खबरीलाल टीम
मेरठ (क्राइम एवं एक्सीडेंट डेस्क): सड़कें आम लोगों के चलने के लिए होती हैं, लेकिन जब रईसजादों के सिर पर पैसे और महंगी गाड़ियों की रफ्तार का नशा चढ़ता है, तो वे इन्हीं सड़कों को मौत का 'रेस ट्रैक' बना देते हैं। उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले में शनिवार देर रात रफ्तार के कहर की एक ऐसी ही खौफनाक तस्वीर सामने आई है। यहां के एक जाने-माने ऑटो पार्ट्स कारोबारी के बेटों ने अपनी लग्जरी गाड़ियों (थार और इनोवा) से रेस लगाते हुए ऐसा कहर बरपाया कि ड्यूटी पर तैनात 7 पुलिसकर्मी मौत के मुंह में जाते-जाते बचे।READ ALSO:-नूरपुर ब्रेकिंग: मौत की 'झपकी' ने बरपाया कहर! दिल्ली जा रही तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराई, गाड़ी के उड़े परखच्चे, 3 युवकों की सांसें अटकीं

 

इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे पुलिस महकमे और शहर में हड़कंप मचा दिया है। हिट-एंड-रन (Hit and Run) के इस भयानक मामले का जो सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है, वह इस बात की गवाही दे रहा है कि आरोपियों को किसी की जान की कोई परवाह नहीं थी। आइए, इस पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से और विस्तार से समझते हैं।

 पुलिस ने दोनों भाई को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

रात 2:30 बजे का खौफनाक मंजर: जब मौत बनकर आई गाड़ी

यह दर्दनाक हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे (2:30 AM) के आसपास का है। शहर गहरी नींद में सोया हुआ था और आम लोगों की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाले पुलिसकर्मी मुस्तैदी से अपनी गश्त पूरी कर रहे थे।

 बेकाबू इनोवा ने सड़क किनारे खड़े पुलिसकर्मियों को रौंदा।

ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की पुलिस टीम अपनी सरकारी पुलिस जीप से गश्त पर निकली थी। जीप में पांच पुलिसकर्मी सवार थे। गश्त करते हुए पुलिस की यह जीप टीपीनगर गेट के ठीक सामने स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पास आकर रुकी। पांचों पुलिसकर्मी जीप के पास ही सड़क किनारे खड़े होकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत कर रहे थे।

 

तभी उसी समय आपातकालीन सेवा डायल-112 (Dial-112) पर तैनात दो और पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी की बाइक से वहां पहुंच गए। अब कुल सात पुलिसकर्मी वहां जमा थे और आपस में चर्चा कर रहे थे। सड़क बिल्कुल शांत थी, लेकिन अगले ही पल इस शांति को एक तेज रफ्तार गाड़ी के इंजनों की गड़गड़ाहट ने चीर दिया। अचानक एक सफेद रंग की बेकाबू इनोवा कार तूफान की तरह आई और किसी को संभलने का एक सेकंड का भी मौका दिए बिना सीधे पुलिसकर्मियों के झुंड और उनकी जीप में जा घुसी।

 हादसे में 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

टक्कर इतनी भयानक कि 5 फीट हवा में उछले कांस्टेबल

सोमवार को पुलिस ने जो सीसीटीवी फुटेज जारी किया है, वह बेहद विचलित करने वाला है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी आराम से सड़क किनारे खड़े हैं। तभी एक कार अंधाधुंध रफ्तार से उनकी तरफ आती है।

 

प्रत्यक्षदर्शियों (Eyewitnesses) और सीसीटीवी फुटेज के आकलन के अनुसार, इनोवा कार की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक रही होगी। टक्कर की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारी-भरकम इनोवा की चपेट में आते ही पुलिसकर्मी लगभग 5 फीट तक हवा में उछलकर दूर जाकर गिरे।

 

मौके पर एक पल के लिए सन्नाटा छा गया और फिर चीख-पुकार, कराह और दर्द से तड़पने की आवाजें गूंजने लगीं। पुलिस की सरकारी जीप भी इस जोरदार टक्कर से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

 

7 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल, 2 की हालत बेहद नाजुक

हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों और वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने तुरंत अन्य पुलिस थानों और कंट्रोल रूम को इस भयानक दुर्घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और कई एंबुलेंस सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंच गईं। सड़क खून से लाल हो चुकी थी और घायल जवान दर्द से तड़प रहे थे।

 

आनन-फानन में सभी सात घायल पुलिसकर्मियों को पास के केएमसी (KMC) अस्पताल में भर्ती कराया गया।

 

हादसे का शिकार हुए पुलिसकर्मियों के नाम:

  1. कांस्टेबल लोकेन्द्र पंवार
  2. कांस्टेबल सतेंद्र कुमार
  3. कांस्टेबल विक्रम सिंह
  4. कांस्टेबल कपिल भाटी
  5. कांस्टेबल राजेश कुमार
  6. हेड कांस्टेबल रविन्द्र मलिक
  7. (डायल 112 का एक अन्य जवान)

 

