खबरीलाल टीम
बदलते समय के साथ रसोई गैस के इस्तेमाल के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। भारी-भरकम लाल सिलेंडरों (LPG Cylinders) को ढोने और बार-बार खत्म होने की झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए मेरठ में अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को अनिवार्य किया जा रहा है। गेल गैस लिमिटेड (GAIL Gas Limited) ने शहर के गैस वितरण नेटवर्क को सुदृढ़ और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से एक सख्त और दूरगामी फैसला लिया है। कंपनी ने मेरठ की 50 चुनिंदा कॉलोनियों में एलपीजी सिलेंडरों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगाने की तैयारी कर ली है। आइए, इस पूरे नियम, इसकी समय सीमा और आम जनता पर पड़ने वाले इसके प्रभाव को विस्तार से समझते हैं।
 

गेल गैस लिमिटेड का मास्टरप्लान: 50 कॉलोनियां होंगी 'एलपीजी मुक्त'

​गेल गैस लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, जिन मुहल्लों या कॉलोनियों में पीएनजी (PNG) की अंडरग्राउंड पाइपलाइन सफलतापूर्वक बिछाई जा चुकी है और गैस की आपूर्ति शुरू हो गई है, वहां अब एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी को अनावश्यक माना जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य शहर को प्रदूषण मुक्त, सुरक्षित और स्मार्ट बनाना है।
 
​इस महत्वपूर्ण योजना को धरातल पर उतारने के लिए गेल गैस लिमिटेड ने इन 50 कॉलोनियों के विकासकर्ताओं (Developers), हाउसिंग सोसाइटी के अध्यक्षों (Presidents) और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के सचिवों को आधिकारिक तौर पर कड़े नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। इस नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सोसाइटी में रहने वाले सभी निवासियों को अब अनिवार्य रूप से पीएनजी के नेटवर्क से जुड़ना होगा।
 

3 महीने का सख्त अल्टीमेटम: सरेंडर करना ही होगा एलपीजी कनेक्शन

​गेल गैस लिमिटेड द्वारा जारी किए गए नोटिस में किसी भी तरह की ढील नहीं दी गई है। इन 50 कॉलोनियों में रहने वाले सभी परिवारों को बदलाव के लिए 3 महीने (90 दिन) की एक निश्चित समय सीमा दी गई है।
 
  • क्या है नियम? इस तय समय सीमा के भीतर सभी निवासियों को अपने मौजूदा एलपीजी कनेक्शन (इंडियन ऑयल, भारत गैस या एचपी गैस) को सरेंडर करना पड़ेगा और पीएनजी का नया कनेक्शन लेना होगा।
  • पेट्रोलियम कंपनियों का भी अल्टीमेटम: यह केवल गेल गैस लिमिटेड का आदेश नहीं है। इस नोटिस के साथ ही पेट्रोलियम कंपनियों का एक विशेष पत्र भी संलग्न किया गया है, जिसमें एलपीजी कनेक्शन छोड़ने की प्रक्रिया और अनिवार्यता का जिक्र है।
  • स्वतः रद्द हो जाएगा कनेक्शन: जो उपभोक्ता यह सोच रहे हैं कि वे इस नियम को अनदेखा कर देंगे, उनके लिए कंपनी ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है। यदि कोई उपभोक्ता 3 महीने के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर नहीं करता है, तो नोटिस की समय सीमा बीतने के बाद पेट्रोलियम कंपनियां (OMCs) स्वयं के स्तर से ही उस घर का एलपीजी कनेक्शन हमेशा के लिए रद्द (Cancel) कर देंगी। इसके बाद उन घरों में गैस सिलेंडर की डिलीवरी पूरी तरह से रोक दी जाएगी।

गेल गैस लिमिटेड के महाप्रबंधक का बयान

​इस पूरे अभियान की निगरानी कर रहे गेल गैस लिमिटेड, मेरठ क्षेत्र के महाप्रबंधक (GM) विनय कुमार ने इस फैसले की पुष्टि की है। उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया:
 
"हमने 50 चिह्नित कॉलोनियों के आरडब्ल्यूए (RWA), विकासकर्ता और सचिवों को आधिकारिक नोटिस जारी कर दिए हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि लोगों को इस ट्रांजिशन (बदलाव) में कोई परेशानी न हो। जल्द ही इसके लिए कॉलोनियों के भीतर एक व्यापक जागरूकता और कनेक्शन अभियान शुरू किया जाएगा। हमारा मुख्य लक्ष्य नोटिस की 3 महीने की समय सीमा के अंदर ही सभी चिह्नित घरों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंचाना है, ताकि लोगों की रसोई बिना किसी रुकावट के चलती रहे।"
 

मेरठ में गैस कनेक्शन का वर्तमान गणित (आंकड़ों की नजर में)

