खबरीलाल टीम
मेरठ (क्राइम विशेष रिपोर्ट): दुनिया में एक मां और उसके बच्चे का रिश्ता सबसे पवित्र, सुरक्षित और निस्वार्थ माना जाता है। कहा जाता है कि एक मां अपने बच्चे पर आने वाली हर आंच को खुद सह लेती है, लेकिन उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और ममता दोनों को शर्मसार कर दिया है।READ ALSO:-त्योहारों से पहले आम जनता को बड़ा झटका: महंगे होने वाले हैं टूथपेस्ट, टायर, पेंट और होम अप्लायंसेज; एफएमसीजी कंपनियों ने बढ़ाई कीमतें

 

मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के अंतर्गत वैशाली कॉलोनी के नाले में मिले छह माह के अज्ञात मासूम की लाश की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह से सुलझा लिया है। इस मासूम की हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी ही सगी मां ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए आरोपी मां शबाना और उसके प्रेमी विशाल को शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

 

13 जुलाई का वह मनहूस दिन: जब नाले में तैरती मिली मासूम की लाश

इस खौफनाक घटना की शुरुआत 13 जुलाई 2026 को हुई थी। नौचंदी थाना क्षेत्र की वैशाली कॉलोनी से सटे हुए एक गंदे नाले में एक युवक कबाड़ बीनने का काम कर रहा था। अचानक उसकी नजर नाले के गंदे पानी में बहकर आई एक छोटी सी गठरी पर पड़ी। जब उसने ध्यान से देखा, तो वह एक मासूम बच्चे का शव था।

 

कबाड़ी के शोर मचाने पर आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत नौचंदी पुलिस को सूचना दी और बच्चे के शव को नाले से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। काफी प्रयास के बावजूद उस समय बच्चे की शिनाख्त (पहचान) नहीं हो सकी। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 72 घंटे तक शिनाख्त का इंतजार करने के बाद, कोई वारिस सामने न आने पर पुलिस ने मासूम का लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार कर दिया था।

 

सहारनपुर से जुड़े तार: पिता के आंसुओं ने खोली हत्या की पोल

इस लावारिस लाश की कहानी यहीं खत्म हो जाती, लेकिन भाग्य को शायद उस मासूम के कातिलों को सजा दिलाना मंजूर था। घटना के कुछ दिनों बाद, सहारनपुर जिले के गंगोह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम दौलतपुर छन्नू का निवासी इमरान अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ मेरठ के नौचंदी थाने पहुंचा।

 

इमरान ने पुलिस को अपनी दर्दभरी दास्तान सुनाते हुए बताया कि उसका छह महीने का बेटा 'समीर' काफी दिनों से लापता है। उसकी पत्नी शबाना बच्चे को लेकर घर से बिना बताए निकल गई थी। काफी खोजबीन के बाद पत्नी शबाना तो मिल गई, लेकिन बच्चे का कहीं कुछ पता नहीं चला।

 

इमरान की कहानी सुनकर नौचंदी पुलिस का माथा ठनका। पुलिस ने तुरंत 13 जुलाई को नाले से बरामद हुए अज्ञात बच्चे की तस्वीरें इमरान को दिखाईं। फोटो देखते ही इमरान फफक-फफक कर रो पड़ा। वह तस्वीर किसी और की नहीं, बल्कि उसके जिगर के टुकड़े, छह माह के मासूम 'समीर' की थी।

 

शबाना की चुप्पी और पुलिस की सख्ती से उगला सच

बेटे की मौत की पुष्टि होने के बाद, इमरान भारी मन से वापस लौटा। उसने अपनी पत्नी शबाना से बच्चे के बारे में कड़ाई से पूछताछ की, लेकिन शबाना गोलमोल जवाब देती रही। जब इमरान और परिजनों ने सख्ती की, तो आखिरकार शबाना टूट गई और उसने अपने पाप का वह खौफनाक सच उगल दिया, जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। शबाना ने बताया कि उसने अपने प्रेमी विशाल के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है।

 

