खबरीलाल टीम
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ब्रहमपुरी थाना क्षेत्र के भगवतपुरा इलाके में बुधवार रात (26 नवंबर 2025) संपत्ति के मामूली विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि एक सगे छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई को चाकू मारकर मौत के घाट उतार दिया। यह वारदात उस समय हुई जब घर में बड़े भतीजे की शादी की तैयारियां चल रही थीं, जिससे खुशी का माहौल एकाएक मातम में बदल गया।READ ALSO:-बीच सड़क पर गुंडई: बिजनौर में युवक पर बेल्ट और लात-घूंसों की बरसात; जान बचाने के लिए दुकान में कूदा पीड़ित, CCTV में कैद हुई वारदात

 

संपत्ति विवाद में खूनी खेल

भगवतपुरा निवासी विषपाल वर्मा के तीन बेटों में से बीच वाले बेटे सचिन वर्मा और सबसे छोटे बेटे दीपक वर्मा (उर्फ कुक्कू) अपनी पत्नी और बच्चों के साथ एक ही मकान में रहते थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, पिछले पांच सालों से दोनों भाइयों के बीच संपत्ति बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

 

बुधवार रात करीब 9 बजे दोनों भाइयों में एक बार फिर इसी संपत्ति को लेकर झगड़ा शुरू हुआ। बात इतनी बढ़ गई कि छोटे भाई दीपक ने गुस्से में आकर बड़े भाई सचिन पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। सचिन को तुरंत बागपत रोड स्थित केएमसी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

हत्याकांड का समय और आरोपी की गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलते ही सीओ ब्रहमपुरी सौम्या अस्थाना सहित थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी छोटे भाई दीपक उर्फ कुक्कू को तुरंत हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

 

मृतक सचिन वर्मा सराफा बाजार में ज्वैलरी का काम करते थे, जबकि आरोपी छोटा भाई दीपक भी मेरठ में ही ज्वैलरी की दुकान या काम करता है। 

 

तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

मृतक सचिन वर्मा की पत्नी शिवानी का मायका दिल्ली का है। उनकी शादी 12 साल पहले हुई थी और उनके तीन छोटे बच्चे हैं—वासु वर्मा (13), कीर्ति (11 साल) और सबसे छोटा बेटा हन्नू (3 साल)। इस जघन्य वारदात ने तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया है।

 

सचिन की पत्नी शिवानी ने अस्पताल के बाहर रोते हुए बताया कि उन्होंने ही सचिन को फोन कर घर वापस बुलाया था। उन्होंने बताया कि उनकी सास की मौत 2015 में हो गई थी और तभी से यह संपत्ति का विवाद चल रहा है। इस मेरठ भाई की हत्या ने परिवार के भीतर के गहरे कलह को उजागर कर दिया है।

 

शादी की खुशियां पल भर में बदली मातम में

वर्मा परिवार के सबसे बड़े बेटे दिग्विजय वर्मा के बेटे मयंक वर्मा की शादी की तारीख 30 नवंबर को तय थी। घर में शादी की धूमधाम से तैयारियां चल रही थीं, जिसके लिए रिश्तेदार भी जुटने लगे थे। इस हत्या की घटना से शादी का पूरा माहौल खराब हो गया है। घर में खुशी की जगह अब गम और मातम पसर गया है।

 

पुलिस ने बताया कि हत्या का प्राथमिक कारण संपत्ति विवाद ही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिवार के अन्य सदस्यों से भी बयान लिए जा रहे हैं। संपत्ति विवाद के इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कैसे जायदाद के लालच में इंसान खून के रिश्ते को भी ताक पर रख देता है। 

 

यह घटना स्थानीय समुदाय के लिए सदमे का विषय बन गई है। संपत्ति के विवाद में मेरठ भाई की हत्या जैसी वारदातें सामाजिक ताने-बाने को तोड़ती हैं। पुलिस अब जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने की कार्रवाई करेगी।
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