उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में, निर्माणाधीन मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे (Meerut-Pauri Highway) पर अंडरपास (Underpass) बनाने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। बैराज हेमराज कॉलोनी मार्ग पर अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीण पिछले 6-7 महीनों से लगातार धरना दे रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी सुरक्षा की मांग पूरी नहीं हुई है।READ ALSO:-कलयुगी पिता का खूनी कहर! देखभाल न करने से नाराज, लाइसेंसी बंदूक से बेटे को मारा, बहू को भी गोली मारी
25 गाँवों का मुख्य मार्ग बना खतरा
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि निर्माणाधीन हाईवे ने उनके जीवन और आजीविका पर सीधा खतरा पैदा कर दिया है।
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मुख्य समस्या: बैराज से रावली तक लगभग 25 गाँव इसी मार्ग से जुड़े हैं। यह मार्ग इन गाँवों के लिए मुख्य आवागमन का साधन है, लेकिन भारी यातायात के कारण यह अत्यंत असुरक्षित हो गया है।
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असुरक्षित यात्री: स्थानीय लोग, किसान, मजदूर, पशुपालक और ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक, सभी भारी वाहनों के बीच हाईवे पार करने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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किसान की आजीविका: कई किसानों की कृषि भूमि हाईवे के दूसरी ओर है। पशुपालकों को भी प्रतिदिन अपने पशुओं को लेकर यह मार्ग पार करना पड़ता है, जिससे उनके जीवन और आजीविका दोनों को खतरा है।
NHAI के फैसले को बताया अपर्याप्त
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के साथ पहले हुई बातचीत में कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
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NHAI का प्रस्ताव: अधिकारियों ने केवल सर्विस लेन (Service Lane) और यू-टर्न (U-Turn) की अनुमति दी थी।
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ग्रामीणों का रुख: ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को स्थानीय आवश्यकताओं और सुरक्षा के लिए अपर्याप्त माना है। उनका तर्क है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली, भैंसा-बुग्गी और पैदल चलने वाले स्थानीय किसान भारी वाहनों की गति के बीच सुरक्षित रूप से हाईवे पार नहीं कर सकते।
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लगातार धरना: ग्रामीण पिछले 6-7 महीनों से अपनी इस मांग को लेकर लगातार धरने पर बैठे हैं, जो उनकी समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।
DM से सुरक्षा और अध्ययन की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी जसजीत कौर से इस गंभीर विषय पर तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
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DM से मांग: ज्ञापन में जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया है कि वह NHAI या संबंधित विभाग को इस मार्ग के लिए विस्तृत सुरक्षा और यातायात अध्ययन (Detailed Safety and Traffic Study) कराने का निर्देश दें।
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दीर्घकालिक समाधान: ग्रामीणों ने तात्कालिक और दीर्घकालिक समाधान, विशेषकर अंडरपास का डीपीआर (Detailed Project Report - DPR) तैयार करवाने की भी मांग की है।
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प्रतिनिधिमंडल: ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदीप अधिकारी, दिलीप अधिकारी, दीपक वाला, मनोरंजन, अमित मंडल, नेपाल मंडल, नकुल हालदार सहित दर्जनों लोग शामिल थे।
जिला प्रशासन का रुख
जिला प्रशासन को अब Meerut-Pauri Highway पर स्थानीय ग्रामीणों की इस लंबे समय से चली आ रही और जायज मांग पर तुरंत निर्णय लेना होगा। अंडरपास के निर्माण से ही 25 से अधिक गाँवों के लोगों के लिए सुरक्षित आवागमन संभव हो पाएगा।