हत्या की खौफनाक साजिश: 5 मिनट में खत्म कर दी मासूम की जिंदगी

पुलिस की विस्तृत पूछताछ में प्रेमी विशाल और शबाना ने पूरी खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया। दोनों के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे और वे एक साथ नई जिंदगी शुरू करना चाहते थे।

 

वारदात की रात का घटनाक्रम:

  • वारदात वाली रात शबाना अपने प्रेमी विशाल के साथ भागकर मेरठ पहुंची थी। यहां से उन्हें आगे हापुड़ जाना था।
  • विशाल ने शबाना के सामने शर्त रखी कि वह इस छह महीने के बच्चे को अपने साथ नहीं ले जाएगा। उसने बच्चे को अपने साथ ले जाने से साफ मना कर दिया।
  • इसके बाद विशाल ने एक खौफनाक योजना बनाई। उसने शबाना की गोद से बच्चे को यह कहकर ले लिया कि वह उसे मेरठ में ही अपने किसी दोस्त के यहां सुरक्षित छोड़ आएगा।
  • विशाल मासूम को लेकर गया और महज 5 मिनट बाद खाली हाथ वापस आ गया।
  • उसने शबाना को बताया कि वह बच्चे को अपने दोस्त के पास छोड़ आया है। उस समय शबाना ने विशाल की बात पर विश्वास कर लिया (या फिर वह इस साजिश में पूरी तरह से शामिल थी)। असल में, विशाल ने उस 6 महीने के मासूम को वैशाली कॉलोनी के नाले में फेंक दिया था, जहां डूबने और दम घुटने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

 

जीरो एफआईआर (Zero FIR) और पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई

सच्चाई सामने आने के बाद इमरान ने शुक्रवार को अपने गृह जिले सहारनपुर के गंगोह थाने में पत्नी शबाना और उसके प्रेमी विशाल के खिलाफ हत्या की 'जीरो एफआईआर' (Zero FIR) दर्ज कराई। (नोट: जीरो एफआईआर वह प्रक्रिया है जिसमें पीड़ित किसी भी थाने में मुकदमा दर्ज करा सकता है, जिसे बाद में घटनास्थल वाले संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है।)
रात में ही यह एफआईआर मेरठ के नौचंदी थाने को ट्रांसफर कर दी गई। मामला दर्ज होते ही मेरठ पुलिस एक्शन में आ गई:

 

  1. पहली टीम का एक्शन: एक पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कलियुगी मां शबाना को गिरफ्तार कर लिया।
  2. दूसरी टीम का एक्शन: दूसरी टीम ने सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर हापुड़ जिले के 'मुदाफरा' इलाके में दबिश दी और मुख्य आरोपी प्रेमी विशाल को धर दबोचा।

 

शनिवार को दोनों आरोपियों को मेरठ लाया गया और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई, जिसमें दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

 

पुलिस अधीक्षक (SP) का बयान और न्यायिक हिरासत

इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस अधीक्षक (SP) ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया:

 

"शुक्रवार को हमें सूचना मिली थी कि जिस बच्चे का शव नौचंदी क्षेत्र के नाले से मिला था, उसकी गुमशुदगी सहारनपुर के गंगोह थाने में दर्ज है। गंगोह थाने से हत्या की जीरो एफआईआर प्राप्त होते ही मेरठ पुलिस ने त्वरित टीमें गठित कीं। विशाल को हापुड़ से और शबाना को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में स्पष्ट हुआ है कि प्रेमी विशाल ने बच्चे को रास्ते से हटाने के लिए नाले में फेंका था और मां शबाना की भी इसमें पूरी मिलीभगत और सहमति थी। दोनों आरोपियों को शनिवार देर शाम माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया है।"

 

यह घटना समाज के माथे पर एक कलंक की तरह है। अवैध संबंधों की अंधी चाहत में एक मां का इतना गिर जाना कि वह अपनी ही कोख से जन्मे छह माह के उस बच्चे की हत्या में शामिल हो जाए, जिसे अभी ठीक से दुनिया भी नहीं देखी थी, बेहद विचलित करने वाला है। मेरठ पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने भले ही मासूम समीर के कातिलों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया हो, लेकिन इस घटना ने हमारे सामाजिक और नैतिक मूल्यों के पतन पर एक गंभीर सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।
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