घायलों की मेडिकल स्थिति: प्रारंभिक जांच और इलाज के दौरान पता चला कि इस भयंकर टक्कर में एक कांस्टेबल का पैर बुरी तरह से टूट गया है। दो पुलिसकर्मियों के हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों की खाल सड़क पर घिसटने के कारण बुरी तरह छिल गई है। बाकी बचे जवानों के मुंह, नाक, और सिर में भी गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं।

 

बाद में, जब दो पुलिसकर्मियों की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी, तो डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें तुरंत न्यूटिमा अस्पताल (हायर सेंटर) के लिए रेफर कर दिया गया। इनमें से घायल हेड कांस्टेबल रविन्द्र मलिक की स्थिति सबसे अधिक नाजुक बनी हुई है। उनके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है, जिसके चलते डॉक्टरों को उनका तत्काल ऑपरेशन करना पड़ा है। फिलहाल वे गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

 

आखिर कैसे हुआ हादसा? (रेस और रईसजादों का घमंड)

हादसे के बाद पुलिस ने जब मामले की तहकीकात शुरू की तो जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया। यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं थी, बल्कि दो भाइयों के बीच बीच-सड़क पर लगाई जा रही मौत की रेस का नतीजा थी।

 

कौन हैं आरोपी? मेरठ के ब्रह्मपुरी थानाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पॉश इलाके सुपरटेक पामग्रीन (बिजली बंबा रोड) के निवासी और एक बड़े ऑटो पार्ट्स कारोबारी, रमन जोली के दो बेटे इस पूरी खौफनाक घटना के मुख्य आरोपी हैं।

 

  • बड़े भाई का नाम: नमन जोली (उम्र 37 वर्ष) - जो यह काल बनी इनोवा कार चला रहा था।
  • छोटे भाई का नाम: अमन जोली (उम्र 35 वर्ष) - जो उसी समय महिंद्रा थार (Mahindra Thar) गाड़ी चला रहा था।

 

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि शनिवार देर रात दोनों भाई अपनी-अपनी भारी-भरकम गाड़ियों (इनोवा और थार) से दिल्ली हाईवे पर एक-दूसरे से 'कार रेस' लगा रहे थे। रात का समय और खाली सड़क देखकर दोनों भाइयों के बीच एक-दूसरे को ओवरटेक (Overtake) करने की अंधी होड़ मची हुई थी। इसी जानलेवा रेसिंग के दौरान, बड़े भाई नमन जोली के हाथों से उसकी तेज रफ्तार इनोवा कार का स्टेयरिंग और नियंत्रण पूरी तरह से फिसल गया। बेकाबू हुई यह इनोवा सीधे सड़क किनारे गश्त कर रहे निर्दोष पुलिसकर्मियों पर कहर बनकर टूट पड़ी।

 

पुलिस का सख्त एक्शन: दोनों भाई गिरफ्तार, गाड़ियां जब्त

मेरठ पुलिस ने इस हिट-एंड-रन और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के दुस्साहसिक मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। अपने ही महकमे के सात जवानों के घायल होने से पुलिस विभाग में भारी रोष है।

 

ब्रह्मपुरी क्षेत्राधिकारी (CO) सौम्या अस्थाना का बयान: सीओ सौम्या अस्थाना ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस खौफनाक घटना को अंजाम देने वाले दोनों भाइयों (नमन जोली और अमन जोली) को गिरफ्तार कर लिया है।

 

  • वाहन सीज: हादसे में शामिल और रेस लगा रही दोनों हाई-एंड गाड़ियों (इनोवा और थार) को पुलिस ने मौके से अपने कब्जे में लेकर थाने में सीज कर दिया है।
  • जेल और सख्त कानूनी कार्रवाई: दोनों आरोपियों के खिलाफ रैश ड्राइविंग (Rash Driving), लापरवाही से जान जोखिम में डालने, हत्या का प्रयास और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
  • पुलिसकर्मियों को अवकाश: सीओ ने आगे बताया कि घायल हुए सभी सात पुलिसकर्मियों को उनके शारीरिक और मानसिक आघात से उबरने के लिए फिलहाल 5 दिन की मेडिकल छुट्टी (Medical Leave) दे दी गई है। उनके इलाज का पूरा खर्च विभाग द्वारा वहन किया जा रहा है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार उनकी सेहत की निगरानी कर रहे हैं।

 

सड़क सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल: मेरठ का यह इनोवा हादसा समाज और प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि आखिर इन अमीरजादों में कानून का खौफ क्यों नहीं है? सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को ताक पर रखने वाले ये लोग जब सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाले पुलिसकर्मियों को ही नहीं बख्शते, तो एक आम नागरिक सड़क पर कैसे सुरक्षित महसूस कर सकता है? अब मेरठ की जनता और पूरा पुलिस विभाग इस मामले में न्यायपालिका से सख्त से सख्त सजा की उम्मीद कर रहा है, ताकि भविष्य में कोई भी रईसजादा अपनी लग्जरी गाड़ी को हथियार बनाकर सड़क को रेस ट्रैक समझने की जुर्रत न कर सके।
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