जिस्मफरोशी के एक बड़े और हाई-प्रोफाइल रैकेट का भंडाफोड़ किया है। शहर के पॉश इलाकों में चल रहे इन सेंटरों पर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने हड़कंप मचा दिया है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह (SP City Ayush Vikram Singh) के नेतृत्व में मंगलवार शाम की गई इस गोपनीय कार्रवाई में पुलिस ने 20 युवतियों को हिरासत में लिया है।READ ALSO:-यूपी में बाइक चालकों के लिए 'महा-अलर्ट': अब शोरूम से गाड़ी तभी निकलेगी जब खरीदेंगे 2 हेलमेट, नियम तोड़ा तो रद्द होगा लाइसेंस
पुलिस की इस कार्रवाई ने शहर में चल रहे 'सफेदपोश अपराध' की पोल खोलकर रख दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये स्पा सेंटर अब केवल मसाज तक सीमित नहीं थे, बल्कि डिजिटल दुनिया यानी वॉट्सऐप (WhatsApp) और इंस्टाग्राम के जरिए ग्राहकों को फंसाकर देह व्यापार का काला कारोबार चला रहे थे।

गोपनीयता ऐसी कि स्थानीय थाने को भी भनक नहीं
पुलिस अधिकारियों को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि शहर के मेडिकल, नौचंदी और ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्रों में स्पा सेंटरों के नाम पर अनैतिक गतिविधियां चल रही हैं। इस सूचना को पुख्ता करने के बाद एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने एक विशेष रणनीति तैयार की।
मंगलवार शाम को जब पुलिस की विशेष टीमों ने छापेमारी (Meerut Spa Center Raid) शुरू की, तो इसकी भनक स्थानीय थाना पुलिस को भी नहीं लगने दी गई। ऐसा इसलिए किया गया ताकि सूचना लीक न हो सके। छापेमारी में शहर के चार प्रमुख स्पा सेंटरों को निशाना बनाया गया।
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मंगलपांडे नगर (मेडिकल क्षेत्र): यहां दो स्पा सेंटरों पर कार्रवाई हुई।
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गढ़ रोड और शॉप्रिक्स मॉल (नौचंदी/ब्रह्मपुरी): यहां भी एक-एक सेंटर पर पुलिस ने दबिश दी।
मौके का मंजर देख पुलिस भी हैरान रह गई। इन सेंटरों से पुलिस ने 20 युवतियों और एक युवक को हिरासत में लिया।
मोबाइल फोनों ने खोले 'गंदे राज'
पुलिस को मौके से न केवल युवतियां मिलीं, बल्कि भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई। लेकिन जांच में सबसे अहम सुराग वो मोबाइल फोन साबित हुए, जो पुलिस ने वहां मौजूद महिला मैनेजरों और संचालकों से जब्त किए।
डिजिटल तरीके से हो रही थी बुकिंग: जांच में सामने आया है कि यह पूरा रैकेट अब 'हाईटेक' हो चुका था। ग्राहक सीधे स्पा सेंटर पर नहीं आते थे, बल्कि पहले ऑनलाइन संपर्क होता था।
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तस्वीरों का आदान-प्रदान: मोबाइल फोनों की जांच में वॉट्सऐप और टेलीग्राम चैट मिली हैं, जिनमें ग्राहकों को युवतियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं।
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लोकेशन शेयरिंग: सौदा तय होने के बाद ही ग्राहक को स्पा सेंटर की लाइव लोकेशन भेजी जाती थी।
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रेट लिस्ट: चैट में अलग-अलग 'सर्विसेज' के रेट भी डिस्कस किए गए थे।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि बरामद मोबाइल फोनों से इस पूरे नेटवर्क की गहराई का पता चल रहा है। यह रैकेट केवल मेरठ तक सीमित है या इसके तार बाहरी राज्यों से जुड़े हैं, इसकी जांच साइबर सेल की मदद से की जा रही है।
चार महिला संचालकों की तलाश तेज
पुलिस की कार्रवाई के बाद बुधवार को इन सभी चार स्पा सेंटरों पर ताले जड़ दिए गए। जांच में सामने आया है कि इन सेंटरों का संचालन चार महिलाएं कर रही थीं, जिनके नाम एफआईआर (FIR) में शामिल किए जा रहे हैं:
