खबरीलाल न्यूज़ डेस्क (मेरठ): उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। मेरठ का बेगमपुल (Begumpul) इलाका, जो शहर के सबसे पॉश और व्यस्त व्यापारिक केंद्रों में गिना जाता है, बुधवार दोपहर उस वक्त दहशत में आ गया जब एक अज्ञात युवक ने दिनदहाड़े एक बड़े कारोबारी से 1 करोड़ रुपये की रंगदारी (Extortion) मांग ली।READ ALSO:-मेरठ में खाकी पर उठे गंभीर सवाल: दलितों पर अत्याचार के आरोप में SSP समेत 50 पुलिसकर्मियों के खिलाफ SC/ST कोर्ट पहुंचा मामला!
रंगदारी मांगना अपने आप में एक बड़ा अपराध है, लेकिन इस घटना में दहशत का स्तर तब और बढ़ गया जब रंगदारी मांगने वाले युवक ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे खूंखार और 5 लाख रुपये के इनामी फरार माफिया बदन सिंह बद्दो (Badan Singh Baddo) का नाम लिया। बद्दो का नाम सुनते ही पल भर के लिए कारोबारी के पैरों तले जमीन खिसक गई। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह व्यापारियों की हिम्मत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की एक शानदार मिसाल बन गया।
कैसे शुरू हुआ रंगदारी का यह हाई-वोल्टेज ड्रामा?
यह पूरी घटना बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहनपुरी विकासपुरी निवासी दो भाई, नितेश अग्रवाल (Nitesh Agarwal) और नीरज अग्रवाल, बेगमपुल पर ग्रीन होटल के समीप अपनी एक बड़ी घड़ी की दुकान चलाते हैं। घड़ियों के व्यापार के साथ-साथ इनका फाइनेंस (Finance) का भी बड़े स्तर पर काम है।
दोपहर के वक्त बाजार में आम दिनों की तरह ही चहल-पहल थी। तभी अचानक एक अज्ञात युवक अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर नितेश अग्रवाल की दुकान पर पहुंचता है। वह सीधे नितेश अग्रवाल के पास जाता है और बेहद दबंग अंदाज में कहता है, "एक करोड़ रुपये का इंतजाम करके रख लो। यह कोई छोटी-मोटी बात नहीं है, यह रकम सीधे बदन सिंह बद्दो को भेजनी है। रकम कब और कहां पहुंचानी है, इसका समय और दिन तुम्हें जल्द ही बता दिया जाएगा। अगर पैसे नहीं मिले, तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना।"
खौफ के बीच कारोबारी की सूझबूझ और व्यापारियों की एकजुटता
पश्चिमी यूपी में 'बदन सिंह बद्दो' का नाम अपराध का दूसरा नाम माना जाता है। वह पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद से ही देश-विदेश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। ऐसे खूंखार अपराधी का नाम सुनते ही व्यापारी नितेश और उनके भाई नीरज बुरी तरह घबरा गए।
लेकिन, दहशत के इस माहौल में भी नितेश अग्रवाल ने अपना मानसिक संतुलन नहीं खोया। उन्होंने बिना कोई देरी किए तुरंत यूपी-112 (UP-112) को कॉल कर पुलिस को मामले की सूचना दे दी। इसके साथ ही, उन्होंने चुपके से आसपास के अन्य दुकानदारों और व्यापारियों को भी इशारा कर दिया।
बेगमपुल के व्यापारियों ने गजब की एकजुटता दिखाते हुए तुरंत दुकान को घेर लिया और रंगदारी मांगने वाले उस युवक को भागने का मौका दिए बिना ही मौके पर दबोच लिया। कुछ ही मिनटों के भीतर पुलिस की पीआरवी (PRV) वैन सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंच गई। मामला चूंकि 5 लाख के इनामी कुख्यात बदन सिंह बद्दो से जुड़ा था, इसलिए स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सदर बाजार के इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्रा (Inspector Akhilesh Mishra) को भी तत्काल मौके पर बुला लिया गया।
थाने पहुंचते ही सामने आया 'कॉमेडी' जैसा सच
इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भारी भीड़ के बीच से आरोपी युवक को अपनी गाड़ी में बैठाकर सीधे सदर बाजार थाने ले गए। पुलिस को लग रहा था कि शायद उनके हाथ बदन सिंह बद्दो के नेटवर्क का कोई बड़ा गुर्गा लग गया है।
लेकिन, जब थाने में पुलिसिया अंदाज में पूछताछ शुरू हुई, तो जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि यह पूरा मामला किसी अंडरवर्ल्ड डॉन की साजिश का नहीं, बल्कि एक शराबी की सनक का था।
आरोपी की पहचान और उसका कबूलनामा: आरोपी युवक की पहचान रोहित त्यागी के रूप में हुई है, जो मेरठ के ही किठौर (Kithore) थाना क्षेत्र के महवाला गांव का रहने वाला है। जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछा कि उसने बदन सिंह बद्दो का नाम क्यों लिया, तो उसने जो बताया वह किसी फिल्मी कॉमेडी से कम नहीं था।
रोहित त्यागी ने पुलिस के सामने कुबूल किया कि वह भारी नशे में था और उसे और शराब पीने के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। उसे पता था कि अगर वह एक आम आदमी की तरह किसी बड़े व्यापारी से पैसे मांगेगा, तो कोई उसे एक फूटी कौड़ी भी नहीं देगा। इसलिए, सामने वाले को डराने और रातों-रात अमीर बनने की सनक में उसने बदन सिंह बद्दो का नाम इस्तेमाल करने की साजिश रची, ताकि डर के मारे कारोबारी उसे तुरंत पैसे दे दे।
पुलिस का कड़ा एक्शन: क्राइम हिस्ट्री खंगालने में जुटी टीमें
भले ही रोहित त्यागी ने यह सब नशे की हालत में किया हो, लेकिन कानून की नजर में रंगदारी मांगना और किसी कुख्यात अपराधी के नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाना एक बेहद संगीन जुर्म है।
एसपी सिटी विनायक भोसले (SP City Vinayak Bhosale) ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए रखी है। खबरीलाल से बातचीत के दौरान एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस इस मामले को हल्के में नहीं ले रही है।
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गहन जांच: पुलिस की एक विशेष टीम रोहित त्यागी की पूरी क्राइम हिस्ट्री (Criminal Record) चेक कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या वह सच में सिर्फ एक शराबी है, या उसका बदन सिंह बद्दो के किसी पुराने नेटवर्क या गुर्गे से कोई दूर का भी संपर्क है।
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वाहन की जब्ती: पुलिस ने उस मोटरसाइकिल को भी अपने कब्जे में ले लिया है, जिस पर सवार होकर आरोपी बेगमपुल पहुंचा था। बाइक के रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर की जांच की जा रही है।
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मुकदमा दर्ज: पीड़ित कारोबारी नितेश अग्रवाल की तरफ से आरोपी रोहित त्यागी के खिलाफ रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने और दहशत फैलाने की लिखित तहरीर दे दी गई है। पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
व्यापारी समाज के लिए एक बड़ा सबक
मेरठ के बेगमपुल की यह घटना दो बड़े संदेश देती है। पहला, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज भी बड़े अपराधियों के नाम का खौफ किस कदर हावी है कि छोटे-मोटे नशेड़ी भी उसी खौफ का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। दूसरा और सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि अगर व्यापारी वर्ग नितेश अग्रवाल की तरह सूझबूझ दिखाए और तुरंत डायल 112 का इस्तेमाल करे, तो बड़े से बड़े अपराध को रोका जा सकता है। बेगमपुल के व्यापारियों की एकजुटता और मेरठ पुलिस के त्वरित एक्शन (Quick Action) ने आज एक बड़ा उदाहरण पेश किया है, जो भविष्य में ऐसे असामाजिक तत्वों के हौसले पस्त करने का काम करेगा।