​अगर हम मेरठ शहर और पूरे जिले में गैस कनेक्शन के आंकड़ों पर नजर डालें, तो तस्वीर काफी साफ हो जाती है कि क्यों गेल गैस इस प्रक्रिया में तेजी ला रहा है:
 
  • जिले में कुल एलपीजी कनेक्शन: पूरे मेरठ जिले में वर्तमान में लगभग 5.50 लाख पारंपरिक एलपीजी गैस कनेक्शन सक्रिय हैं।
  • शहर में वर्तमान पीएनजी कनेक्शन: गेल गैस लिमिटेड अब तक शहर में 57,000 घरों तक पीएनजी का सफल कनेक्शन पहुंचा चुका है।
  • चिह्नित 50 कॉलोनियों का लक्ष्य: जिन 50 कॉलोनियों को नोटिस भेजा गया है, उनमें कुल मिलाकर लगभग 15,000 घर हैं।
  • कितने घरों में है पीएनजी? इन 15,000 घरों में से लगभग 7,500 घरों में पहले से ही पीएनजी कनेक्शन सफलतापूर्वक काम कर रहा है और वे एलपीजी छोड़ चुके हैं।
  • असली चुनौती: अब गेल गैस लिमिटेड का मुख्य लक्ष्य बाकी बचे 7,500 घरों को अगले 3 महीने (90 दिनों) के भीतर पीएनजी नेटवर्क से जोड़ना है।

एलपीजी की तुलना में पीएनजी को क्यों किया जा रहा है अनिवार्य? (PNG के बेजोड़ फायदे)

​प्रशासन और गेल गैस लिमिटेड द्वारा पीएनजी को अनिवार्य करने के पीछे कई ठोस, वैज्ञानिक और व्यावहारिक कारण हैं। पीएनजी केवल एक विकल्प नहीं है, बल्कि यह एलपीजी के मुकाबले कई मायनों में बेहतर है:
 
  1. सुरक्षा के लिहाज से सर्वोत्तम (Unmatched Safety): पीएनजी (Piped Natural Gas) हवा से हल्की होती है। यदि कभी गैस का रिसाव (Leakage) होता भी है, तो यह तुरंत हवा में ऊपर उठकर फैल जाती है और आग लगने का खतरा न के बराबर होता है। इसके विपरीत, एलपीजी हवा से भारी होती है और रिसाव होने पर यह फर्श पर बैठ जाती है, जिससे ब्लास्ट या बड़ी दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।
  2. 24x7 निर्बाध आपूर्ति (Convenience): एलपीजी गैस के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि वह अक्सर बीच खाना बनाते समय खत्म हो जाती है। इसके बाद गैस बुक करना और डिलीवरी का इंतजार करना एक बड़ा सिरदर्द होता है। पीएनजी में बिजली या पानी के कनेक्शन की तरह पाइपलाइन के जरिए 24 घंटे और सातों दिन लगातार गैस की सप्लाई होती है।
  3. सस्ती और बेहद किफायती (Cost-Effective): पीएनजी गैस पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर के मुकाबले औसतन 15% से 20% तक सस्ती पड़ती है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आपका बिल केवल उसी गैस का आता है, जितनी गैस आपने इस्तेमाल की है (मीटर रीडिंग के आधार पर)। एलपीजी में कई बार सिलेंडर में गैस बची रह जाती है या चोरी की शिकायतें मिलती हैं, पीएनजी में ऐसी कोई गुंजाइश नहीं होती।
  4. पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly): नेचुरल गैस एक स्वच्छ ईंधन (Clean Fuel) है। इसके जलने पर एलपीजी की तुलना में बहुत कम कार्बन उत्सर्जन होता है, जिससे घर के अंदर का वातावरण शुद्ध रहता है और यह हमारे पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भी मदद करता है।

आगे की राह: उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?

​जिन 50 कॉलोनियों में यह आदेश लागू किया गया है, वहां के निवासियों को अब बिना किसी देरी के गेल गैस लिमिटेड के अधिकारियों या अपनी हाउसिंग सोसाइटी के RWA से संपर्क करना चाहिए। पीएनजी कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है।
 
​उपभोक्ताओं को सिर्फ अपना पहचान पत्र, पते का प्रमाण और आवश्यक पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद कंपनी के तकनीकी कर्मचारी स्वयं आकर घर में पाइपलाइन की फिटिंग, मीटर इंस्टॉलेशन और गैस चूल्हे में जरूरी बदलाव (Nozzle Change) का काम पूरा करेंगे। 3 महीने का समय एक सुचारू बदलाव के लिए पर्याप्त है। इस कदम से न केवल मेरठ एक आधुनिक 'स्मार्ट सिटी' की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा, बल्कि लोगों के जीवन स्तर और सुरक्षा में भी अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।
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