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तबस्सुम (Tabassum)
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पूजा शर्मा (Pooja Sharma)
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आयशा खान (Ayesha Khan)
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शाइस्ता (Shaista)
ये महिलाएं ही इन सेंटरों की सर्वेसर्वा थीं। पुलिस का कहना है कि ये महिलाएं किराए पर जगह लेकर यह धंधा चला रही थीं। छापेमारी के दौरान मुख्य संचालक और वास्तविक मकान मालिक मौके से फरार हो गए।
सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि बुधवार को इन सभी सेंटरों को सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से फिलहाल पुलिस ने अपने ताले लगाकर इन्हें बंद कर दिया है। इसे जल्द ही विधिक प्रक्रिया के तहत सील किया जाएगा।
मकान मालिकों पर भी कसेगा शिकंजा
पुलिस अब केवल स्पा संचालकों तक ही नहीं रुकने वाली, बल्कि उन मकान मालिकों पर भी गाज गिरने वाली है जिन्होंने बिना वेरिफिकेशन के अपनी संपत्ति किराए पर दी थी। पुलिस ने बुधवार को इन चारों संपत्तियों के वास्तविक मालिकों का पता लगा लिया है। जब पुलिस ने दबिश दी, तो मकान मालिक भी घरों से फरार मिले।
पुलिस का कड़ा संदेश: अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी भी कमर्शियल या रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में अनैतिक गतिविधियां (Immoral Activities) पाई जाती हैं, तो मकान मालिक के खिलाफ भी पीटा एक्ट (PITA Act - Immoral Traffic Prevention Act) के तहत कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पुलिस का पहला लक्ष्य फरार संचालकों और मालिकों को गिरफ्तार करना है।
मेरठ में पहले भी हुए हैं ऐसे खुलासे
यह पहली बार नहीं है जब मेरठ में स्पा सेंटरों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। इससे पहले भी टीपी नगर और सदर बाजार इलाकों में ऐसे रैकेट पकड़े जा चुके हैं।
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अक्सर देखा गया है कि पुलिस की कार्रवाई के कुछ महीने बाद ये सेंटर नए नाम से, नई जगह पर फिर शुरू हो जाते हैं।
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इस बार पुलिस ने 'गैंगस्टर एक्ट' और संपत्तियों को कुर्क करने जैसी सख्त धाराओं पर विचार करने का संकेत दिया है ताकि इस धंधे को जड़ से खत्म किया जा सके।
जांच का दायरा बढ़ा: सीओ क्राइम को सौंपी गई कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी ने इस पूरे केस की जांच सीओ क्राइम अभिषेक पटेल को सौंप दी है। अब पुलिस इन बिंदुओं पर जांच कर रही है:
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क्या इन सेंटरों में आने वाली लड़कियां अपनी मर्जी से काम कर रही थीं या उन्हें किसी दबाव/ह्यूमन ट्रैफिकिंग के जरिए यहां लाया गया था?
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बरामद मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली जा रही है ताकि इनके 'VIP ग्राहकों' तक पहुंचा जा सके।
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इन सेंटरों की फंडिंग कहां से हो रही थी?
मेरठ पुलिस की यह कार्रवाई शहर में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 4 स्पा सेंटरों (Meerut Spa Center Raid) पर ताले लगने और 20 युवतियों के मिलने से यह साफ है कि शहर के बीचों-बीच जिस्मफरोशी का धंधा किस बेखौफ अंदाज में चल रहा था। पुलिस अब फरार मालिकों और संचालकों (तबस्सुम, पूजा, आयशा, शाइस्ता) की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। उम्मीद है कि पुलिस की यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी और शहर को ऐसे अनैतिक कार्यों से मुक्त कराया जा सकेगा।